कक्षा-10वीं (1053-A)
विषय - सामाजिक विज्ञान
समय - 3 घंटा मॉडल उत्तर पूर्णांक - 75 अंक
निर्देश
:-
1. प्रश्न क्रमांक से 5 तक वस्तुनिष्ठ प्रश्न
होंगे। प्रत्येक प्रश्न हेतु 6 अंक निर्धारित है।
2. प्रश्न क्रमांक 6 से 23 तक प्रत्येक में आंतरिक
विकल्प दिये गये हैं।
3. प्रश्न क्रमांक 6 से 17 तक प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का है। उत्तर लिखने
की शब्द सीमा लगभग 30 शब्द है।
4. प्रश्न क्रमांक 18 से 20 तक प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का है। उत्तर लिखने
की शब्द सीमा लगभग 75 शब्द है।
5. प्रश्न क्रमांक 21 से 23 तक प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का है। उत्तर लिखने
की शब्द सीमा लगभग 120 शब्द है।
6. प्रश्न क्रमांक 23 मानचित्र आधारित प्रश्न
है।
प्र. 1. निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए
- (1x6=6)
i. शांत घाटी का सम्बन्ध किस राज्य से है?
(अ) तमिलनाडु
(ब) केरल
(स) कर्नाटक
(द) उड़ीसा
उत्तर - (ब) केरल
ii. ‘यूरोपीय सभ्यता का पालना’
किस देश को कहा जाता है?
(अ) रूस
(ब) इटली
(स) यूनान
(द) इंग्लैंड
उत्तर - (स) यूनान
iii. ‘कॉर्न लॉ’
निम्न में से किस देश में लागू किया गया था?
(अ) भारत
(ब) फ्रांस
(स) चीन
(द) ब्रिटेन
उत्तर - (द) ब्रिटेन
iv. ग्रामीण स्तर पर स्वशासन
की इकाई है -
(अ) ग्राम पंचायत
(ब) नगर पालिका
(स) नगर निगम
(द) नगर परिषद
उत्तर - (अ) ग्राम पंचायत
v. देश की राष्ट्रीय आय
में सर्वाधिक योगदान निम्न में से किस का होता है ?
(अ) प्राथमिक क्षेत्रक (ब) द्वितीयक क्षेत्रक
(स) तृतीयक क्षेत्रक
(द) चतुर्थक क्षेत्रक
उत्तर - (स) तृतीयक क्षेत्रक
vi. मुद्रा के आधुनिक
रूपों में सम्मिलित है -
(अ) करेंसी (ब)
सिक्के
(स) चेक (द) उपरोक्त सभी
उत्तर - (द) उपरोक्त सभी
प्र. 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए - (1x6=6)
i. भाखड़ा नागल
परियोजना का विकास ................................नदियों के बेसिन में किया गया
है।
उत्तर – सतलुज और व्यास
ii. भूमंडलीकरण
की शुरुवात ....................................................................
के दशक में हुई।
उत्तर – 1990 के दशक में
iii. महात्मा
गाँधी के अनुसार ............................ राज्य वास्तविक लोकतंत्र की स्थापना
करता है।
उत्तर – पंचायती
iv. धारणीय
विकास की ....................................................................
श्रेष्ठ अवस्था होती है ।
उत्तर – स्थिति या सतत पोषण या तीन
v. उद्योग
क्षेत्र को ................................................................................
क्षेत्र कहते हैं ।
उत्तर – द्वितीयक
vi. स्व-सहायता
समूह में अधिकतम ........................................................ सदस्य
होते हैं ।
उत्तर – 20
प्र.3- सही जोड़ी बनाइये- (1x6=6)
(अ) (ब)
i. सर्वाधिक साक्षरता
वाला राज्य - क) राजस्थान
ii. संघीय शासन व्यवस्था - ख)
केरल
iii. बेल्जियम
मॉडल -
ग) बेल्जियम
iv. साईमन कमीशन - घ)
उदारता और समानतावादी समुदाय
v. फ़्रांस की क्रांति -
ड) 1928
vi. इंदिरा गाँधी नहर - च)
1948
उत्तर –
(अ) (ब)
i. सर्वाधिक साक्षरता वाला राज्य - ख)
केरल
ii. संघीय शासन व्यवस्था - ग) बेल्जियम
iii. बेल्जियम मॉडल -
घ) उदारता और समानतावादी समुदाय
iv. साईमन कमीशन - ड)
1928
v. फ़्रांस की क्रांति - च) 1948 (सही उत्तर 1848)
vi. इंदिरा गाँधी नहर - क)
राजस्थान
प्र.4-
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर
एक शब्द या एक वाक्य लिखिये - (1x6=6)
i. श्लेष और बर्न किससे सम्बंधित है?
उत्तर – झूम
खेती या स्थानान्तरी खेती या आदिम खेती
ii. सरदार सरोवर बाँध किस नदी पर बनाया गया है?
उत्तर – नर्मदा
नदी
iii. पहले
विश्व बाज़ार के रूप में कौन सा शहर उभर कर आया था?
उत्तर – अलेक्जेंड्रिया
iv. भारत में किस प्रकार
की शासन प्रणाली है?
उत्तर – संघात्मक
या लोकतांत्रिक या जनतांत्रिक या गणतांत्रिक या प्रजातान्त्रिक
v. जी.डी.पी. का पूरा नाम
लिखिए.
उत्तर – ग्रॉस
डोमेस्टिक प्रोडक्ट या सकल घरेलु उत्पाद.
vi. बैंकों में आय का
प्रमुख स्रोत कौन – सा है?
उत्तर – कर्जदारों से लिए गए गए ब्याज और जमाकर्ताओं को दिए
गए ब्याज का अंतर बैंकों की आय का प्रमुख स्रोत है.
प्र.5- निम्नलिखित प्रश्नों में सत्य असत्य लिखिए - (1x6=6)
i. सरिस्का बाघ रिज़र्व मध्यप्रदेश राज्य में स्थित है।
उत्तर - असत्य
ii. गैरीबाल्डी व्यापारिक नौसेना में एक सैनिक था।
उत्तर - सत्य ( गैरीबाल्डी
व्यापारिक नौसेना में एक नाविक था )
iii. डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर द्वारा मार्च 1933 में दमित वर्ग
एसोसियेशन की स्थापना की गई थी।
उत्तर – असत्य ( 1930 में की गई थी )
iv. विल्स नदी को पार
करना ट्रांसवाल की सोना खदानों तक पहुचने का सबसे आसान और छोटा रास्ता था।
उत्तर – सत्य
v. एकात्मक शासन व्यवस्था में केन्द्रीय सरकार पास ही सभी
मामले होते हैं।
उत्तर – सत्य
vi. निजी क्षेत्र में लोक कल्याण की भावना सर्वोपरी होती है।
उत्तर – असत्य
प्र.6- समोच्च जुताई किसे कहते हैं ? 2
अथवा
चादर अपरदन किसे कहते हैं?
उत्तर – समोच्च
जुताई :- ढाल वाली भूमि पर समोच्च रेखाओं के समानांतर जुताई करनी चाहिए. इससे जल
के बहाव की गति कम होती है।।
अथवा
चादर
अपरदन – कई बार जल विस्तृत क्षेत्र को ढंके हुए ढाल के साथ नीचे की ओर बहता है ,
एसी स्थिति को चादर अपरदन कहते हैं।
प्र.7- मृदा निम्नीकरण से क्या आशय है? 2
अथवा
मृदा संरक्षण से क्या आशय है?
उत्तर – मृदा
के उपजाऊपन में कमी आना ही मृदा का निम्नीकरण कहलाता है .
जिसे मृदा का अपरदन भी कहते हैं. मृदा अपरदन प्रवाहित जल और
पवन द्वारा होता है। मृदा अपरदन अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों और पर्वतीय भागों में
भी अधिक होता है।
अथवा
मृदा संरक्षण – मृदा को निम्नीकरण से बचाना
अथवा मिटटी के अपरदन को विभिन्न तरीकों से रोकना ही मृदा का संरक्षण कहलाता है।
प्र.8- बागर और खादर मिटटी में दो अंतर लिखिए। 2
अथवा
काली मिट्टी की दो विशेषताएँ लिखिए ।
उत्तर –
बागर और खादर मिट्टी में दो अंतर –
बांगर |
खादर |
1. ये
पुरानी जलोढ़ मिट्टी वाले भू भाग हैं। |
1. ये
नवीनतम जलोढ़ मिट्टी वाले भू भाग हैं। |
2. इसकी
संरचना जलोढ़ के जमाव के छज्जेनुमा हो जाती है। |
2. लगभग
हर वर्ष इसकी मिट्टी बदलती रहती है। |
3. ये
नदियों के बाढ़ वाले मैदान के ऊपर स्थित हैं। |
3. ये
नदियों के बाढ़ वाले मैदान होते हैं। |
4. यह
भू भाग अनुपजाऊ होता है। |
4. यह
भू भाग अत्यधिक उपजाऊ होता है। |
अथवा
काली
मिट्टी की दो विशेषताएँ –
1.
इस
मिट्टी का रंग काला होता है.
2.
इसे रेगर
मिट्टी के नाम से भी जानते हैं.
3.
यह लावा
जनक शैलों से बनी होती है.
4.
काली
मृदा बहुत महीन कानों अर्थात मृत्तिका से बनी है.
5.
इसकी नमी
धारण करने की क्षमता बहुत होती है.
6.
ये
मृदाएँ कैल्शियम, कार्बोनेट , मैग्नीशियम, पोटाश और चूने जैसे
पौष्टिक तत्वों से परिपूर्ण होती है.
7.
इसमें
फॉस्फोरस की मात्रा कम होती है.
प्र.9- शुद्ध (निवल) बोया गया क्षेत्र किसे कहते हैं? 2
अथवा
सकल कृषि क्षेत्र से क्या तात्पर्य है?
उत्तर – शुद्ध
(निवल) बोया गया क्षेत्र – वह भूमि जिस पर फसलें उगाई व
काटी जाती हैं। उसे निवल बोया
गया क्षेत्र अथवा शुद्ध बोया गया क्षेत्र कहते हैं।.
अथवा
सकल कृषि
क्षेत्र – एक कृषि वर्ष में एक बार से अधिक बोये गए क्षेत्र को शुद्ध (निवल) बोये
गए क्षेत्र में जोड़ दिया जाये तो वह सकल कृषि क्षेत्र कहलाता है.
प्र.10- कॉर्न लॉ से क्या आशय है? 2
अथवा
‘सिल्क मार्ग’ से क्या आशय है?
उत्तर – कॉर्न
लॉ - ब्रिटेन में बड़े भू-स्वामियों के दबाव में आकर
वहाँ की सरकार ने मक्का के आयात पर पाबन्दी लगा दी। जिन कानूनों के आधार पर यह
पाबन्दी लगायी गयी थी. उन्हें ही ’कॉर्न-लॉ’ कहा जाता था।
अथवा
सिल्क मार्ग-जमीन या
समुद्र से होकर गुजरने वाले ये मार्ग न केवल एशिया के विशाल क्षेत्रों को एक-दूसरे
से जोड़ते थे, बल्कि एशिया को यूरोप और उत्तरी
अफ्रीका से जोइते थे। इस मार्ग से ही चीन से पश्चिमी देशों को विशेष रूप से रेशम
(सिल्क) का निर्यात किया जाता था। इसी कारण इस मार्ग को सिल्क मार्ग कहा जाता था।
प्र.11- ‘ द स्मिथफील्ड क्लब पशु बाज़ार’ क्या था?? 2
अथवा
सर हेनरी मोर्टन स्टैनली क्यों प्रसिद्ध हैं?
उत्तर – द स्मिथफील्ड क्लब पशु बाज़ार लन्दन का सबसे पुराना
पशु बाज़ार था. जहाँ पर जानवरों की खरीद फरोख्त की जाती थी.
अथवा
सर हेनरी मोर्टन स्टैनली एक खोजी पत्रकार औए अन्वेषक थे.
इनको न्युयोर्क हेराल्ड के लिए काम करते हुए अफ्रीकी भूदृश्य की पड़ताल की तथा विभिन्न
इलाकों के नक़्शे बनाये जिससे अमेरिका अफ्रीका को अपना उपनिवेश बना सके।
प्र.12- रिंडरपेस्ट से क्या आशय है? 2
अथवा
गिरमिटिया कौन थे?
उत्तर – रिंडरपेस्ट
पशुओं की एक बीमारी थी. जो अफ्रीकी पशुओं में होने के कारण वह के पशु पालक समुदाय
बेरोजगार हो गया और यूरोपीय औपनिवेशिक दासता का शिकार हो गया।
अथवा
गिरमिटिया मजदूर-औपनिवेशिक शासन
के समय अनेक लोगों को काम करने के लिए फिजी, गुयाना, वेस्टइंडीज आदि स्थानों पर ले जाया
गया था। इन मजदूरों को ही बाद में गिरमिटिया मजदूर कहा जाने लगा। मजदूरों को एक
अनुबंध (एग्रीमेंट) के तहत ले जाया जाता था। इस अनुबंध को गिरमिट उच्चारण करने के कारण ये मजदुर गिरमिटिया मजदुर कहलाये।
प्र.13- ‘ नई दास प्रथा’ से क्या आशय है?। 2
अथवा
‘होसे ‘ से क्या आशय है?
उत्तर – 19वीं सदी की अनुबंध व्यवस्था जिसे गिरमिटिया मजदूर व्यवस्था के नाम से जाना जाता है को
काफी लोगों ने ’नयी दास प्रथा’ का नाम दिया है। 19वीं सदी में भारत और चीन के लाखों
मज़दूरों को बागानों, खादानों और सड़क व रेलवे निर्माण
परियोजनाओं में काम करने के लिए दूर-दूर के देशों में ले जाया जाता था। जिसमे वे एक निश्चित समयावधि के लिए अपने मालिक के गुलाम
की तरह हो जाते थे.
अथवा
होसे-त्रिनिदाद में आप्रवासी लोगों के द्वारा
मुहर्रम के सालाना जुलूस को एक विशाल उत्सवी मेले का रूप दिया गया था। इस मेले को
ही ’होसे कहा जाता है।
प्र.14- प्राथमिक क्षेत्रक में क्या – क्या सम्मिलित
है? 2
अथवा
तृतीयक क्षेत्रक में क्या – क्या सम्मिलित है?
उत्तर – प्राथमिक
क्षेत्रक में कृषि, वानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, मुर्गीपालन, और खनन तथा उत्खनन शामिल है।
अथवा
तृतीयक क्षेत्रक में व्यापार, परिवहन, संचार, बैंकिंग, बीमा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन सेवाएँ आदि
सम्मिलित हैं।
प्र.15- छिपी बेरोजगारी से क्या आशय है? 2
अथवा
प्रछन्न बेरोजगारी को उदहारण सहित लिखिए।
उत्तर - प्रछन्न बेरोजगारी - जब
किसी काम में जितने लोगो की जरूरत हो उससे ज्यादा लोग काम में लगे हो और वह अपनी
उत्पादन क्षमता से कम योग्यता से काम कर रहे है । प्रच्छन्न तथा छुपी बेरोजगारी या अल्प रोजगार की स्थिति भी
कहते है ।
अथवा
प्रछन्न बेरोजगारी - जब
किसी काम में जितने लोगो की जरूरत हो उससे ज्यादा लोग काम में लगे हो और वह अपनी
उत्पादन क्षमता से कम योग्यता से काम कर रहे है । प्रच्छन्न तथा छुपी बेरोजगारी या अल्प रोजगार की स्थिति भी
कहते है ।
उदहारण - कृषि क्षेत्र में इस प्रकार की बेरोजगारी की समस्या
अधिक है अर्थात् यदि हम कुछ लोगों को कृषि क्षेत्र से हटा भी देते हैं तो उत्पादन
में विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा ।
प्र.16- प्राथमिक क्षेत्र में सुधार के दो सुझाव
लिखिए । 2
अथवा
सकल घरेलु उत्पादन किसे कहते हैं?
उत्तर – प्राथमिक
क्षेत्रक में सुधार हेतु प्रमुख सुझाव –
1.
असिंचित
भूखंड को सिंचित बनाने हेतु सरकार द्वारा कुंए के निर्माण हेतु राशि अथवा ऋण देना
चाहिए.
2.
कई खेतों
को एक साथ सिंचित बनाने के लिए बाँध बनाये जा सकते हैं.
3.
खेतों के
नजदीक ही उत्पादों के लिए खरीदी – बिक्री केंद्र बनाया जाना चाहिए ताकि फसल बेचने
में आसानी हो.
4.
फसलों के
भण्डारण हेतु भण्डारण केंद्र और कोल्ड स्टोरेज का निर्माण किया जाना चाहिए.
5.
ग्रामीण
क्षेत्रों से शहरों के लिए बेहतर सड़कों का निर्माण किया जाना चाहिए ताकि फसलों के
परिवहन में आसानी हो.
6.
बीजों, उर्वरकों, कृषिगत उपकरणों आदि
की व्यवस्था की जाना चाहिए.
7.
खनन तथा
उत्खनन के लिए धारणीय विकास अपनाया जाना चाहिए.
8.
उचित
ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाना चाहिए.
अथवा
सकल घरेलु उत्पादन - किसी विशेष वर्ष में प्रत्येक क्षेत्रक द्वारा उत्पादित
अंतिम वस्तुओं औए सेवाओं का मूल्य ही उस वर्ष के लिए उस क्षेत्रक का कुल उत्पादन
कहलाता है. और तीनों क्षेत्रकों के कुल उत्पादन के योग को सकल घरेलु उत्पादन कहते
हैं.
प्र.17- मनरेगा गरीबी उन्मूलन में किस प्रकार से
सहायक हो रही है? लिखिए | 2
अथवा
निजी क्षेत्रक क्या है? उदहारण सहित समझाइये।
उत्तर – मनरेगा के माध्यम से सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में
अकुशल श्रमिकों को वर्ष में 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने की गारंटी देती है। और रोजगार उपलब्ध न करा पाने की स्थिति में बेरोजगारी
भत्ता देगी। इस
अधिनियम के अंतर्गत भूमि से उत्पादन बढ़ाने वाले कामों को प्राथमिकता दी जाएगी
जिससे गरीबी उन्मूलन में सहायता मिलगी।
अथवा
आर्थिक गतिविधियों का वह क्षेत्रक जिसमें उद्यमों का
स्वामित्व एकल व्यक्ति या कंपनी के हाथों में होता है । उसे निजी क्षेत्रक कहते हैं । उदहारण – टाटा आयरन एंड स्टील कम्पनी लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रीज
लिमिटेड ।
प्र.18- पर्यावरण विनाश के प्रमुख कारक कौन – कौन से
हैं? लिखिए। 3
अथवा
वन संरक्षण में संयुक्त वन प्रबंधन कार्यक्रम की भूमिका स्पष्ट कीजिये ।
उत्तर :पर्यावरण
विनाश के प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं –
(1) आवास बनाने हेतु भूमि की बढ़ती मांग के कारण हमने जंगलों को उजाड़ कर उसे कृषि
भूमि में बदल दिया है। इससे वन क्षेत्र कम हो गया है।
(2) सड़क, रेल तथा बड़ी विकास योजनाओं के कारण हमने वनों को क्षति पहुंचाई है। इस तरह के मानवीय
क्रियाकलापों ने प्रतिकूल प्रभाव डाला है।
(3) खनिजों को निकालने के लिए हमने जंगलों को बर्बाद किया है।
(4) कल-कारखानों को लगाने हेतु वनों को साफ किया गया है।
(5) वाणिज्य वानिकी के जरिए हमने कुछ ही पेड़ पौधों का रोपण किया है जिससे जैव विविधता
खतरे में पड़ गया है।
(6) जंगलों में लगने वाली आग अर्थात दावानल के कारण जंगल के जंगल नष्ट हो रहे है।
(7) जंगली जानवरों का शिकार, पर्यावरणीय प्रदूषण, विषाक्तकरण जैसे कारकों से जीव-जंतुओं के अस्तित्व पर प्रतिकूल प्रभाव पडा है।
जिससे कई वनस्पतिजात एवं प्राणीजात लुप्त हो चुके हैं।
(8) उपनिवेशकालीन वन नीति भी पर्यावरण संरक्षण के विपरीत कार्य किया।
अथवा
वन संरक्षण में संयुक्त वन प्रबन्धन की भूमिका – भारत में
संयुक्त वन प्रबंधन कार्यक्रम क्षरित वनों के प्रबंध और पुनर्निर्माण में स्थानीय
समुदायों की भूमिका के महत्व को उजागर करते हैं | इसके अंतर्गत गाँव स्तर पर
समितियां बनाकर ग्रामीण और वन विभाग एक साथ काम करते हैं | इस कार्य के बदले
ग्रामीणों को वनों से गैर इमारती लकड़ी और अन्य उत्पाद मिल जाते हैं |
प्र.19- विकेंद्रीकरण के तीन लाभ लिखिए | 3
अथवा
क्षेत्रवाद लोकतंत्र के लिए किस प्रकार बाधक है? समझाइये|।
उत्तर – जब
केंद्र और राज्य सरकार से सत्ता संचालन की कुछ शक्तियों को विभाजित कर ली जाती है
और स्थानीय सरकार को दे दी जाती है, तो इसे विकेंद्रीकरण कहा जाता है। विकेंद्रीकरण के लाभ निम्नलिखित
हैं :-
(i) स्थानीय लोगों को बेहतर ज्ञान हैः विकेंद्रीकरण के पीछे मूल विचार यह है कि बड़ी संख्या में
समस्याएं और मुद्दे हैं जो स्थानीय स्तर पर सबसे अच्छी तरह से सुलझाए जाते हैं।
लोगों को अपने इलाके की समस्याओं की बेहतर जानकारी है। उनके पास इस बारे में भी
बेहतर विचार हैं कि पैसा कहां खर्च किया जाए, और चीजों को अधिक कुशलता से कैसे प्रबंधित किया जाए।
(ii) लोगों की प्रत्यक्ष भागीदारी - विकेंद्रीकरण लोगों के लिए निर्णय लेने में सीधे भाग लेना
संभव बनाता है। यह लोकतांत्रिक भागीदारी की आदत को विकसित करने में मदद करता है।
स्थानीय सरकार लोकतंत्र के एक महत्वपूर्ण सिद्धांत, स्थानीय स्वशासन को साकार करने का सबसे अच्छा तरीका है।
(iii) लोकतंत्र की नींव - एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्थानीय सरकारें सबसे
महत्वपूर्ण होती हैं। ये स्थानीय नागरिकों और स्थानीय नेतृत्व के लिए प्रशिक्षण
स्कूल हैं। ये राजनीतिक शिक्षा प्रदान करते हैं। लोग चुनावी प्रक्रिया और अपने वोट
के उचित उपयोग से परिचित हो जाते हैं, जो लोकतंत्र की नींव है।
(iv) केंद्र सरकार के बोझ में कमी - यह केंद्र या राज्य सरकारों के बोझ को कम करता है। ये
राष्ट्रीय या राज्य महत्व के मामलों पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर सकते
हैं। इस तरह, स्थानीय
स्वशासन आज के शासन के तीनों स्तरों पर, हर जगह दक्षता सुनिश्चित करता है। भारतीय नेताओं ने
विकेंद्रीकरण की आवश्यकता को पहचाना है।
(v) महिला सशक्तिकरण - सभी स्थानीय निकायों में कम से कम एक तिहाई पद महिलाओं के
लिए आरक्षित हैं। इससे महिला सशक्तिकरण हुआ है।
(vi) जब केंद्र और राज्यों और
स्थानीय सरकार के बीच सत्ता साझा की जाती है तो संघर्ष कम हो जाता है।
(vii) स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या
में समस्याओं और मुद्दों को सुलझाया जा सकता है।
(viii) लोगों को अपने इलाकों में अपनी
समस्याओं के बारे में बेहतर जानकारी है।
(ix)वे बेहतर जानते हैं कि पैसा
कहां खर्च करना है और चीजों को कुशलता से कैसे प्रबंधित करना है।
(x) स्थानीय स्तर पर लोग सीधे
निर्णय लेने में भाग लेते हैं।
अथवा
क्षेत्रवाद एक विचारधारा है जिसका
संबंध ऐसे क्षेत्र से होता है जो धार्मिक, आर्थिक, सामाजिक या सांस्कृतिक कारणों से अपने पृथक अस्तित्व के लिये जाग्रत होती
है या ऐसे क्षेत्र की पृथकता को बनाए रखने के लिये प्रयासरत रहती है। क्षेत्रवाद
लोकतंत्र के लिए एक बड़ी बाधा है जिसके कारण निम्नलिखित हैं –
· बार-बार
नए राज्यों के गठन से देश की एकरूपता एवं अखंडता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
· अब
तक गठित नए राज्यों में एक भी ऐसा नया राज्य सामने नहीं आया है, जिसके गठन के बाद विकास दर में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई हो।
· क्षेत्रवाद
के कारण केंद्र-राज्य संबंधों पर भी नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है।
· क्षेत्रवाद
से गठबंधन की राजनीति को प्रोत्साहन मिलता है जिससे क्षेत्रों के विकास के लिये
नीति-निर्माण या फिर इन नीतियों के क्रियान्वयन में दुविधा उत्पन्न होती है।
· क्षेत्रवाद
के परिणामस्वरूप अनेक क्षेत्रीय दलों का उदय हुआ है जिसके चलते प्रत्येक क्षेत्र
के हित समूह अर्थात् नेता,उद्योगपति तथा राजनीतिज्ञ
अपने-अपने क्षेत्रीय विकास को ही प्राथमिकता देते नज़र आते हैं।
· क्षेत्रीय
स्तर पर विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा क्षेत्रीय विकास के वायदे कर लोगों के
धार्मिक विश्वास का प्रयोग वोट बैंक के तौर पर किया जाता है जिसके चलते देश में
सांमप्रदायिकता एवं हिंसा का माहौल पैदा होता है।
· क्षेत्रवाद
के कारण देश में अलगाववाद की भावना को बढ़ावा मिलता है, समय- समय पर हमें इसके कुछ उदाहरण भी देखने को मिले हैं जैसे-असम में
अल्फा गुट का गठन, मिज़ोरम में मिज़ो नेशनल फ्रंट की
गतिविधियाँ इत्यादि क्षेत्रवाद एवं अलगाववाद की भावना से ही प्ररित हैं।
प्र.20- रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के तीन कार्य लिखिए । 3
अथवा
औपचारिक क्षेत्र से प्राप्त ऋण की विशेषताएँ लिखिए |
उत्तर - भारतीय रिज़र्व बैंक
(केन्द्रीय बैंक) से आशय भारतीय रिज़र्व बैंक देश का सर्वोच्च बैंक है। यह देश की
बैंकिंग व्यवस्था पर नियन्त्रण करता है। यह अन्य बैंकों का सहयोगी तथा पथ-प्रदर्शक
होता है। यह देश की साख और मुद्रानीति का संचालक भी होता है। कैण्ट के अनुसार, “केन्द्रीय बैंक वह संस्था है, जिसे सामान्य जनहित में मुद्रा की मात्रा में विस्तार तथा संकुचन की
व्यवस्था करने का दायित्व सौंपा गया है।”
भारतीय रिज़र्व बैंक के कार्य
भारतीय रिजर्व बैंक के निम्नलिखित कार्य है
1.
नोटों का निर्गमन - भारतीय रिज़र्व बैंक को नोट निर्गमन का एकाधिकार
प्राप्त है। एक रुपये के नोट को छोड़कर बाकी सभी प्रकार की पत्र-मुद्रा भारतीय
रिज़र्व बैंक द्वारा ही निर्गमित की जाती है।
2.
बैंकों का बैंक - शीर्ष बैंक होने के नाते भारतीय रिज़र्व बैंक बैंकों का
बैंक के रूप में कार्य करता है। यह सभी अनुसूचित एवं गैर-अनुसूचित बैंकों पर
नियन्त्रण भी रखता है।
3.
साख नियन्त्रण - देश के आर्थिक विकास को बढ़ाने के लिए भारतीय रिज़र्व
बैंक व्यापारिक बैंकों की साख नीति पर नियन्त्रण करता है।
4.
बैंकिंग प्रणाली का नियमन - भारतीय रिज़र्व बैंक का यह कर्त्तव्य होता है कि वह देश
की बैंकिंग प्रणाली का नियमन इस तरह करे, जिससे कि लोगों का
बैंकिंग में विश्वास बना रहे।
5.
जमाएँ प्राप्त करना - भारतीय रिज़र्व बैंक केन्द्रीय व राज्य सरकार, गैर-सरकारी संस्थाओं, आदि से जमाएँ स्वीकार करता है।
6. ऋण देना - भारतीय
रिज़र्व बैंक व्यापारिक बैंकों, सहकारी बैंकों तथा राज्य व
केन्द्रीय सरकार को अल्पावधि के लिए ऋण प्रदान करता है।
अथवा
औपचारिक
क्षेत्र के ऋण की विशेषताएँ –
1.
औपचारिक क्षेत्र के ऋण में ऋणदाताओं को कम ब्याज दर पर
ऋण देते हैं।
2.
औपचारिक क्षेत्र के ऋण बैंक और सहकारी समितियों के
द्वारा दिया जाता है |
3.
इसके अंतर्गत ऋण क्षेत्र सरकार
के द्वारा पंजीकृत होते हैं।
4.
भारतीय रिज़र्व बैंक इस क्षेत्र
की गतिविधियों पर नजर रखता है।
5.
इनका उद्देश्य लाभ कमाने के साथ
– साथ सामाजिक कल्याण भी होता है।
प्र.21- पूर्ण स्वराज पर टिप्पणी लिखिए | 4
अथवा
चौरी चौरा हत्याकांड क्या था? व्याख्या कीजिये ।
उत्तर – पूर्ण स्वराज - उदारपंथ और माध्यम मार्गी नेता जहाँ
औपनिवेशिक स्वराज की माँग करता था तो उग्रवादी हस्तक्षेप रहित स्वराज की माँग करते
थे। सन् 1923 से राजनैतिक रूप से अलग हो गए गांधीजी पुनः 1927 ई0 को सक्रिय हुए। कांग्रेस
में वाम विचारधारा का बढ़ता प्रभाव देख कर दिसम्बर 1929 को जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता
में लाहौर में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ। जिसमें ‘‘ पूर्ण स्वराज ’’ का लक्ष्य निर्धारित
किया गया। अतः 31 दिसम्बर की रात को 12 बजे रावी नदी के तट पद तिरंगा फहराया गया। इसके
बाद 26 जनवरी 1930 ई0 को प्रथम स्वाधीनता दिवस मनाने का निष्चय हुआ। इसी अधिवेशन में
सविनय अवज्ञा आंदोलन चालू करने की बात आई।
अथवा
चौरी चौरा कांड 4 फरवरी 1922 को ब्रिटिश भारत में संयुक्त राज्य के गोरखपुर जिले के चौरी
चौरा में हुई थी,
जब असहयोग आंदोलन में भाग लेने
वाले प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा समूह पुलिस के साथ भिड़ गया था। जवाबी कार्रवाई में
प्रदर्शनकारियों ने हमला किया और एक पुलिस स्टेशन में आग लगा दी थी, जिससे उनके सभी कब्जेधारी मारे गए। इस घटना के कारण तीन नागरिकों
और 22 पुलिसकर्मियों
की मृत्यु हुई थी। महात्मा गांधी, जो हिंसा
के घोर विरोधी थे,
ने इस घटना के प्रत्यक्ष परिणाम
के रूप में 12 फरवरी 1922 को राष्ट्रीय
स्तर पर असहयोग आंदोलन को रोक दिया था।
परिणाम
इस घटना के तुरन्त बाद गांधीजी ने असहयोग
आन्दोलन को समाप्त करने की घोषणा कर दी। बहुत से लोगों को गांधीजी का यह निर्णय उचित
नहीं लगा। विशेषकर क्रांतिकारियों ने इसका प्रत्यक्ष या परोक्ष विरोध किया। 1922 की गया कांग्रेस
में प्रेमकृष्ण खन्ना व उनके साथियों ने रामप्रसाद बिस्मिल के साथ कन्धे से कन्धा भिड़ाकर
गांधीजी का विरोध किया।
चौरी-चौरा कांड के अभियुक्तों का मुकदमा
पंडित मदन मोहन मालवीय ने लड़ा और अधिकांश को बचा ले जाना उनकी एक बड़ी सफलता थी।इनमें
से 151 लोग फांसी की सजा से बच गये। बाकी 19 लोगों को 2 से 11 जुलाई, 1923 के दौरान
फांसी दे दी गई। इस घटना में 14 लोगों को
आजीवन कैद और 10
लोगों को आठ वर्ष सश्रम कारावास
की सजा हुई।
प्र.22- खिलाफत आन्दोलन के प्रारंभ के कारणों को लिखिए। 4
अथवा
“देश की एकता में नमक आन्दोलन बहुत प्रभावकारी था|” स्पष्ट कीजिये|
उत्तर – खिलाफत
आन्दोलन के प्रारंभ के कारण -
§
अंग्रेजों के खिलाफ तुर्की का
गठबंधन: भारत सहित विश्व भर के मुसलमान तुर्की के सुल्तान
को अपना आध्यात्मिक नेता खलीफा (खलीफा) मानते थे। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान
तुर्की ने अंग्रेजों के खिलाफ जर्मनी और ऑस्ट्रिया के साथ गठबंधन किया था।
§
असंतुष्ट भारतीय मुसलमान: भारतीय मुसलमानों ने
प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इस विश्वास के
साथ ब्रिटिश सरकार का समर्थन किया कि तुर्क साम्राज्य (Ottoman
Empire) के पवित्र स्थान खलीफा को दे दिये जाएगे। हालांकि प्रथम विश्व युद्ध के
बाद तुर्क साम्राज्य विभाजित हो
गया और तुर्की को अलग कर दिया गया तथा खलीफा को सत्ता से हटा दिया गया था। इससे मुस्लिम नाराज हो गए तथा
इसे खलीफा का अपमान माना। अली भाइयों, शौकत
अली और मोहम्मद अली ने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ खिलाफत आंदोलन को शुरू कर दिया। वर्ष 1919 से
1924 के मध्य यह आंदोलन हुआ।
§
खिलाफत समिति: वर्ष 1919
की शुरुआत में अली बंदुओं, मौलाना
अबुल कलाम आज़ाद (Maulana Abul Kalam Azad), अजमल
खान और हसरत मोहानी के नेतृत्व में अखिल भारतीय खिलाफत समिति का गठन किया गया था
ताकि ब्रिटिश सरकार को तुर्की के प्रति अपना रवैया बदलने हेतु मजबूर किया जा सके।
§
इस
प्रकार देशव्यापी आंदोलन हेतु एक आधार निर्मित
किया गया। नवंबर
1919 में दिल्ली में अखिल भारतीय
खिलाफत सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमे ब्रिटिश
सामानों के बहिष्कार का आह्वान किया गया।
§
भारतीय मुसलमानों की मांगें: भारत में मुसलमानों ने
अंग्रेजों से निम्नलिखित माँगें की:
o
मुस्लिम
पवित्र स्थानों पर खलीफा का नियंत्रण बरकरार रखा जाना चाहिये।
o
क्षेत्रीय
व्यवस्था (Territorial Arrangements) के
बाद खलीफा को पर्याप्त क्षेत्रों दिया जाना चाहिये।
अथवा
देश की
एकता में नमक आन्दोलन काफी प्रभावी साधन बन गया क्योंकि:
1. महात्मा गांधी ने नमक में एक शक्तिशाली प्रतीक पाया जो राष्ट्र
को एकजुट कर सकता था।
2. गांधीजी ने वायसराय इरविन को ग्यारह मांगों को लेकर एक पत्र
भेजा। सबसे अधिक हलचल नमक कर को समाप्त करने की मांग थी।
3. नमक भोजन की एक आवश्यक वस्तु थी और इसका सेवन अमीर और गरीब समान
रूप से करते थे।
4. इरविन बातचीत के लिए तैयार नहीं थे, इसलिए गांधीजी ने 78 स्वयंसेवकों के साथ नमक
मार्च शुरू किया। (6 अप्रैल को) वह दांडी पहुंचे, कानून का उल्लंघन किया और नमक बनाया।
5. इस मार्च ने राष्ट्रवाद की भावना विकसित की, देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने नमक कानून तोड़ा और नमक
का निर्माण किया और सरकारी नमक कारखानों के सामने प्रदर्शन किया।
प्र.23-
दिए मानचित्र में निम्नलिखित में से किन्हीं चार को दर्शाइए
- 4
i. काकरापार परमाणु
संयंत्र
ii. हीराकुंड बाँध
iii. कुन्द्रेमुख
iii. चिल्का
झील
अथवा
i. रावतभाटा परमाणु
संयंत्र
ii. नागार्जुन बाँध
iii. नोवामुंडी
iv. कर्क
रेखा
उत्तर –