अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2024
कक्षा-10वी
विषय :
सामाजिक विज्ञान Set-1011
कुल
प्रश्नों की संख्या : 23
समय 3:00 घण्टे पूर्णाक : 75
निर्देश
:
1. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
2. प्रश्न क्रमांक 1 से 5 तक वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं जिनके लिए 1 x 30 = 30 अंक
निर्धारित है।
3. प्रश्न क्रमांक 6 से 17 तक प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का
है। शब्द सीमा 30 शब्द है।
4. प्रश्न क्रमांक 18 से 20 तक प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का
है। उत्तर लिखने की शब्द सीमा लगभग 75 शब्द है।
5. प्रश्न क्रमांक 21 से 23 तक प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का
है। उत्तर लिखने की शब्द सीमा लगभग 120 शब्द है।
6. प्रश्न क्रमांक 23 मानचित्र प्रश्न है।
मॉडल उत्तर
प्रश्न.1 सही
विकल्प चुनिये - (1x6=6)
(i) निम्नलिखित में से मध्यप्रदेश में भूमि निम्नीकरण का मुख्य कारण है -
(अ) गहन
खेती (ब) अधिक सिंचाई
(स) अति
पशु चारण (द) वनोन्मूलन
उत्तर - (स) अति पशु चारण
(ii) भोपाल झील बनाई गई थी -
(अ) 12
वी शताब्दी (ब) 14 वी शताब्दी
(स) 15
वी शताब्दी (द) 11 वी शताब्दी
उत्तर - (द) 11 वी शताब्दी
(iii) भारत में सबसे पहली कपडा मिल लगी थी -
(अ) कलकत्ता (ब) मुंबई
(स) अहमदाबाद (द) सूरत
उत्तर - (ब) मुंबई
(iv) समवर्ती सूची का विषय है -
(अ) शिक्षा (ब) विदेशी मामले
(स) पुलिस (द) प्रतिरक्षा
उत्तर - (अ) शिक्षा
(v) भारत का सबसे कम साक्षरता वाला राज्य है -
(अ) केरल (ब) बिहार
(स) मध्य
प्रदेश (द) राजस्थान
उत्तर - (ब) बिहार
(vi) द्वितीयक क्षेत्र की गतिविधि है -
(अ) कपडा
बुनना (ब) कृषि
(स) डेयरी
(द) बैंक सेवाएँ
उत्तर - (अ) कपडा बुनना
प्रश्न 2. रिक्त
स्थानों की पूर्ति कीजिए (1x6=6)
(i) ‘लेटराइट’ शब्द ग्रीक भाषा के शब्द ...............................................
से लिया गया है।
उत्तर – लेटर
(ii) सरिस्का बाघ रिज़र्व भारत के .................................................................
राज्य में है।
उत्तर – राजस्थान
(iii) दिल्ली
में हौज खास का निर्माण ....................................................
ने करवाया था।
उत्तर – इल्तुतमिश ( हौज शमशी), अलाउद्दीन खिलजी (हौज
खास)
(iv) बेल्जियम
में ............................................................. प्रतिशत लोग
जर्मन बोलते हैं।
उत्तर – एक
(v) भारत
में स्थानीय सरकारों में .................................... पद
महिलाओं के लिए अरक्षित हैं।
उत्तर – एक तिहाई (33 प्रतिशत) /{वर्तमान में 50%}
(vi) प्रति
व्यक्ति आय की गणना सभी देशों के लिए ....................................... में की
जाती ।
उत्तर – डॉलर
प्रश्न. 3 सत्य/असत्य
की पहचान कीजिये- (1x6=6)
i. भारत
और नेपाल दुनिया के दो तिहाई बाघों को आवास उपलब्ध करते हैं । - सत्य
ii. गेहूँ
भारत की दूसरी सबसे महत्वपूर्ण खाद्यान्न फसल है । -
सत्य
iii. कवियों और कलाकारों ने यूनान को यूरोपीय सभ्यता का पालना बताया । -
सत्य
iv. महात्मा गाँधी ने 79 विश्वस्त वॉलिन्टियर के साथ नमक यात्रा शुरू की । - असत्य
v. संघीय
शासन व्यवस्था में शासन का एक स्तर होता है ।
-
असत्य
vi. भारत
में बैंक जमा का केवल 15 प्रतिशत हिस्सा नकद के रूप में अपने पास रखते हैं। - सत्य
प्रश्न. 4 सही जोड़ी बनाइये- (1x6=6)
(अ) (ब)
i. चिपको
आन्दोलन अ. नर्मदा नदी
ii. सरदार
सरोवर बाँध ब. बौद्ध धर्म
iii.ज्युसेपेगैरीबाल्डी स. कारखाना अधिनियम
iv. यूरोपीय
संघ का मुख्यालय द. हिमालय
v. श्रीलंका इ.
नाविक
vi. संगठित
क्षेत्रक फ. ब्रुसेल्स
उत्तर - (अ) (ब)
i. चिपको आन्दोलन द. हिमालय
ii. सरदार सरोवर
बाँध अ. नर्मदा नदी
iii. ज्युसेपे
गैरीबाल्डी इ. नाविक
iv. यूरोपीय संघ
का मुख्यालय फ. ब्रुसेल्स
v. श्रीलंका ब.
बौद्ध धर्म
vi. संगठित
क्षेत्रक स. कारखाना अधिनियम
प्रश्न 5 एक शब्द
/ वाक्य में उत्तर लिखिये - (1x6=6)
(i) भारत
का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल कितना है?
उत्तर – 32 लाख वर्ग किलोमीटर
(ii) बंगाल
की किस नदी को शोक की नदी कहा जाता है?
उत्तर –दामोदर नदी ।
(iii) भारत का मेनचेस्टर किसे कहते हैं?
उत्तर – अहमदाबाद
(iv) विश्व
के कितने देशों में संघीय शासन व्यवस्था है?
उत्तर – 25 देशों में
उत्तर – 21
(vi) बहुराष्ट्रीय
कंपनियों द्वारा किये गए निवेश को क्या कहते हैं?
उत्तर – विदेशी निवेश ।
प्र.6- जैव
विविधता किसे कहते हैं? 2
अथवा
अवर्गीकृत वन किसे कहते हैं?
उत्तर - किसी प्राकृतिक प्रदेश में पायी जाने वाली जंगली
तथा पालतू जीव-जंतुओं एवं पादपों की प्रजातियों की बहुलता को जैव विविधता कहते हैं।
अन्य उत्तर - पृथ्वी पर एक साथ विविध जीवों
का रहना जैसे सूक्ष्म जीवाणु और बैक्टीरिया, जोंक से लेकर वटबृक्ष, हाथी और ब्लू व्हेल,
मनुष्य बंदर, आदि तथा अन्य करोड़ों जीव,
को जैव विविधता कहा जाता है।
अथवा
अवर्गीकृत वन (Unclassified Forest) :- अरक्षित और रक्षित दोनों प्रकार के वन को
छोड़कर अन्य सभी प्रकार के वन और बंजर भूमि क्षेत्र जो सरकार व्यक्तियों या समुदायों
के अधीन होता है। अवर्गीकृत वन कहा जाता है।
o
देश में कुल वन क्षेत्र का लगभग पांचवां हिस्सा भू-भाग पर इसी प्रकार का वन पाया
जाता है।
o
इस प्रकार के वन क्षेत्र में वृक्षों को काटने, मवेशियों को चराने तथा वन उत्पाद ग्रहण
करने का प्रतिबंध लगभग नहीं होता है।
अन्य उत्तर - ऐसे वन जिन तक पहुँचना दुर्गम
होता है और जहाँ पशुओं को चराने तथा खेती करने पर कोई प्रतिबन्ध नहीं होता उन्हें अवर्गीकृत
वन कहा जाता है। ऐसे वन प्रायः अनुपयोगी होते हैं।
प्र7- प्रोजेक्ट टाइगर क्या है? इसकी शुरुआत कब हुई? 2
अथवा
भारतीय वन्य जीव (संरक्षण)
अधिनियम, 1972 के कोई दो प्रावधान लिखिए ।
उत्तर – प्रोजेक्ट टाइगर भारत में बाघ संरक्षण हेतु
बनाई गई एक परियोजना है जिसका उद्देश्य केवल बाघों का संरक्षण मात्र नहीं है अपितु
बहुत बड़े आकार के जैवजाति को भी बचाना है। इसकी शुरुआत सन 1973 में हुई ।
अथवा
वन्य जीव
सुरक्षा अधिनियम 1972 के मुख्य प्रावधान :-
o यह अधिनियम जंगली जानवरों, पक्षियों और पौधों को संरक्षण
प्रदान करता है।
o इस अधिनियम के तहत दुर्लभ तथा संकटग्रस्त प्रजातियों का शिकार करना प्रतिबंध
है।
o वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए समिति का गठन करना है।
o संपूर्ण भारत में संरक्षित जातियों की सूची भी प्रकाशित करना।
o पशु-पक्षियों, जीवों तथा पेड़-पौधों को नुकसान
पहुंचाने पर 3 से 10 साल तक की सजा का भी करना ।
o इस अधिनियम का उल्लंघन करने पर जुर्माना 10 हजार से 25 लाख हो सकता है।
o कानूनी प्रावधान को 6 अनुसूचियों में वर्णित किया गया है।
o वन्य जीव सुरक्षा अधिनियम-1972 को संसद में पारित होने के बाद देशभर में
अभ्यारण और राष्ट्रीय उद्यानों के माध्यम से कई भागों में संकटग्रस्त जीव के
संरक्षण के लिए कई परियोजनाओं की शुरुआत की।
प्र.8-. भारत
की मुख्य रेशेदार फसलें कौन सी हैं ? 2
अथवा
कर्तन –
दहन प्रणाली क्या है ?
उत्तर - भारत की
मुख्य रेशेदार फसलें निम्नलिखित हैं –
कपास, जूट, पटसन और
रेशम
अथवा
कर्तन – दहन का अर्थ होता है काटो और जलाओ अर्थात इसमें किसान खेती के लिए जमीन को तैयार करने के
लिए जंगल अथवा झाड़ियों को काट कर उन्हें जलाकर साफ़ करके उनपर अपने परिवार के भरण
पोषण के लिए अनाज उगता है ।
प्र.9- भारत
की एक खाद्य फसल का नाम बताइए और जहाँ यह पैदा की जाती है, उन क्षेत्रों का विवरण
दीजिये ।
2
अथवा
वाणिज्यिक
कृषि की दो विशेषताएं लिखिए ।
उत्तर – भारत में रबी और खरीफ के मौसम में अनेक खाद्य फसलें पैदा
की जाती हैं
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उपरोक्त में से किसी भी एक खाद्य फसल के सम्बन्ध उत्त्तर विद्यार्थी द्वारा
दिया जा सकता है अतः मूल्याङ्कन कर्ता उत्तरपुस्तिका में उल्लिखित खाद्य फसल अनुसार
मूल्याङ्कन करें।
अथवा
वाणिज्यिक कृषि प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं –
वाणिज्यिक खेती एक प्रकार की खेती है, जिसमें किसान बाजार
में बेचने के लिए फसलें उगाते हैं। इस खेती की प्रमुख विशेषताएँ हैं-
1. अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए किसान आधुनिक निवेषों
जैसे उच्च उपज वाले किस्म (एचवाईवी) के बीज, रासायनिक उर्वरक,
कीटनाशकों और कीटनाशकों की उच्च खुराक का उपयोग करते हैं।
2. व्यावसायिक खेती फसल
चयनात्मक है और इसका उद्देश्य औद्योगिक आयात और निर्यात है।
3. रोपण कृषि भी एक प्रकार
की वाणिज्यिक कृषि है।
4. इससे परिवहन और कनेक्टिविटी
में विकास गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।
प्र.10- नेपोलियन
संहिता के बारे में आप क्या समझते हैं ? 2
अथवा
1815 में कौन सी यूरोपीय
शक्तियों ने नेपोलियन को हराया था ?
उत्तर – 1804 की नेपोलियन संहिता- इसे 1804 में
लागू किया गया। इसने जन्म पर आधारित विशेषाधिकारों को समाप्त कर दिया। इसने न केवल
न्याय के समक्ष समानता स्थापित की बल्कि सम्पत्ति के अधिकार को भी सुरक्षित किया।
अथवा
1815 में नेपोलियन को हराने वाली यूरोपीय शक्तियां
प्रशिया, ऑस्ट्रिया, रूस और ब्रिटेन थीं ।
प्र.11- अल्लूरी
सीताराम राजू कौन थे ? 2
अथवा
पिकेटिंग
से क्या आशय है ?
उत्तर – आँध्रप्रदेश की गुडेम पहाड़ियों में आदिवासी
किसानों के विद्रोह का नेतृत्व करने वाले नेता अल्लूरी सीताराम राजू थे । जिनको
उनके अनुयायी ईश्वर का अवतार मानते थे ।
अथवा
पिकेटिंग – प्रदर्शन या विरोध का एक ऐसा
स्वरुप जिसमें लोग किसी दुकान, फैक्ट्री या दफ्तर के भीतर जाने का रास्ता रोक लेते
हैं ।
प्र.12- गिरमिटिया
मजदूर किसे कहा जाता था ? 2
अथवा
भारत
के लोगों ने रोलेट एक्ट का विरोध क्यों किया ?
उत्तर – औपनिवेशिक शासन काल के दौरान बहुत सारे लोगों को काम करने
के लिए फिजी, गुयाना, वेस्ट इंडीज आदि
स्थानों पर ले जाया गया था । उनके द्वारा एक एग्रीमेंट जिसे उच्चारण में भारतीयों
द्वारा गिरमिट कहा जाता था, पर हस्ताक्षर करना होते थे । उस एग्रीमेंट पर
हस्ताक्षर करने वाले मजदूरों को गिरमिटिया मजदूर कहा गया ।
अन्य उत्तर - एक अनुबंध जिस पर हस्ताक्षर
करने के बाद कोई मजदूर एक निश्चित समयावधि तक अपने मालिक का बंधुआ बनकर रहता था।
अनुबंध को अंग्रेजी में एग्रीमेंट कहते हैं जिस भारतीय अपनी भाषा उच्चारण में
गिरमिट बोलते थे। ऐसे मजदूरों को गिरमिटिया मजदूर कहा जाता था।
अथवा
भारत में बढ़ती हुई राष्ट्रवादी घटनाओं एवं असंतोष को
दबाने के लिए रॉलेट एक्ट को लाया गया था जिसके अंतर्गत सरकार किसी भी व्यक्ति को
बिना साक्ष्य एवं वारंट के भी गिरफ्तार कर सकती थी। इस अधिनियम के अंतर्गत एक
विशेष न्यायालय के गठन का प्रावधान था जिसके निर्णय के विरुद्ध कोई अपील नहीं की
जा सकती थी। इसीलिए इसका विरोध हुआ।
प्र.13- आलू
अकाल क्या था ?
2
अथवा
सर हेनरी मोर्टन स्टेनली कौन थे
?
उत्तर – अमेरिका की खोज के उपरांत वहां से प्राप्त आलू पर
यूरोपियों की निर्भरता बहुत अधिक हो गई थी । ऐसे में 1840 के दशक ( 1845 से 1849
के बीच) आयरलैंड में किसी बीमारी के कारण जब आलू की फसल ख़राब हो गई जिसके
कारण लगभग दस लाख लोग मारे गए इसे ही आलू
अकाल कहा गया ।
अथवा
सर हेनरी मोर्टन स्टेनली न्युयोर्क हेराल्ड समाचार
पत्र के अंतर्गत एक अमेरिकी खोजी पत्रकार थे । जो अफ्रीका के अभियान पर गए थे ।
प्र.14- सत्ता के क्षैतिज वितरण को समझाइए ।
2
अथवा
नियंत्रण
और संतुलन की व्यवस्था से क्या आशय है ?
उत्तर - सत्ता का क्षैतिज वितरण :- शासन के विभिन्न अंग जैसे
विधायिका,कार्यपालिका और न्यायपालिका में
सत्ता का बंटवारा रहता है। क्योंकि इसमें सरकार के विभिन्न अंग एक ही स्तर पर रहकर
अपनी – अपनी शक्ति का उपयोग करते हैं ।
अथवा
शासन के विभिन्न अंग जैसे विधायिका,कार्यपालिका और न्यायपालिका में सत्ता का बंटवारा इस तरह होता है कि वे सभी एक
ही स्तर पर रहते हुए हर अंग दुसरे पर नियंत्रण रखता है तथा आपस में शक्ति संतुलन
भी बनाये रखते हैं । जैसे न्यायपालिका की
नियुक्ति कार्यपालिका करती है पर न्यायपालिका ही कार्यपालिका और विधायिका द्वारा
बनाये गए कानूनों पर अंकुश रखती है। इसे ही नियंत्रण और संतुलन की व्यवस्था कहते
हैं ।
प्र.15- साम्प्रदायिकता
से क्या आशय है? 2
अथवा
धर्म
निरपेक्ष राज्य क्या है ?
उत्तर – अपने धर्म या सम्प्रदाय को दूसरे धर्म या सम्प्रदाय
से श्रेष्ठ मानते हुए अपनी विचारधारा को दूसरों पर थोपना तथा दूसरे सम्प्रदाय का निरादर
और दुष्प्रचार करते हुए दूसरे समह के विरूद्ध खड़ा हो जाना सम्प्रदायवाद है।
राजनीति से धर्म को इस तरह जोड़ना ही साम्प्रदायिकता है ।
अथवा
धर्मनिरपेक्ष
राज्य उस राज्य को कहते हैं जो -
1. सभी को अपने धार्मिक विश्वासों और
मान्यताओं को पूरी आजादी से मानने की छूट तथा किसी धर्म का विरोध नहीं करता है।
2. उस राज्य का संविधान सभी नागरिकों
अपनी धार्मिक मान्यताओं और विश्वासों को चुनने तथा मानने की आजादी देता है।
3. संविधान धर्म के आधार पर किए जाने
वाले किसी भी तरह के भेदभाव को अवैधानिक मानता है।
4. संविधान द्वारा धार्मिक समुदायों
में समानता सुनिश्चित करने के लिए राज्य को धार्मिक मामलों में दखल देने का अधिकार
देता है।
प्र.16- सकल
घरेलु उत्पाद किसे कहते हैं ? 2
अथवा
तृतीयक
क्षेत्र को सेवा क्षेत्र क्यों कहते हैं ?
उत्तर – किसी विशेष
वर्ष के दौरान प्रत्येक क्षेत्रक में उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य
उस वर्ष के लिए कुल उत्पादन की जानकारी प्रदान करता है। इन तीन क्षेत्रों में
उत्पादन का योगफल से किसी देश का सकल घरेलू उत्पाद प्राप्त होता है।
अथवा
सेवा क्षेत्र वस्तुओं के बजाय सेवाओं का उत्पादन करता
है, इसलिए इसे सेवा
क्षेत्र कहा जाता है जैसे, शिक्षक, बैंकिंग
आदि।
प्र.17- उदारीकरण
किसे कहते हैं?
2
अथवा
सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी
किसे कहते हैं ?
उत्तर – सरकार द्वारा अवरोधों अथवा प्रतिबंधों को
हटाने की प्रक्रिया उदारीकरण के नाम से जानी जाती है ।
अथवा
उत्तर: वर्तमान समय में दूरसंचार, कंप्यूटर
और इन्टरनेट के प्रयोग से सूचनाओं का आदान प्रदान तत्काल और सुगमता से हो रहा है ।
इस नवीनतम तकनीक को ही सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी कहते हैं ।
प्र.18- ब्रिटेन
की महिला कामगारों ने स्पिनिंग जेनी मशीन पर हमले क्यों किये ? 3
अथवा
विक्टोरिया
कालीन ब्रिटेन में उच्च वर्ग के लोग हाथों से बनी चीजों को तरजीह क्यों देते थे?
उत्तर – जेम्स हरग्रीब्ज द्वारा
बने गई कताई मशीन का नाम स्पिनिंग जेनी था । इस मशीन के द्वारा कताई की प्रक्रिया तेज हो गई । जब उन उद्योग में स्पिनिंग जेनी का इस्तेमाल शुरू किया गया तो बेरोजगारी की
आशंका के कारण हाथ से धीमी गति से कताई करने के कारण बेरोजगारी की आशंका से ग्रसित
महिला कामगारों ने स्पिनिंग जेनी मशीन पर हमले कर दिए ।
अथवा
उत्तर – विक्टोरिया कालीन
ब्रिटेन में उच्च वर्ग के लोग हाथों से बनी
चीजों को ही तरजीह देते थे, इसके निम्नलिखित कारण थे:-
1.बहुत सारे
उत्पाद केवल हाथ से ही तैयार किए जा सकते थे। मशीनों से एक जैसे उत्पाद ही बड़ी
संख्या में बनाए जा सकते थे। लेकिन बाजार में अक्सर बारीक डिजाइन और खास आकारों वाली
चीजों की काफी माँग रहती थी । इन्हें बनाने के लिए यांत्रिक प्रौद्योगिकी की नहीं
बल्कि इन्सानी निपुणता की जरूरत थी।
2. हाथ से बनी
चीजों को परिष्कार और सुरूचि का प्रतीक माना जाता था। उनको एक-एक करके बनाया जाता
था और उनका डिजाइन भी अच्छा होता था।
3. हाथों से 500 तरह के हथोड़े और 45 तरह की
कुल्हाड़ियाँ बने जाती थीं जबकि मशीन से इतने प्रकार के उत्पाद बनाना टैब संभव नहीं
था ।
प्र.19- हमें
भारत में ऋण के औपचारिक स्त्रोतों को बढ़ाने की जरुरत क्यों है ? 3
अथवा
मुद्रा
के कोई तीन कार्य लिखिए ।
उत्तर - हमें कई कारणों से ऋण के औपचारिक
स्रोतों का विस्तार करने की आवश्यकता है:-
· औपचारिक ऋणदाताओं की तुलना में, अधिकांश अनौपचारिक ऋणदाता ऋण पर बहुत अधिक ब्याज दर लेते हैं।
· उच्च ब्याज दर के अलावा, सभी उधार लेने वालों के सामने को विभिन्न अन्य कठिन परिस्थितियों को भी
उत्पन्न करने वाली शर्तें भी रख देते हैं। उदाहरण के लिए, वे किसानों को ऋण के बदले उनकी फसल को उन्हें ही कम कीमत पर बेचने की गारंटी चाहते
हैं।
· अनौपचारिक ऋणदाता कर्जदारों के साथ
अच्छा व्यवहार नहीं करते हैं।
· भारतीय रिजर्व बैंक औपचारिक स्रोतों
के कामकाज की निगरानी करता है। इसके विपरीत, कोई ऐसा संगठन नहीं है जो अनौपचारिक
क्षेत्र में उधारदाताओं की साख गतिविधियों की निगरानी करता है।
· अनौपचारिक साख क्षेत्र से गरीब लोगों
द्वारा जो ऋण लिया जाता है उसकी ब्याज की डर बहुत ज्यादा होने से वे क़र्ज़ के जाल
में फंस जाते हैं ।
· भारत में साख के औपचारिक स्रोत अभी
भी ग्रामीण लोगों की आवश्यकता का आधा भाग
ही रिनके रूप में प्रदान कर पा रहा है।
इसलिए, यह आवश्यक है कि ऋण के औपचारिक स्रोत विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी
उधारी का विस्तार करें, ताकि क्रेडिट के अनौपचारिक स्रोतों
पर निर्भरता कम हो जाए क्योंकि इससे देश के विकास में भी मदद मिलेगी।
अथवा
मुद्रा के तीन कार्य निम्नलिखित हैं –
1.
मुद्रा वस्तु विनिमय की प्रमुख बाधा आवश्यकता के दोहरे संयोग को ख़त्म कर देती
है ।
2.
मुद्रा का विनिमय करके वस्तु अथवा सेवा खरीदने में आसानी होती है ।
3.
मुद्रा महत्वपूर्ण मध्यवर्ती भूमिका प्रदान करती है ।
4.
वस्तु अथवा सेवा के मूल्य मापन में सरलता प्रदान करती है ।
प्र.20- भारतीय
संविधान में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच विधायी अधिकारों को किस प्रकार बांटा
गया है? 3
अथवा
संघीय
शासन व्यवस्था की किन्हीं तीन विशेषताओं का वर्णन कीजिये ।
उत्तर- भारतीय
संविधान में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच विधायी अधिकारों की बांटने के लिए
संविधान में तीन प्रकार की सूचियाँ बने गई हैं जो कि निम्न प्रकार से हैं –
संघीय सूची – इसमें राष्ट्रीय महत्त्व
के विषयों की एक सूची है जिन पर केवल केंद्र सरकार कानून बना सकती है। संघीय सूची में
संपूर्ण देश से संबंधित विषय होते हैं जैसे कि रक्षा, वित्त, विदेश विभाग, बैंकिंग, डाक तथा तार इत्यादि। इन मामलों
पर केवल केंद्र सरकार ही निर्णय ले सकती है।
राज्य सूची – इसमें स्थानीय एवं प्रांतीय महत्त्व के विषयों की एक सूची
है जिन पर केवल राज्य सरकार कानून बना सकती है। स्थानीय महत्त्व के विषय इसमें शामिल
होते हैं जैसे कि पुलिस, कृषि सिंचाई, व्यापार, वाणिज्य इत्यादि। राज्य सरकार केवल
उन विषयों पर कानून बना सकती है जो राज्य सूची में दिए गए हैं।
समवर्ती सूची – इसमें ऐसे विषयों
की एक सूची है जिसमें केंद्र तथा राज्य सरकारों दोनों के सांझा हित शामिल हैं। वन, शिक्षा, ट्रेड यूनियन इत्यादि जैसे विषय
इसमें शामिल हैं। केंद्र तथा राज्य सरकारें दोनों इन विषयों पर कानून बना सकती हैं।
परंतु अगर दोनों सरकारों द्वारा बनाए कानून आमने-सामने आ जाएँ तो राज्य सरकार का कानून
निरस्त हो जाएगा तथा केंद्र सरकार का कानून मान्य होगा।
अथवा
संघीय शासन व्यवस्था की विषेषताएं :-
1. यहां
सरकार दो या दो से अधिक स्तरों वाली रहती है।
2. अलग
अलग स्तर की सरकारें एक ही नागरिक समूह पर शासन करती हैं किन्तु उनके अधिकार और कर्त्तव्य
अलग अलग
होते हैं।
3. विभिन्न
स्तरों की सरकारों के अधिकार संविधान द्वारा तय होते हैं।
4. संविधान
में वर्णित मौलिक अधिकारों और कानूनों में बदलाव कोई भी एक स्तर की सरकार अकेले नहीं
कर सकती।
5. न्यायालय
को संविधान और विभिन्न स्तरों की सरकारों के अधिकारों की व्याख्या करने का अधिकार है।
6. अलग
अलग स्तर की सरकारों की वित्तीय स्वायत्तता सुनिष्चत करने राजस्व के अलग अलग स्रोत
निर्धारित किए गए हैं।
7. संघीय
शासन व्यवस्था का मुख्य उद्देष्य क्षेत्रीय विविधताओं के सम्मान के साथ देष की एकता
और अखंडता को बढ़ावा
देना है।
प्र.21- भूमि
निम्नीकरण के कारण और उनके संरक्षण के उपाय लिखिए। 4
अथवा
भारत में पाई जाने वाली कोई दो
मृदाओं का वर्णन कीजिये ।
उत्तर – भूमि निम्नीकरण के प्रमुख कारण
निम्नलिखित हैं –
1.
वनोन्मूलन - कृषि
कार्य एवं खनन अथवा विकास कार्यों के लिए जंगलों के काटे जाने से भूमि का
निम्नीकरण होता है।
2.
अति पशु चारण - पशुओं के खुर के कारण मिट्टी उखड़ जाती है।
और जब वर्षा होती है या तेज हवा चलती है तब मिट्टी आसानी से अपरदित हो जाती है। इस
तरह अति पशुचारण भूमि निम्नीकरण का कारण है।
3.
अति सिंचन – अति सिंचन से मृदा में लवणीयता और क्षारीयता बढ़
जाती है । जिससे भूमि का निम्नीकरण होता है ।
4.
खनिज प्रक्रियाएं – सीमेंट उद्योग में चूना पत्थर की
पिसाई तथा मिट्टी के बर्तन बनाने वाले
उद्योग में सेलखेड़ी की पिसाई के कारण वायुमंडल में धुल विसर्जित होती है जिसकी परत
भूमि पर जम जाती है और जल सोखने की प्रक्रिया अवरुद्ध हो जाती है जिससे भूमि का
निम्नीकरण होता है ।
भूमि निम्नीकरण के संरक्षण के उपाय – भूमि निम्नीकरण
की समस्याओं को सुलझाने के कई उपाय हैं। वृक्षारोपण करना, चरागाहों का उचित प्रबंधन
एवं विकास करना, पेड़ों
को रक्षक मेखला , पशु चारण नियंत्रण और रेतीले टीलों को कांटेदार झाड़ियाँ लगाकर
स्थिर करने की प्रक्रिया से भी भूमि का निम्नीकरण रोका जा सकता है । बंजर भूमि के
उचित प्रबंधन, खनन
नियंत्रण और औद्योगिक जल को परिष्कृत कर विसर्जित करने से भूमि निम्नीकरण को कम
किया जा सकता है ।
अथवा
भारत में पाई जाने वाली किन्ही दो मृदाओं का वर्णन
निम्नानुसार है –
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प्र.22- असहयोग
आन्दोलन के क्या कारण थे ? किन्हीं चार
कारणों का वर्णन कीजिये । 4
अथवा
सविनय अवज्ञा आन्दोलन क्या था ?
इसके प्रमुख चार कार्यों का वर्णन कीजिये ।
उत्तर- महात्मा गांधी का मानना था कि भारत
में ब्रिटिश शासन भारतीयों के सहयोग से ही स्थापित हुआ है और यह शासन इसी सहयोग के
कारण चल पा रहा है। अगर भारत के लोग अपना सहयोग वापस ले लें तो साल भर के भीतर
ब्रिटिश शासन ढह जाएगा और स्वराज की स्थापना हो जाएगी। अतः विभिन्न कारणों से असहयोग आंदोलन आरंभ हुआ
जिनमें से प्रमुख चार कारण निम्नलिखित हैं :-
1. प्रथम विश्वयुद्ध :- पहले
विश्व युद्ध में भारतीयों ने अंग्रेजों को इस उम्मीद के साथ मदद की थी कि युद्ध के
बाद स्वराज प्राप्त हो जाएगा किन्तु ऐसा नहीं हुआ। बल्कि युद्ध के दौरान ही अनेक
गांवों में जबरन भर्ती से नाराजगी का माहौल बन गया और जनता में रोष हो गया।
गांधीजी इस रोष को व्यापक रूप देना चाहते थे। और असहयोग आंदोलन की बात उन्होंने
कही।
2. रोलेट एक्ट :- एक तरफ
भारतीय युद्ध के बाद कुछ अच्छे की उम्मीद कर रहे थे किन्तु अंग्रेजों ने भारतीय
क्रांतिकारियों और राजनीतिक अराजकता को रोकने की आड़ में एक काला कानून ले आए जिसे
रोलेट एक्ट कहा गया। इसके माध्यम से अंग्रेजी सरकार किसी भी भारतीय को बिना पूर्व
सूचना दिए गिरफ्तार कर सकती थी। पुलिस कभी भी किसी भी समय घर को सर्च कर सकती थी।
इससे भारतीयों में गुस्सा छा गया और वे विरोध करने लगे।
3. जलियांवाला बाग :- रोलेट
एक्ट के विरोध में अमृतसर के जलियांवाला बाग में एक शांतिपूर्ण चल रही सभा पर
ब्रिटिश सरकार ने गालियां चलवा दीं जिसमें सैंकड़ों निहत्थे लोग मारे गए जिसका
गुस्सा पूरे देश में फैल गया।
4. ब्रिटिश सरकार के खिलाफ
गुस्से को गांव गांव तक पहुचाना :- जलियांवाला बाग के बाद जब लोगों में गुस्सा
देखा तो गांधी जी ने इस गुस्से को सम्पूर्ण भारत के एक एक नागरिक तक ले जाने का
प्रयास आरंभ कर दिया।
5. खिलाफत के सवाल पर
मुसलमानों में असंतोष :- गांधीजी भारत के हिन्दू और मुसलमान को एक बार फिर एकजुट
कर 1857 के संग्राम की तरह
अंग्रेजों के खिलाफ देखना चाहते थे। तभी तुर्की के खलीफा के साथ दुर्व्यवहार की
खबरों से सारे मुसलमान अंग्रेजों से नाराज हो गए। भारत में भी ऐसा ही हुआ। गांधीजी
ने इसे अच्छा अवसर माना और जिसकी परिणति असहयोग आंदोलन के रूप में सामने आई।
अथवा
सविनय अवज्ञा आंदोलन की नींव ब्रिटिश
नियमों की अवहेलना करने के सिद्धांत पर रखी गई थी। 1927 ईस्वी में साइमन कमीशन की
नियुक्ति और इसके प्रतिवेदन ने देशभर में असंतोष की लहर दौड़ा दी और सविनय अवज्ञा
आंदोलन की पृष्ठभूमि तैयार हो गई।1930 ईस्वी में गांधी जी द्वारा सविनय अवज्ञा आंदोलन के प्रमुख कार्य निम्नलिखित थे-
1.
नमक कानून का उल्लंघन - सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत दांडी नमक सत्याग्रह के
कारण हुई थी, जिसे नमक
के उत्पादन और बिक्री पर सरकार के नियंत्रण के कारण शुरू किया गया था।
2.
पूर्ण स्वराज की मांग - कांग्रेस के युवा नेता अब
पूर्ण स्वतंत्रता के लिए एक उग्र आन्दोलन का दबाव बनाये हुए थे, अतः इस आन्दोलन का
सबसे महत्वपूर्ण कार्य जनता में पूर्ण स्वराज्य की चेतना विकसित करना था।
3.
पृथक निर्वाचिका की समाप्ति - ब्रिटिश सरकार फूट डालो राज
करो के अंतर्गत मुस्लिम तथा दलितों को पृथक निर्वाचन की बात कही किन्तु गाँधी जी
ने गोलमेज सम्मलेन में इसे नकार दिया और बाद में यह व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो
गई।
4.
महिलाओं की बढती भागीदारी – इस आन्दोलन में अनेक भारतीय महिलाओं ने पहली बार
अपने घर से निकल कर सार्वजनिक भूमिका निभाई
5.
इस आंदोलन में ब्रिटिश वस्तुओं, सेवाओं, और संस्थानों का बहिष्कार
किया गया.
6.
स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाया गया.
7.
इस आंदोलन में शांतिपूर्ण तरीकों से विरोध किया गया.
8.
इस आंदोलन में अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हुए.
9.
इस आंदोलन में शराब की दुकानों पर धरने लगे.
10. इस आंदोलन में विदेशी कपड़ों
का बहिष्कार किया गया.
11. इस आंदोलन में रेलवे और गोदी
श्रमिकों ने हड़तालें कीं.
प्र.23- भारत
के मानचित्र में निम्नलिखित को दर्शाइए - 4
(अ) रावतभाटा आण्विक केंद्र (ब) बैलाडीला लौह अयस्क खान
(स) रानीगंज
कोयला खान (द) पारादीप पत्तन
अथवा
भारत के मानचित्र में
निम्नलिखित को दर्शाइए -
(अ)
मयुरभंज लौह अयस्क खान (ब) बोकारो कोयला खान
(स) तारापुर
आणविक केंद्र (द)
मुंबई हाई
उत्तर – भारत
के मानचित्र में –
धन्यवाद
आप सफल हों