प्री बोर्ड परीक्षा 2025
कक्षा-10वी
विषय : सामाजिक विज्ञान
समय 03:00 घण्टे पूर्णाक : 75
निर्देश :
1. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
2. प्रश्न क्रमांक 1 से 5 तक वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं। जिनके
लिए 1
x 30 = 30
अंक निर्धारित हैं।
3. प्रश्न क्रमांक 6 से 23 तक प्रत्येक में आंतरिक विकल्प
दिये गये हैं।
4. प्रश्न क्रमांक 6 से 17 तक प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का है। उत्तर लिखने की शब्द
सीमा अधिकतम 30 शब्द है।
5. प्रश्न क्रमांक 18 से 20 तक प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का है। उत्तर लिखने की शब्द
सीमा अधिकतम 75 शब्द है।
6. प्रश्न क्रमांक 21 से 23 तक प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का है। उत्तर लिखने की शब्द
सीमा अधिकतम 120 शब्द है।
7. प्रश्न क्रमांक 23 मानचित्र आधारित प्रश्न है।
प्रादर्श उत्तर
वीडियो लिंक - https://youtu.be/wBw5Ii3nn_Q
(i) लौह अयस्क निम्न प्रकार का
संसाधन है -
(अ) नवीकरण योग्य (ब) प्रवाह
(स) जैव (द) अनवीकरण योग्य
उत्तर - (द) अनवीकरण
योग्य
(ii) चावल इस प्रकार की फसल है -
(अ) खरीफ फसल (ब) रबी फसल
(स) जायद फसल (द) नगदी फसल
उत्तर - (अ) खरीफ फसल
(iii) 1871 के बाद यूरोप में गंभीर
राष्ट्रवादी तनाव का स्रोत था -
(अ) बाल्कन क्षेत्र (ब) राइनलैंड
(स) ब्रिटिश द्वीप समूह (द) दक्षिण इटली
उत्तर - (अ) बाल्कन क्षेत्र
(iv) पहली भारतीय जूट मिल स्थापित की
गई -
(अ) बिहार में (ब)
गुजरात में
(स) बंगाल में (द)
महाराष्ट्र में
उत्तर - (स) बंगाल में
(v) बेल्जियम में सामुदायिक सरकार का चुनाव इस भाषा को बोलने वाले लोग करते है -
(अ) सिंहली, तमिल और हिन्दी (ब) फ्रेंच, डच और जर्मन
(स) अंग्रेजी, सिंहली और तमिल (द)
अरबी,
अंग्रेजी और स्पेनिश
उत्तर - (ब) फ्रेंच, डच और जर्मन
(vi) सतत विकास इस संसाधन के अधिक
उपयोग पर केंद्रित है -
(अ) अक्षय संसाधन (ब) जैविक संसाधन
(स) कृषि संसाधन
(द) प्राकृतिक संसाधन
उत्तर - (द)
प्राकृतिक संसाधन
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (1x6=6) (i) चीनी उद्योग का कच्चा माल ..................गन्ना............................................ है।
(ii) कैरोल कुर्पिस्की का संबंध
......................पोलैंड..............................
राष्ट्र से है।
(iii) संख्या में बड़े समूह के द्वारा
अपनी मर्जी छोटे समूह पर थोपना ........बहुसंख्यकवाद........
कहलाता है।
(iv) ....स्केंडीनिवियाई.........
देशों में सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी का स्तर काफी ऊंचा है।
(v) नागरिकों के लिए सूचनाओं को साझा
...........लोकतान्त्रिक.............
व्यवस्था में किया जाता है।
(vi) .......संगठित ........... क्षेत्रक के अधिकांश
श्रमिकों को रोज़गार-सुरक्षा प्राप्त होती है।
प्रश्न 3 सही जोड़ियां बनाइये-(1x6=6) सूची (अ) सूची (ब)
i. अफीम अ. दीनदयाल उपाध्याय पत्तन
ii. एल्यूमीनियम ब. संघवाद
iii. बारडोली सत्याग्रह स. विश्व बैंक
iv. औसत आय द. गुजरात
v. दो स्तर की सरकार इ.
बॉक्साइट
vi. कांडला फ. चीन
उत्तर –
सूची (अ) सूची (ब)
i. अफीम फ. चीन
ii. एल्यूमीनियम इ. बॉक्साइट
iii. बारडोली सत्याग्रह द. गुजरात
iv. औसत आय स. विश्व बैंक
v. दो स्तर की सरकार ब. संघवाद
vi. कांडला अ. दीनदयाल उपाध्याय
पत्तन
(i) रक्षक मेखला क्या होती है?
उत्तर – रक्षक मेखला
पेड़ों की बाड़ होती है जो शुष्क प्रदेशों में पवनों की गति को कम करके मृदा के
अपरदन को रोकती है।
(ii) 2025 तक कितने लोग जल की नितांत कमी झेलेंगे?
उत्तर - 2025 तक 20
करोड़ लोग जल की नितांत कमी झेलेंगे।
(iii) चौरी-चौरा काण्ड कब हुआ था ?
उत्तर - चौरी-चौरा
काण्ड 04 फरवरी 1922 को हुआ था।
(iv) धर्म के आधार पर भेदभाव न करने
वाले व्यक्ति को क्या कहते हैं?
उत्तर - धर्म के
आधार पर भेदभाव न करने वाले व्यक्ति को धर्मनिरपेक्ष कहते हैं।
(v) लोकतान्त्रिक सरकार को वैध सरकार
क्यों कहते हैं?
उत्तर - लोकतान्त्रिक
सरकार को वैध सरकार कहते हैं, क्यों लोकतान्त्रिक सरकार का चुनाव नागरिकों द्वारा
किया जाता है ।
(vi) जमाकर्ता और कर्जदार के बीच
मध्यस्थता की तरह कौन कार्य करता है?
उत्तर – बैंक जमाकर्ता
और कर्जदार के बीच मध्यस्थता की तरह कार्य करता है।
प्रश्न. 5 सत्य/असत्य लिखिए - (1x6=6)
i. झूम
खेती से वनों को कोई नुकसान नहीं होता है।
उत्तर – असत्य
ii. 1932
में पूना समझौता गाँधीजी और लार्ड इरविन के बीच हुआ था।
उत्तर – असत्य
iii. फ्रांस
की खोज क्रिस्टोफर कोलम्बस ने की।
उत्तर – असत्य
iv. लोकतांत्रिक
व्यवस्था राजनीतिक समानता पर आधारित होती है।
उत्तर – सत्य
v. मध्यवर्ती
वस्तुएं ,
अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के
निर्माण में इस्तेमाल की जाती हैं।
उत्तर – सत्य
vi. भारत
में उदारीकरण 1991 से आरंभ हुआ।
उत्तर – सत्य
प्र.6- सतत पोषणीय विकास का क्या अर्थ है ? 2
उत्तर- सतत पोषणीय विकास का अर्थ है कि वर्तमान
पीढ़ी की ज़रूरतों को पूरा करते हुए भविष्य की पीढ़ियों के लिए संसाधनों को
सुरक्षित रखना।
अथवा
परती भूमि से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर- परती भूमि से
अभिप्राय ऐसी भूमि से हैं जहाँ एक कृषि वर्ष या उससे कम समय से खेती न की गई हो ।
प्र.7- गहन जीविका कृषि को परिभाषित
कीजिये ? 2
उत्तर- वह कृषि जो बहुत बड़ी
जनसंख्या का पेट भरने के लिए होती है जिसमें अत्यधिक श्रम की आवश्यकता होती है और यह बड़े क्षेत्र में की जाती है , गहन जीविका
कृषि कहलाती है ।
अथवा
रोपण कृषि किसे कहते हैं ?
उत्तर- रोपण कृषि एक
प्रकार की वाणिज्यिक खेती है जिसमें लम्बे – चौड़े क्षेत्र में एक ही प्रकार की फसल
बोई जाती है । यह कृषि और
उद्योगों के बीच इंटरफ़ेस की तरह कार्य करती है ।
प्र.8- विनिर्माण किसे कहते हैं ? 2
उत्तर- कच्चे पदार्थ को
मूल्यवान उत्पाद में परिवर्तित कर अधिक मात्रा में वस्तुओं के उत्पादन को
विनिर्माण कहते हैं।
अथवा
आधारभूत उद्योग के दो उदाहरण
लिखिए।
उत्तर- आधारभूत उद्योग के
उदहारण –
1. लोहा इस्पात
उद्योग 2. तांबा प्रगालन उद्योग 3. अल्युमिनियम प्रगालन उद्योग
4. रसायन उद्योग 5.
बिजली बनाने के कारखाने 6. मशीन बनाने के कारखाने
प्र.9- भारत के बनाये गए कोई चार डाक
मार्गों के नाम लिखिए । 2
उत्तर- भारत में बनाये गए
प्रमुख डाक मार्ग –
1. राजधानी मार्ग
2. मेट्रो मार्ग 3. ग्रीन चैनल 4. व्यापार चैनल 5. भारी चैनल 6. दस्तावेज
चैनल
अथवा
पवनहंस, भारत के किन क्षेत्रों में
अपनी सेवाएँ उपलब्ध कराता है ?
उत्तर- पवनहंस हेलीकाप्टर
अपतटीय क्षेत्रों में तेल व प्राकृतिक गैस आयोग के लिए, आगामी एवं दुर्लभ
भू-भागों जैसे पूर्वोत्तर के राज्य एवं जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड
आदि क्षेत्रों में अपनी सेवाएँ उपलब्ध कराता है ।
प्र.10- भारतीय और विदेशी सभी फिल्मों को
प्रमाणित करने का अधिकार किसके पास है? 2
उत्तर- भारतीय और विदेशी
सभी फिल्मों को प्रमाणित करने का अधिकार केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के पास है ।
अथवा
सीमांत सड़क संगठन क्या है?
उत्तर- देश के सीमान्त
क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण व उनकी देखरेख करने वाला सड़क संगठन सीमान्त सड़क
संगठन है । जिसकी स्थापना 1960
में की गई थी ।
प्र.11- सड़क परिवहन के दो गुण लिखिए। 2
उत्तर- सड़क परिवहन के दो
गुण निम्नलिखित हैं –
1.
सड़कों की निर्माण लागत कम होती है ।
2.
सड़कों का निर्माण ऊबड़-खाबड़ और विछिन्न भू-भागों पर भी किया जा सकता है।
3.
अधिक ढलान और पहाड़ी क्षेत्रों में भी सड़क निर्माण
किया जा सकता है ।
4.
अपेक्षाकृत कम व्यक्तियों, कम दूरी व कम
वस्तुओं के परिवहन में सड़क परिवहन मितव्ययी है ।
5.
सड़क परिवहन घर पहुँच सेवाएँ उपलब्ध कराता है ।
6.
सड़क परिवहन परिवहन के साधनों के उपयोग हेतु एक कड़ी का
कार्य करता है ।
अथवा
रेल परिवहन कहाँ पर अत्यधिक सुविधाजनक परिवहन साधन है तथा क्यों?
उत्तर- रेल परिवहन समतल
भूमि, सघन जनसँख्या तथा संपन्न कृषि एवं प्रचुर संसाधनों के कारण
उत्तरी मैदान पर अत्यधिक सुविधाजनक साधन है ।
प्र.12- प्राचीन काल में मानव समाज आपस में
कैसे जुड़े थे ? 2
उत्तर - प्राचीन काल
में मानव समाज यात्रियों, व्यापारियों, पुजारियों और तीर्थयात्रियों द्वारा आपस
में रेशम मार्ग के माध्यम से जुड़े हुए थे जिन्होंने ज्ञान, अवसर और आध्यात्मिक पूर्ति के लिए या
उत्पीड़न से बचने के लिए बहुत दूर की यात्रा की।
अथवा
कॉर्न लॉ क्या था ?
उत्तर – वह कानून जिसकी सहायता से ब्रिटेन
में मक्का के आयात को प्रतिबंधित किया गया था कॉर्न कहलाता है।
प्र.13- फ्लाई शटल का क्या था ? 2
उत्तर – यह एक यांत्रिक उपकरण है जिसका उपयोग
रस्सियों और पुलियों के माध्यम से की जाने वाली बुनाई के लिए किया जाता है। यह
क्षैतिज धागों (जिन्हें बाना कहा जाता है) को ऊर्ध्वाधर धागों (जिन्हें ताना कहा
जाता है) में रखता है। फ्लाई शटल के आविष्कार ने बुनकरों के लिए बड़े करघे चलाना
और कपड़े के चौड़े टुकड़े बुनना संभव बना दिया। ।
अथवा
स्पिनिंग जेनी क्या आशय है ?
उत्तर – जेम्स
हरग्रीब्ज़ द्वारा बनाई गई कताई मशीन को स्पिनिंग जेनी कहा गया जिसके द्वारा कताई
की प्रक्रिया में तेजी आई । इसकी वजह से मजदूरों की माँग में कमी आई ।
प्र.14- चैपबुक से क्या आशय है? 2
उत्तर – चैपबुक
पॉकेट के आकार की किताबों को कहा जाता है, इन्हें आमतौर पर फेरीवाले बेचते थे । जिनको चैपमैन कहते थे ।
अथवा
कोरियाई किताब जिक्जी की दो विशेषताएं
लिखिए।
उत्तर - कोरियाई
किताब जिक्जी की दो विशेषताएं निम्नलिखित हैं –
1.
यह दुनिया की सबसे पुरानी किताबों में से एक है ।
2.
यह मूवेबल मेटल टाइप किताब है ।
3.
इसमें जेन बौद्ध धर्म की विशेषताएं बताई गई हैं ।
4.
इस पुस्तक में भारत, चीन और कोरिया के
150 बौद्ध भिक्षुओं का उल्लेख किया गया है ।
5.
इस किताब को यूनेस्को मेमोरी ऑफ़ द वर्ल्ड रजिस्टर में
अंकित किया गया है ।
प्र.15- पाण्डुलिपियाँ क्या थीं? 2
उत्तर – पाण्डुलिपि
उस दस्तावेज को कहते हैं जिसे हाथ से अनेक व्यक्ति या अनेक व्यक्तियों द्वारा लिखा
जाता था । यह लेखन कार्य ताड़पत्र ,
ताम्रपत्र, स्वर्णपत्र और चरम पत्र पर होता था ।
अथवा
मार्टिन लूथर कौन थे ?
उत्तर – मार्टिन
लूथर प्रोटोस्टेंट धर्म सुधारक थे जिन्होंने कैथोलिक चर्च में सुधार के लिए
आन्दोलन किया था ।
प्र.16- किसी देश का सकल घरेलू उत्पाद
(जीडीपी) कैसे प्राप्त किया जाता है ? 2
उत्तर – किसी विशेष वर्ष के दौरान प्रत्येक क्षेत्रक में उत्पादित
अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य उस वर्ष के लिए कुल उत्पादन की जानकारी प्रदान
करता है। इन तीन क्षेत्रों (प्राथमिक क्षेत्रक, द्वितीय क्षेत्रक
तथा तृतीयक क्षेत्रक ) में उत्पादन का
योगफल से किसी देश का सकल घरेलू उत्पाद प्राप्त होता है।
अथवा
संगठित क्षेत्र की दो विशेषताएँ
बताइए।
उत्तर - संगठित
क्षेत्र की दो विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –
1.
संगठित क्षेत्र में श्रमिक प्रतिदिन निश्चित घंटों के लिए कार्य करते हैं।
2.
अतिरिक्त घंटों के मामले में उन्हें उनके काम के अनुसार अतिरिक्त भुगतान
किया जाता है।
3.
वेतन मासिक आधार पर वितरित किया जाता है।
4.
आमतौर पर हर महीने के एक निश्चित दिन पर अथवा कोई साप्ताहिक अवकाश लेने पर
किसी प्रकार की कटौती नहीं।
5.
नियुक्ति के समय एक नियुक्ति पत्र दिया जाता है जिसमें काम और कंपनी के सभी
नियम और शर्तें बताई जाती हैं।
6.
भविष्य निधि, ग्रेच्युटी, चिकित्सा लाभ और बहुत कुछ सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
प्र.17- उदारीकरण से क्या तात्पर्य है? 2
उत्तर – सरकार द्वारा विदेशी व्यापार हेतु अवरोधों
अथवा प्रतिबंधों को हटाने की प्रक्रिया उदारीकरण के नाम से जानी जाती है ।
अथवा
विश्व व्यापार संगठन क्या है?
उत्तर – विश्व
व्यापार संगठन एक ऐसा संगठन है जिसका ध्येय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को उदार बनाना
है। विकसित देशों की
पहल पर इसे शुरू किया गया था जो कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से सम्बंधित नियमों को
निर्धारित करता है।
प्र.18- वन्य जीव सुरक्षा अधिनियम 1972 के प्रमुख तीन प्रावधान लिखिए। 3
उत्तर - वन्य जीव सुरक्षा अधिनियम
1972 के मुख्य प्रावधान :-
o यह अधिनियम
जंगली जानवरों, पक्षियों और पौधों को संरक्षण प्रदान करता है।
o इस अधिनियम
के तहत दुर्लभ तथा संकटग्रस्त प्रजातियों का शिकार करना प्रतिबंध है।
o वन्य जीवों
की सुरक्षा के लिए समिति का गठन करना है।
o संपूर्ण
भारत में संरक्षित जातियों की सूची भी प्रकाशित की गई है।
o पशु-पक्षियों, जीवों तथा पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाने पर 3
से 10 साल तक की सजा का भी प्रावधान किया गया।
o इस अधिनियम
में जुर्माना 10 हजार से 25 लाख हो सकता है।
o कानूनी
प्रावधान को 6 अनुसूचियों में वर्णित किया गया है।
o वन्य जीव
सुरक्षा अधिनियम-1972 को संसद में पारित होने के बाद देशभर में अभ्यारण और
राष्ट्रीय उद्यानों के माध्यम से कई भागों में संकटग्रस्त जीव के संरक्षण के लिए
कई परियोजनाओं की शुरुआत की।
अथवा
पर्यावरण विनाश के प्रमुख कारक
कौन-कौन से हैं? स्पष्ट कीजिये ।
उत्तर - पर्यावरणीय विनाश जैव विविधता को
नुकसान पहुँचाने तथा पारिस्थितिकी तंत्र के प्रभावित होने से होता है। इसके अलावा वनों के उन्मूलन, विभिन्न जरुरी वन्य
प्राणियों के शिकार से पर्यावरण विनाश होता है। इसके अलावा पर्यावरणीय परिवर्तन आर्थिक विकास, जनसंख्या वृद्धि, शहरीकरण, कृषि की गहनता, ऊर्जा के बढ़ते उपयोग और परिवहन सहित कई
कारकों से प्रेरित हो सकते हैं।
प्र.19- 1992 के संविधान संशोधन के बाद के
स्थानीय शासन में आए तीन महत्वपूर्ण अंतरों
को लिखिए । 3
उत्तर - 1992 में संविधान
में संशोधन करके लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था के तीसरे स्तर को मजबूत बनाया गया जो
कि निम्नलिखित है –
·
अब स्थानीय
स्वशासी निकायों के चुनाव नियमित रूप से कराना संवैधानिक बाध्यता है।
·
निर्वाचित
स्वशासी निकायों के सदस्य तथा पदाधिकारियों के पदों में अनुसूचित जातियों, जनजातियों और पिछड़ी जातियों के लिए
सीटें आरक्षित हैं।
·
राज्य
सरकारों को अपने राजस्व और अधिकारों का कुछ हिस्सा इन स्थानीय स्वशासी निकायों को
देना पड़ता है।
·
कम-से-कम एक
तिहाई पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
·
हर राज्य
में पंचायत और नगरपालिका चुनाव कराने के लिए राज्य चुनाव आयोग नामक स्वतंत्र
संस्था का गठन किया गया है। इस संशोधन द्वारा स्थानीय स्तर पर शासन को अधिक शक्तिशाली और प्रभावी
बनाया गया।
अथवा
संघवाद या संघीय शासन व्यवस्था क्या
है ? इसकी कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर- संघवाद सरकार की एक प्रणाली है जिसमें शक्ति को एक
केंद्रीय प्राधिकरण और देश की विभिन्न घटक इकाइयों के बीच विभाजित किया जाता है।
इसकी प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं -
1. यहां सरकार दो या दो से अधिक स्तरों वाली
रहती है।
2. अलग अलग स्तर की सरकारें एक ही नागरिक समूह
पर शासन करती हैं किन्तु उनके अधिकार और कर्त्तव्य अलग अलग होते हैं।
3. विभिन्न स्तरों की सरकारों के अधिकार संविधान
द्वारा तय होते हैं।
4. संविधान में वर्णित मौलिक अधिकारों और कानूनों
में बदलाव कोई भी एक स्तर की सरकार अकेले नहीं कर सकती।
5. न्यायालय को संविधान और विभिन्न स्तरों
की सरकारों के अधिकारों की व्याख्या करने का अधिकार है।
6. अलग अलग स्तर की सरकारों की वित्तीय स्वायत्तता
सुनिष्चत करने राजस्व के अलग अलग स्रोत निर्धारित किए गए हैं।
7. संघीय शासन व्यवस्था का मुख्य उद्देष्य
क्षेत्रीय विविधताओं के सम्मान के साथ देष की एकता और अखंडता को बढ़ावा देना है।
प्र.20- भारत में ऋण के औपचारिक स्रोतों को
बढाने की जरुरत क्यों है? 3
उत्तर - भारत में कई कारणों से साख के
औपचारिक स्रोतों का विस्तार करने की आवश्यकता है:
· औपचारिक ऋणदाताओं की तुलना में, अधिकांश अनौपचारिक ऋणदाता ऋण पर बहुत अधिक
ब्याज दर लेते हैं।
· उच्च ब्याज दर के अलावा, सभी उधार लेने वालों के सामने को विभिन्न
अन्य कठिन परिस्थितियों को भी उत्पन्न करने वाली शर्तें भी रख देते हैं। उदाहरण के
लिए, वे किसानों
को ऋण के बदले उनकी फसल को उन्हें ही कम कीमत पर बेचने की गारंटी चाहते हैं।
· अनौपचारिक ऋणदाता कर्जदारों के साथ अच्छा
व्यवहार नहीं करते हैं।
· भारतीय रिजर्व बैंक औपचारिक स्रोतों के
कामकाज की निगरानी करता है। इसके विपरीत, कोई ऐसा संगठन नहीं है जो अनौपचारिक क्षेत्र
में उधारदाताओं की साख गतिविधियों की निगरानी करता है।
· अनौपचारिक साख क्षेत्र से गरीब लोगों द्वारा
जो ऋण लिया जाता है उसकी ब्याज की डर बहुत ज्यादा होने से वे क़र्ज़ के जाल में फंस
जाते हैं ।
· भारत में साख के औपचारिक स्रोत अभी भी
ग्रामीण लोगों की आवश्यकता का आधा भाग ही ऋण के रूप में प्रदान कर पा रहा
है।
इसलिए, यह आवश्यक है कि ऋण के औपचारिक स्रोत विशेष
रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी उधारी का विस्तार करें, ताकि साख के अनौपचारिक स्रोतों पर निर्भरता
कम हो जाए क्योंकि इससे देश के विकास में भी मदद मिलेगी।
अथवा
गरीबों के लिए स्वयं सहायता समूहों
के संगठन के पीछे मूल विचार क्या हैं? व्याख्या कीजिये।
उत्तर - गरीबों के लिए स्वयं सहायता
समूहों के संगठनों के पीछे मूल विचार गरीबों को अपना रोज़गार बनाने का मौका देकर
आत्मनिर्भर बनाना है । स्वयं सहायता समूह कर्जदारों को ऋणाधार (गारंटी) की कमी की
समस्या से उबारने में मदद करते हैं । उन्हें समय अनुसार विभिन्न प्रकार के
लक्ष्यों के लिए एक यथोचित ब्याज दर पर ऋण मिल जाता है। इसके अतिरिक्त यह समूह
ग्रामीण क्षेत्रों के गरीबों को संघबद्ध करने में मदद करते हैं। इससे न केवल
महिलाएं स्वावलंबी हो जाती हैं, समूह की नियमित बैठकों के ज़रिए लोगों को एक माध्यम
मिलता है जहां वे तरह तरह के सामाजिक विषयों जैसे- स्वास्थ्य ,पोषण और हिंसा इत्यादि में चर्चा कर पाती
है।
प्र.21- अवध का किसान आंदोलन खेड़ा और
चम्पारन के किसान आंदोलन से किस प्रकार से भिन्न था ?
4
उत्तर - अवध का किसान आंदोलन खेड़ा और चंपारण के किसान आंदोलन से निम्नलिखित तरीकों से भिन्न था:
1. आन्दोलन के कारण : अवध का किसान आंदोलन मुख्य रूप से भूमिहीन
खेतिहर मजदूरों एवं छोटे किसानों द्वारा भूमि कर की वृद्धि और जमींदारों तथा
तालुकदारों की दमनकारी नीतियों के खिलाफ था, जबकि चंपारण का
किसान आन्दोलन नील की जबरन खेती और खेड़ा का किसान लगान वृद्धि के खिलाफ थे।
2. आन्दोलन के नेतृत्व: अवध के आंदोलन का नेतृत्व बाबा रामचंद्र, जवाहरलाल नेहरू और मदारी पासी ने
किया, जबकि चंपारण में रामचंद्र शुक्ल और खेड़ा में सरदार पटेल के साथ नेतृत्व महात्मा
गांधी ने किया।
3. आन्दोलन के तरीके: अवध का आंदोलन अधिक आक्रामक और संगठित था । जिसमें दमनकारी जमींदारों का समाज
से बहिष्कार किया गया , जबकि खेड़ा और चंपारण के आंदोलन में
गाँधी जी ने पहली बार सत्याग्रह का प्रयोग किया था जिसके कारण ये अधिक शांतिपूर्ण
और संयमित थे।
4. आन्दोलन के परिणाम: अवध के आंदोलन के परिणामस्वरूप भूमि कर में कमी हुई और किसानों के अधिकारों की रक्षा हुई, जबकि चंपारण और खेड़ा
के आंदोलन के परिणामस्वरूप नील की खेती पर प्रतिबंध लग गया और करों में की गई
वृद्धि को वापस ले लिया गया।
इन भिन्नताओं के बावजूद, तीनों आंदोलनों ने भारतीय
स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और किसानों
के अधिकारों की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अथवा
“सामाजिक अपंगता को राजनीतिक सशक्तिकरण से
ही दूर किया जा सकता है।“ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – जिस प्रकार शरीर के कोई अंग कमजोर हो
तो उसे शारीरिक अपंगता कहते हैं ठीक उसी प्रकार जब समाज का कोई अंग कमजोर हो तो
उसे सामाजिक अपंगता कहते हैं । शारीरिक अपंगता को भले ही दूर न किया जा सके किन्तु
उचित देखभाल के जरिये शरीर के दूसरे हिस्सों को सशक्त किया जा सकता है ताकि शरीर
कार्यशील बना रहे। लेकिन समाज का कोई हिस्सा विभिन्न वर्गों के बीच पनपे भेदभाव के
कारण कमजोर हो जाये तो उसे सशक्त करने विभिन्न अधिकारों की आवश्यकता होती है। इन
अधिकारों में सबसे महत्वपूर्ण अधिकार है राजनीतिक सशक्तिकरण। इसके द्वारा वह वर्ग जो विभिन्न कारणों से अन्य
सामाजिक वर्गों की तुलना में पिछड़ा हुआ होता है उसे मुख्य धरा में जोड़ने के लिए
जरुरी है उसे राजनीतिक अधिकार प्राप्त हों ।
भारत देश की आज़ादी के आन्दोलन के दौरान की
गांधी जी सभी वर्गों का शामिल करवाना चाहते थे किन्तु भारत के सभी सामाजिक समूह
स्वराज की अमूर्त अवधारणा से प्रभावित नहीं थे। भारत में एक समूह अछूतों का था जो
कि 1930 के बाद खुद को दलित अथवा उत्पीडित कहने लगे थे। इन दलितों को समाज की
मुख्य धारा में लाकर राष्ट्रिय आन्दोलन का हिस्सा बनाने के लिए गांधीजी ने ऐलान
किया कि अस्पृश्यता को खत्म किये बिना सौ साल तक भी स्वराज की स्थापना नहीं की जा
सकती है। उन्होंने अछूतों को हरिजन की संज्ञा दी। लेकिन गांधीजी के प्रयासों से
इतर भी दलित लोग अपने समुदाय की समस्याओ के लिए राजनितिक हल तलाशने लगे। वे शिक्षा
संस्थानों और विधायिकाओ में खुद के आरक्षण की मांग करने लगे। ताकि कानून बनाने
वाली संस्थाओ का हिस्सा बनकर वे अपने समुदाय की समस्याओं का समाधान करवा सकें। अतः
स्पष्ट है कि सामाजिक अपंगता केवल राजनितिक सशक्तिकरण से ही दूर हो सकती है।
प्र.22- बहुदलीय प्रणाली क्या है? बहुदलीय प्रणाली ने भारत में लोकतंत्र को कैसे मजबूत किया है? 4
उत्तर - बहुदलीय व्यवस्था - एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें एक से अधिक राजनीतिक पार्टियां मिलकर लोकतान्त्रिक
सरकार को चलाती है । जैसे भारत में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और द इंडियन नेशनल
डेवलपमेंट इंक्लूसिव अलायन्स । इस व्यवस्था में कई दल गठबंधन बनाकर भी सरकार बना
लेते हैं।
बहुदलीय प्रणाली ने भारत में लोकतंत्र को
निम्न प्रकार से मजबूत किया है -
1.दो - तीन दलों द्वारा इतने बड़े देश की सारी
सामाजिक और भौगोलिक विविधताओं को समेट आसान नहीं होता है अनेक दल मिलकर इसे सरलता
से प्रबंधित कर लेते हैं।
2. इस प्रणाली में विभिन्न हितों और विचारों को
राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिल जाता है । जैसे सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े समूहों
को बहुपक्षीय लोकतंत्र में सही हिस्सेदारी मिल पाती है।
3. छोटी पार्टियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान
मिलना।
4. अल्पसंख्यक वर्ग की बात को भी सुना जाता है ।
5. हर पार्टी की बात को सुना जाता है और फिर
फैसला लिया जाता है ।
6. हर पार्टी के पास बराबर की हिस्सेदारी होना , जैसे अगर कोई पार्टी अपना
समर्थन वापस ले ले तोह सरकार गिर जाएगी । इससे किसी भी अकेली पार्टी की तानाशाही
को रोका जा सकता है ।
7. विपक्षी राजनीतिक दलों द्वारा चुनावी भागीदारी को बढ़ावा देना।
8. मतदाता भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा
सकता है।
9. चुनावी पारदर्शिता बढ़ती है।
10. केन्द्रीय निर्वाचन आयोग के नीति विकास में राजनीतिक दलों के सुझाव सुनिश्चित करना।
अथवा
राजनीतिक दलों के सामने क्या चुनौतिया हैं? स्पष्ट कीजिये।
उत्तर - राजनीतिक दलों के सामने निम्नलिखित
चुनौतियां हैं -
अ. आंतरिक लोकतंत्र की कमी - पार्टी के प्रत्येक सदस्य को निर्णय लेने की
प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर नहीं मिलता है। सारी ताकत एक या कुछेक नेताओं के
हाथ में ही सिमट जाती है और जो उनके फैसलों से अहमत होते हैं उनको पार्टी में
महत्व नहीं मिलता अथवा अलग हो जाना पड़ता है।
ब. वंशवाद की चुनौती - अधिकांश दल पारदर्शी तरीके से कामकाज नहीं
करते हैं। फैसला लेने वाले नेता अपने ही परिवार अथवा वंश के व्यक्ति को पार्टी में
प्रमुख पदों पर जगह देते हैं। सामान्य कार्यकर्त्ता के लिए बड़े पदों तक पहुंचना
कठिन कार्य हो जाता है।
स. पैसा और अपराधी तत्वों का बोलबाला - चूँकि सभी पार्टियों का अंतिम लक्ष्य किसी भी
तरह सत्ता प्राप्ति होता है अतः जायज और नाजायज तरीकों का प्रयोग करने से नहीं
चूकते। इसी कारण पार्टी में बाहुबलियों और अमीरों का बोलबाला हो जाता है। ऐसे में
सामान्य कार्यकर्त्ता के लिए चुनाव लड़ना और जीतना एक स्वप्न मात्र रह जाता है।
द. पार्टियों के बीच विकल्पहीनता की चुनौती -
विभिन्न राजनीतिक
पार्टियों की मूल विचारधारा भले ही आदर्श हो किन्तु व्यवहार में सभी पार्टियों की
नीतियों और कार्यक्रम में बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता है। और जनता सभी को एक ही
तराजू में तौलने लगती है जिससे नए राजनीतिक विकल्प की तलाश बनी रहती है।
i. अमरकंटक
ii. मुबई हाई
iii. डिगबोई
iv. विशाखापट्टनम
अथवा
i. कटनी
ii. मयूरभंज
iii. एच वी जे प्राकृतिक गैस पाइप लाइन
iv. तारापुर
आप सफल हों
शुभकामनायें
Subscribe – https://www.youtube.com/eClassesByManishSir
...000...