बोर्ड परीक्षा 2025
कक्षा-10वी
विषय : सामाजिक विज्ञान (Set-A)
समय 03:00 घण्टे पूर्णाक : 75
निर्देश
:
1. सभी
प्रश्न अनिवार्य हैं।
2. प्रश्न
क्रमांक 1 से 5 तक वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं। जिनके
लिए 1
x 30 = 30
अंक निर्धारित हैं।
3. प्रश्न
क्रमांक 6 से 23 तक प्रत्येक में आंतरिक विकल्प
दिये गये हैं।
4. प्रश्न
क्रमांक 6 से 17 तक प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का है। उत्तर लिखने की शब्द
सीमा अधिकतम 30 शब्द है।
5. प्रश्न
क्रमांक 18 से 20 तक प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का है। उत्तर लिखने की शब्द
सीमा अधिकतम 75 शब्द है।
6. प्रश्न
क्रमांक 21 से 23 तक प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का है। उत्तर लिखने की शब्द
सीमा अधिकतम 120 शब्द है।
7. प्रश्न
क्रमांक 23 मानचित्र आधारित प्रश्न है।
प्रादर्श उत्तर
प्रश्न.1
सही विकल्प चुन कर लिखिए - (1x6=6)
(i) ब्राज़ील के
रिओ-डी-जेनेरो में पर्यावरण और विकास सम्मलेन कब हुआ?
(अ) जून,1992 (ब) जुलाई, 1991
(स) जून,1929 (द)
जुलाई, 1992
उत्तर - (अ) जून,1992
(ii)
छोटा नागपुर क्षेत्र की मुंडा और संथाल जनजातियाँ किन पेड़ों की पूजा करती हैं?
(अ) पलाश और
कदम्ब (ब) गूलर और अर्जुन
(स) महुआ और
कदम्ब (द) महुआ और नीम
उत्तर - (स) महुआ और कदम्ब
(iii)
भारत की एक बड़ी जल संसाधन परियोजना जिसमें महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान सम्मिलित हैं-
(अ) सरदार
सरोवर बाँध (ब) कोयना बाँध
(स) हीराकुंड बाँध
(द) गाँधी सागर बाँध
उत्तर - (अ) सरदार सरोवर बाँध
(iv)
भारत की मुख्य खाद्यान्न फसल है -
(अ) चाय (ब)
जूट
(स) धान (द) रबर
उत्तर - (स) धान
(v) महात्मा गांधी की प्रसिद्ध पुस्तक का नाम है -
(अ) गोदान (ब)
हिन्द स्वराज
(स) गीतांजलि (द)
भारत एक खोज
उत्तर - (ब) हिन्द स्वराज
(vi)
H.D.I. का अर्थ है -
(अ) मानव विकास
(ब)
मानव विकास सूचकांक
(स) मानव आय (द) मानव वृद्धि सूचकांक
उत्तर - (ब) मानव विकास सूचकांक
प्रश्न 2. रिक्त
स्थानों की पूर्ति कीजिए (1x6=6)
(i) म.गां.रा.
ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम – 2005 के अंतर्गत ..............100...............दिनों के कार्य/रोजगार की
गारंटी दी गई है।
(ii)
कृषि ......................प्राथमिक .............................. क्षेत्र
की गतिविधि है।
(iii)
मध्यप्रदेश का एक राष्ट्रीय उद्यान ...................बांधवगढ़.................... है।
मध्य प्रदेश
में कुल 11 राष्ट्रीय उद्यान हैं,
जिनमें से कुछ प्रमुख हैं: सतपुड़ा,
बांधवगढ़, कान्हा, पेंच,
माधव, संजय, पन्ना,
वन विहार, डायनासोर जीवाश्म, ओंकारेश्वर और फॉसिल जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान।
यहाँ मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यानों की सूची दी गई है:-
1. सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान
2.
बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान
3.
कान्हा राष्ट्रीय उद्यान
4.
पेंच राष्ट्रीय उद्यान
5.
माधव राष्ट्रीय उद्यान
6.
संजय राष्ट्रीय उद्यान
7.
पन्ना राष्ट्रीय उद्यान
8.
वन विहार राष्ट्रीय उद्यान
9.
डायनासोर जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान
10. ओंकारेश्वर राष्ट्रीय उद्यान
11. फॉसिल जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान
(iv)
सन ................1948............................
में श्रीलंका स्वतंत्र राष्ट्र बना था।
(v) ....................संघीय............... सरकार दो या अधिक स्तरों
वाली होती है।
(vi)
अफ्रीका में 1890 में रिंडरपेस्ट ....................फैला
.......................... था।
( अन्य उत्तर –
मवेशी प्लेग, पशु प्लेग, पशु रोग )
प्रश्न 3 सत्य/असत्य
लिखिए - (1x6=6)
i. गैर-नवीकरणीय साधन वो हैं जो कुछ ही वर्षों के
प्रयोग के पश्चात समाप्त हो जाते हैं।
उत्तर – सत्य
ii. भारत में अब कुल 22 भाषाओँ को संविधान की 8 वीं
अनुसूची में रखा गया है।
उत्तर – सत्य
iii. भारत में संघीय व्यवस्था नहीं है।
उत्तर – असत्य
iv. हल्दिया पत्तन, कोलकाता का सहायक पत्तन है।
उत्तर – सत्य
v. प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र की
गतिविधियां स्वतंत्र हैं।
उत्तर – असत्य
vi. मुद्रा के आधुनिक रूप में करेंसी – कागज के नोट
और सिक्के शामिल हैं।
उत्तर – सत्य
प्रश्न. 4 सही
जोड़ियां बनाइये- (1x6=6)
सूची (अ) सूची (ब)
i. भारतीय रिज़र्व बैंक अ. सार्वजनिक और निजी क्षेत्रक
ii. स्वामित्व
के आधार पर क्षेत्रक ब. सीमेंट
iii.
राजनीतिक पार्टियों के कार्य स. ऋण का औपचारिक स्रोत
iv. प्रिंट
मीडिया द. सन 1928
v. चूना पत्थर इ.
चुनाव और सरकार व्यवस्था
vi. साइमन कमीशन फ. सामाजिक मुद्दों को उठाना एवं
समाचार
उत्तर –
सूची (अ) सूची (ब)
i. भारतीय रिज़र्व बैंक स. ऋण का औपचारिक
स्रोत
ii. स्वामित्व के आधार पर क्षेत्रक अ. सार्वजनिक और
निजी क्षेत्रक
iii. राजनीतिक पार्टियों के कार्य इ. चुनाव और सरकार
व्यवस्था
iv. प्रिंट मीडिया फ. सामाजिक मुद्दों
को उठाना एवं समाचार
v. चूना पत्थर ब. सीमेंट
vi. साइमन कमीशन द. सन 1928
प्रश्न. 5 एक वाक्य में उत्तर लिखिये - (1x6=6)
(i) भारत में पहली कपडा मिल किस स्थान पर लगी थी?
उत्तर – भारत में पहली कपडा मिल बॉम्बे ( मुंबई ) में लगी थी ।
(ii) प्रथम विश्व युद्ध कब लड़ा गया ( सन)?
उत्तर – प्रथम विश्व युद्ध 1914 में लड़ा गया, जो कि 1918 तक
चला।
(iii)
द्वितीयक क्षेत्र की गतिविधि का नाम लिखिए ।
उत्तर – द्वितीयक क्षेत्र की गतिविधि को औद्योगिक क्षेत्रक
भी कहते हैं। इसके अंतर्गत कपास से कपड़े बनाना एक गतिविधि है ।
(iv)
अतीत में देशों को जोड़ने वाला मुख्य माध्यम क्या था?
उत्तर – अतीत में देशों को जोड़ने वाला मुख्य माध्यम विदेशी
व्यापार था।
(v) किसी
राष्ट्र में सरकार विरोधी समूहों की हिंसक लड़ाई जो युद्ध सी लगे उसे क्या कहते हैं?
उत्तर – किसी राष्ट्र में सरकार विरोधी समूहों की हिंसक
लड़ाई जो युद्ध सी लगे उसे गृहयुद्ध कहते हैं ।
(vi)
परिवहन का कौन सा साधन सबसे सुविधाजनक है?
उत्तर – सड़क परिवहन , सबसे अधिक सुविधाजनक परिवहन का साधन
है ।
प्र.6- वन संरक्षण हेतु किये गए दो
आंदोलनों के नाम बतलाइये । 2
उत्तर- वन संरक्षण हेतु किये
गए दो आंदोलनों के नाम निम्नलिखित हैं –
1.
चिपको आन्दोलन
2.
बीज बचाओ आन्दोलन
3.
नवदानय ।
अथवा
वनों
के दो प्रत्यक्ष महत्व लिखिए ।
वनों के दो
प्रत्यक्ष निम्नलिखित हैं –
1. वनों से जलाऊ और इमारती लकड़ी प्राप्त होती हैं ।
2. वनों से पेड़ों के द्वारा छाल प्राप्त होती हैं जिनका
उपयोग रस्सी बनाने, औषधि बनाने आदि
में किया जाता है ।
3. वनों से पत्ते प्राप्त होते हैं जिनसे घर बनाये जाते
हैं जानवरों का भोजन बनता है ।
4. वनों से रबड़ प्राप्त होती है जिसके अनेक उपयोग होते
हैं ।
5. वनों से औषधियाँ प्राप्त होती हैं । जैसे – सिनकोना, भिलावा आदि ।
6. वनों से इंसानों और जानवरों को फल, फूल , चारा एवं
पत्तों के रूप में भोजन प्राप्त होता है ।
7. वनों से खाद भी प्राप्त होती है ।
प्र.7- दो मोटे अनाजों के नाम लिखिए । 2
उत्तर- दो मोटे अनाजों के
नाम निम्नलिखित हैं –
1.
मक्का
2.
ज्वार
3.
बाजरा
4.
रागी ।
अथवा
दो
व्यावसायिक फसलों के नाम लिखिए ।
उत्तर- दो व्यावसायिक फसलों
के नाम निम्नलिखित हैं –
1.
चाय
2.
कॉफ़ी
3.
रबड़
4.
गन्ना
5.
केला
6.
तम्बाकू
7.
जूट
8.
सोयाबीन।
प्र.8- राष्ट्रीय ताप विद्युत् गृह द्वारा
दिए गए दो उपाय जो प्राकृतिक पर्यावरण प्रदूषण कम करने में सहायक हैं,लिखिए। 2
उत्तर- राष्ट्रीय ताप
विद्युत् गृह द्वारा दिए गए दो उपाय निम्नलिखित हैं जो प्राकृतिक पर्यावरण प्रदूषण
कम करने में सहायक हैं –
1. आधुनिकतम तकनीकों पर आधारित उपकरणों का सही उपयोग करके तथा विद्यमान उपकरणों में सुधार।
2. अधिकतम राख का इस्तेमाल कर अपशिष्ट पदार्थों का न्यून
उत्पादन।
3. पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने के लिए हरित क्षेत्र की
सुरक्षा तथा वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना।
4. तरल अपशिष्ट प्रबंधन, राख युक्त जलीय पुनर्चक्रण
तथा राख-संग्रह (Ash pond) प्रबंधन द्वारा पर्यावरण प्रदूषण को कम करना।
5. सभी ऊर्जा संयंत्रों का पारिस्थितिकीय रूप से मॉनीटर तथा
समीक्षा करना एवं ऑनलाइन आँकड़ों का प्रबंधन करना।
अथवा
औद्योगिक
प्रदूषण के कोई दो प्रकार लिखिए।
उत्तर- औद्योगिक प्रदूषण के
कोई दो प्रकार निम्नलिखित हैं -
1. वायु प्रदूषण
2. जल प्रदूषण
3. भूमि प्रदूषण
4. ध्वनि प्रदूषण
5. तापीय प्रदूषण
उत्तर- ज्युसेपे मेजिनी
इटली का एक क्रन्तिकारी नेता था, जिसका जन्म 1807 में जेनोआ में हुआ था। यह कर्बोनरी नामक
गुप्त संगठन का सदस्य था ।
अथवा
कल्पनादर्श
क्या है ?
उत्तर- कल्पनादर्श एक ऐसे
समाज की कल्पना है जिसका वास्तविक रूप में साकार होना लगभग असंभव है। यह विचार सबसे पहले थॉमस मूर ने 1516 में लिखी गई पुस्तक 'यूटोपिया' में प्रस्तुत किया था।
( विशेष
- यूटोपिया का विपरीत शब्द
डायस्टोपिया है। डायस्टोपियन समाज आम तौर पर ऐसी जगहें होती हैं जहां लोगों
ने एक यूटोपिया बनाने की कोशिश की है, लेकिन यह बुरी तरह से असफल हो गया है।)
प्र.10- जलियांवाला बाग़ हत्याकांड को दो
बिन्दुओं में समझाइये । 2
उत्तर- जलियांवाला बाग़
हत्याकांड –
1. 10 अप्रैल 1919 को अमृतसर में पुलिस
ने रोलेट एक्ट का विरोध कर रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई । इसके
कारण लोगों ने जगह - जगह पर सरकारी संस्थानों पर आक्रमण किया । अमृतसर में मार्शल
लॉ लागू हो गया और इसकी कमान जनरल डायर के हाथों में सौंप दी गई।
2. जलियांवाला बाग का दुखद नरसंहार 13 अप्रैल को उस दिन
हुआ जिस दिन पंजाब में बैसाखी मनाई जा रही थी। ग्रामीणों का एक जत्था जलियांवाला
बाग में लगे एक मेले में शरीक होने आया था । यह बाग चारों तरफ से बंद था और निकलने
के रास्ते संकीर्ण थे । जनरल डायर ने निकलने के रास्ते बंद करवा दिये और भीड़ पर
गोली चलवा दी । इस दुर्घटना में सैंकड़ो लोग मारे गए। सरकार का रवैया बड़ा ही क्रूर
था । इससे चारों तरफ हिंसा फैल गई । महात्मा गांधी ने आंदोलन को वापस ले लिया
क्योंकि वे हिंसा नहीं चाहते थे ।
अथवा
बहिष्कार
से आप क्या समझते हैं?
उत्तर- बहिष्कार का अर्थ है- किसी के साथ सम्पर्क रखने और जुड़ने से
इन्कार करना, गतिविधियों में हिस्सेदारी से स्वयं को
अलग रखना तथा उसकी चीजों को खरीदने तथा इस्तेमाल करने से इन्कार करना। आमतौर पर यह विरोध
का एक रूप होता है।
प्र.11- रेशम मार्ग को दो बिन्दुओं में
समझाइये। 2
उत्तर- रेशम मार्ग –
1.
चीन के रेशम का व्यापार इस मार्ग से होने के कारण इसे
रेशम मार्ग कहते हैं ।
2.
रेशम मार्ग यूरोप, एशिया और उत्तरी
अफ्रीका को आपस में जोड़ते थे।
3.
रेशम मार्ग ईसा पूर्व शताब्दी से पंद्रहवी शताब्दी तक
अस्तित्व में रहे ।
4.
रेशम मार्ग से व्यापार के साथ – साथ सांस्कृतिक
आदान-प्रदान भी होता था।
5.
रेशम मार्ग से इस्लाम, इसाई और बौध्द धर्म
का प्रचार-प्रसार दुनिया में हुआ ।
6.
रेशम मार्ग से जुडी हुई तत्कालीन दुनिया के आपसी
संपर्क को पहला भूमंडलीकरण कहा जा सकता है ।
अथवा
स्पिनिंग जेनी की दो विशेषताएं लिखिए ।
उत्तर- स्पिनिंग जेनी की
प्रमुख दो विशेषताएं निम्नलिखित हैं –
1. स्पिनिंग जेनी एक कताई मशीन है जिसने कताई की
प्रक्रिया को तेज कर दिया ।
2. स्पिनिंग जेनी में एक ही मजदूर अनेक तक्लियों को एक
साथ घुमा सकता था जिससे मजदूरों की माँग कम हो गई ।
3. कई तकलियों के एक साथ घूमने के कारण यह कई धागे बना
सकती थी ।
4. इस मशीन का आविष्कार जेम्स हरग्रीव्ज ने की थी ।
प्र.12- आयात शुल्क का क्या अर्थ है ? 2
उत्तर - आयात शुल्क - यह किसी दूसरे देश से आने वाली वस्तुओं पर
वसूल किया जाने वाला एक कर होता है। यह कर या शुल्क उस स्थान पर लिया जाता है जहाँ
से वह वस्तु देश में आती है अर्थात् किसी सड़क सीमा बन्दरगाह अथवा हवाई अड्डे पर।
अथवा
कॉर्न
लॉ समाप्त करने के पश्चात ब्रिटेन में क्या हुआ ?
उत्तर
– कॉर्न लॉ समाप्त होने के निम्नलिखित प्रभाव पड़े –
1. ब्रिटेन में बहुत कम कीमत पर खाद्य पदार्थों का आयात होने लगा।
2. ब्रिटेन में खाद्य पदार्थ सस्ते हो गये।
3. जमीन का एक बड़ा हिस्सा कृषि से विहीन हो गया और लोग भारी संख्या में बेरोजगार हो गये।
4. काम की तलाश में लोग बड़ी संख्या में शहरों की ओर पलायन करने लगे।
प्र.13- छपाई या प्रिंट मीडिया का महत्व दो
बिन्दुओं में लिखिए । 2
उत्तर – प्रिंट मीडिया का महत्व –
1. प्रिंट मीडिया में मुद्रित सामग्री के विभिन्न रूप शामिल हैं, जो संचार और विज्ञापन के लिए महत्वपूर्ण
उपकरण के रूप में काम करते हैं। इसकी भौतिक प्रकृति एक स्पर्शनीय अनुभव प्रदान
करती है जिससे दर्शकों के साथ एक मजबूत भावनात्मक संबंध बनता है।
2. प्रिंट मीडिया अन्य मीडिया माध्यमों की तुलना में एक
सस्ता सुलभ एवं विश्वसनीय माध्यम है। यह हर किसी की पहुंच में है। कोई भी समाचार
पत्र ₹5 या ₹10 में मिलता है। जिसे कोई भी सामान्य व्यक्ति आसानी से खरीद
सकता है और इस मीडिया का लाभ उठा सकता है।
अथवा
‘महिलाओं
पर मुद्रण’ का प्रभाव लिखिए ।
उत्तर – ‘महिलाओं का मुद्रण पर प्रभाव को निम्नलिखित
बिन्दुओं के आधार पर समझा जा सकता है –
1. मुद्रण संस्कृति के विकास के साथ ही महिलाओं की जिंदगी के बारे में लेखन में ईमानदारी और संवेदना के साहोने लगा।
2. हिंदुओं को लगता था कि महिलाओं को पढ़ाने से वे विधवा हो जाएंगी और मुसलमानों को लगता था कि उर्दु की रूमानी किताबें पढ़कर महिलाएं बिगड़ जाएंगी।
3. पूर्वी बंगाल की एक महिला रशसुन्दरी देवी ने छुप छुप कर पढ़ना आरंभ किया ओर अपने जीवन पर आधारितआमार जीबन नाम आत्मकथा लिख डाली।
4. कैलाशबासिनी देवी ने महिलाओं के अनुभवों को संकलित कर 1860 के दशक में प्रकाशित करना शुरू किया।
5. ताराबाई शिंदे और पंडिता रमाबाई ने उच्च जातियों की नारियों की व्यथा को लिखा।
6. उर्दु, तमिल, बंगाली और मराठी में मुद्रण पूर्व से विकसित हो गया था जबकि हिंदी में गंभीर मुद्रण 1870 के दशक से हुआ।
7. राम चड्ढा ने औरतों को आज्ञाकारी पत्नी बनने के गुर सिखाने वाली पुस्तक स्त्री धर्म विचार लिखी।
8. मुद्रण आने के बाद से स्त्रियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने लगे।
प्र.14- भारतीय समाज के अनुसार आदर्श नारी
के दो गुण लिखिए । 2
उत्तर – भारतीय समाज में आदर्श नारी के दो महत्वपूर्ण
गुण हैं: सहनशीलता और समर्पण
1. सहनशीलता: एक आदर्श
नारी को हर परिस्थिति में धैर्य और सहनशीलता बनाए रखनी चाहिए, चाहे वह परिवार में हो या
समाज में।
2. समर्पण: उसे अपने
परिवार, पति और समाज के प्रति
समर्पित रहना चाहिए, और उनके लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।
अन्य उत्तर - भारतीय समाज में आदर्श नारी के गुण, त्याग, समर्पण, सहनशीलता, प्रेम,
दया, और ज्ञान-प्राप्ति जैसे गुणों के साथ, परिवार और समाज के प्रति
जिम्मेदारी निभाने की क्षमता को महत्व देते हैं -
भारतीय समाज के अनुसार आदर्श नारी के प्रमुख
गुण:
1. सहनशीलता और धैर्य:
कठिन परिस्थितियों में भी शांत और धैर्यवान
रहना।
2. दया और करुणा:
दूसरों के प्रति दयालु और संवेदनशील होना।
3. समर्पण और त्याग:
परिवार और समाज के लिए अपने स्वार्थों का
त्याग करना।
4. प्रेम और स्नेह:
परिवार के सदस्यों और दूसरों के साथ प्रेम और
स्नेह से व्यवहार करना।
5. ज्ञान और शिक्षा:
ज्ञान प्राप्त करने और उसे दूसरों के साथ
साझा करने की इच्छा।
6. जिम्मेदारी और निष्ठा:
अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाना।
7. आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास:
खुद पर और अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखना।
8. सच्चाई और ईमानदारी:
हमेशा सच बोलना और ईमानदार रहना।
9. सद्भाव और विनम्रता:
हर किसी के साथ विनम्र और मधुर व्यवहार करना।
अथवा
नारीवादी आन्दोलन क्या है?
उत्तर - महिलाओं को समान अधिकार दिलाने के उद्देश्य से होने वाले आंदोलन को
नारीवादी आंदोलन कहते हैं।
प्र.15- लोकतंत्र का महत्व लिखिए । 2
उत्तर – लोकतंत्र का
महत्व –
1.
समानता और न्याय:
लोकतंत्र नागरिकों को जाति, धर्म या लिंग के आधार पर भेदभाव किए बिना
समान अधिकारों की गारंटी देता है। लोकतंत्र में सभी नागरिक
कानून की नजर में समान होते हैं और उन्हें समान अधिकार प्राप्त होते हैं, जिससे न्याय और समानता
स्थापित होती है।
2.
स्वतंत्रता:
लोकतंत्र में लोगों को अपनी राय व्यक्त करने, संगठन बनाने और सरकार की
नीतियों की आलोचना करने की स्वतंत्रता होती है।
3.
भागीदारी:
लोकतंत्र के कारण नागरिक सरकार चलाने के लिए अपना
नेतृत्व चुन सकते हैं। लोकतंत्र में जनता को सरकार बनाने और चलाने में सक्रिय रूप से भाग लेने का
अधिकार होता है, जिससे
वे अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।
4.
जवाबदेही:
लोकतंत्र में सरकार जनता के प्रति जवाबदेह
होती है, जिससे वह जनता की भलाई के
लिए काम करती है और भ्रष्ट होने से बचती है।
5.
सामाजिक विकास:
लोकतंत्र में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास को
बढ़ावा मिलता है, क्योंकि जनता की भागीदारी से विकास की
योजनाएं और नीतियां बेहतर तरीके से बनाई जाती हैं।
6.
सहिष्णुता:
लोकतंत्र में विभिन्न धर्मों, जातियों और संस्कृतियों के लोग शांतिपूर्वक रह सकते हैं, क्योंकि सभी को अपनी पहचान और संस्कृति को बनाए रखने का अधिकार होता है।
7.
अधिकारों की सुरक्षा:
लोकतंत्र में नागरिकों के अधिकारों और
स्वतंत्रताओं की रक्षा की जाती है, जिससे वे सुरक्षित और स्वतंत्र महसूस करते हैं।
8.
विवादों का शांतिपूर्ण समाधान:
लोकतंत्र में विभिन्न मतभेदों को शांतिपूर्ण
तरीके से सुलझाने का अवसर मिलता है, जिससे समाज में शांति और सद्भाव बना रहता है।
9.
विकास और प्रगति:
लोकतंत्र में विकास और प्रगति को बढ़ावा
मिलता है, क्योंकि जनता की भागीदारी से
बेहतर नीतियां और योजनाएं बनती हैं।
10.
शिक्षा और जागरूकता:
लोकतंत्र में जनता को राजनीतिक शिक्षा और
जागरूकता मिलती है, जिससे वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं।
अथवा
लोकतंत्र के दो परिणाम लिखिए ।
उत्तर – लोकतंत्र के कई परिणाम होते हैं, जो कि निम्नलिखित हैं -
1.
समानता
लोकतंत्र
में नागरिकों के बीच समानता आती है ।
2.
आज़ादी
लोकतंत्र
में नागरिकों को आज़ादी मिलती है ।
3.
उत्तरदायी सरकार
लोकतंत्र
में सरकार नागरिकों के प्रति जवाबदेह होती है ।
4.
आर्थिक विकास
लोकतंत्र
में आर्थिक विकास होता है ।
5.
सामाजिक विविधताओं में सामंजस्य
लोकतंत्र
में सामाजिक विविधताओं में सामंजस्य होता है ।
6.
गलतियों को सुधारने की गुंजाइश
लोकतंत्र
में गलतियों को सुधारने की गुंजाइश होती है ।
7.
संघर्षों का समाधान
लोकतंत्र
में संघर्षों का समाधान होता है ।
8.
व्यक्ति की गरिमा
लोकतंत्र में व्यक्ति की गरिमा बढ़ती है ।
9.
फ़ैसलों में सुधार
लोकतंत्र
में फ़ैसलों में सुधार होता है ।
10. आम लोगों का कल्याण
लोकतंत्र
में आम लोगों का कल्याण होता है ।
लोकतंत्र के
बारे में कुछ और बातें:
· लोकतंत्र एक तरह की सरकार या राजनीतिक व्यवस्था है ।
·
लोकतंत्र में नागरिकों के पास कुछ स्तर की शक्ति और अधिकार होते हैं ।
·
लोकतंत्र में नागरिक अपनी सरकार की राजनीतिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग
लेते हैं ।
·
लोकतंत्र में न्यायालय और निर्णायक स्वतंत्र रूप से काम करते हैं ।
प्र.16- उधारदाता, उधर देते समय समर्थक ऋणआधार (
गिरवी रखना) की माँग क्यों करता है? 2
उत्तर – उधारदाता ऋण के
विरुद्ध सुरक्षा के रूप में समर्थक ऋणाधार की माँग करता है। समर्थक ऋणाधार एक संपत्ति है जो उधारकर्ता के पास होती है (जैसे भूमि, भवन, वाहन, पशुधन, जमा, आदि)। यह ऋणदाता
द्वारा निम्नलिखित उद्देश्य से मांगा जाता है:-
·
ऋण चुकाने तक
ऋणदाता को गारंटी के रूप में।
·
डिफॉल्ट यानी ऋण
चुकाने में असमर्थ होने की स्थिति में ऋणदाता इसे बेच सकता है या इसका उपयोग कर
सकता है।
अथवा
ऋण
के औपचारिक और अनौपचारिक स्रोत क्या हैं? लिखिए।
उत्तर – ऋण के औपचारिक स्रोत –
1.
इसके अंतर्गत ऋण क्षेत्र सर्कार के द्वारा पंजीकृत होते हैं।
2.
भारतीय रिज़र्व बैंक इस क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखता है।
3.
इनका उद्देश्य लाभ कमाने के साथ – साथ सामाजिक कल्याण भी होता है।
4.
इनकी ब्याज दर कम होती हैं।
5.
बैंक, सहकारी समिति आदि इसके अंतर्गत होती हैं।
ऋण के अनौपचारिक स्रोत –
1.
इसके अंतर्गत ऋण क्षेत्र गैर पंजीकृत होते हैं।
2.
इस क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखने कोई निरीक्षण नहीं होता है।
3.
इनका उद्देश्य केवल लाभ कमाना होता है।
4.
इन ब्याज दर उच्चतम होती हैं।
5. साहूकार, जमींदार, रिश्तेदार आदि इसके उदहारण हैं।
प्र.17- वे कौन – कौन से तरीके हैं जिनसे बाज़ार में लोगों का शोषण हो सकता है? 2
उत्तर – बाज़ार में लोगों का शोषण कई तरीकों से हो
सकता है, जैसे कि अतिरिक्त कीमत वसूलना, कम मात्रा में सामान देना,
घटिया सामान बेचना, मिलावट करना, भ्रामक विज्ञापन करना, और ज़रूरी जानकारी छुपाना।
यहाँ कुछ और तरीके दिए गए हैं
जिनसे लोगों का शोषण हो सकता है:
1.
माप-तौल में कमी:
व्यापारी अक्सर सामान को कम मात्रा में देते हैं या
कम वजन करके बेचते हैं, जिससे उपभोक्ता को नुकसान होता है।
2.
घटिया सामान बेचना:
कुछ व्यापारी जानबूझकर घटिया या खराब क्वालिटी का
सामान बेचते हैं, जिससे उपभोक्ता को धोखा लगता है।
3. मिलावट करना:
कुछ लोग खाने-पीने की चीजों में मिलावट करते हैं, जिससे लोगों की
सेहत को नुकसान होता है।
4. भ्रामक विज्ञापन:
कुछ कंपनियां झूठे या भ्रामक विज्ञापन करके लोगों को
सामान खरीदने के लिए मजबूर करती हैं।
5. ज़रूरी जानकारी छुपाना:
कुछ व्यापारी सामान के बारे में ज़रूरी जानकारी, जैसे कि कीमत,
सामग्री, या इस्तेमाल का तरीका, छुपाते हैं।
6. काला बाज़ार:
कुछ लोग ज़रूरी सामान को जमा करके बाद में ऊंचे दामों
पर बेचते हैं, जिससे लोगों को परेशानी होती है।
7. अतिरिक्त शुल्क:
कुछ व्यापारी सामान की कीमत के अलावा अतिरिक्त शुल्क
वसूलते हैं, जैसे कि डिलीवरी चार्ज या टैक्स।
8. सेवा की शर्तों का पालन न करना:
कुछ व्यापारी सेवा की शर्तों का पालन नहीं करते हैं, जिससे उपभोक्ता
को नुकसान होता है।
9. कानूनों का अभाव:
उपभोक्ता संरक्षण के लिए प्रभावी कानूनों की कमी भी
शोषण का कारण बनती है।
10. सीमित प्रतियोगिता:
जब बाजार में सीमित संख्या में विक्रेता होते हैं, तो वे अपनी
मनमानी कीमतों पर सामान बेच सकते हैं।
11. सीमित आपूर्ति:
जब किसी वस्तु की आपूर्ति उसकी मांग से कम होती है, तो कीमतें बढ़
सकती हैं और जमाखोरी की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलता है।
अथवा
उत्तर – एक जागरूक उपभोक्ता बनने के लिए, आपको अपनी उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए, उत्पादों
की गुणवत्ता और कीमत की तुलना करनी चाहिए, और किसी भी समस्या
के मामले में शिकायत दर्ज करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
जागरूक
उपभोक्ता बनने के लिए आवश्यक बातें:
·
उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी:
· सुरक्षा का अधिकार: आपको हानिकारक उत्पादों से सुरक्षा का अधिकार है।
· जानकारी का अधिकार: आपको उत्पाद के बारे में सही जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है।
· चयन का अधिकार: आपको विभिन्न उत्पादों और सेवाओं में से चुनने का अधिकार है।
· सुने जाने का अधिकार: आपको अपनी बात रखने और शिकायत दर्ज करने का अधिकार है।
· उपचार का अधिकार: आपको किसी भी समस्या के लिए उचित उपचार पाने का अधिकार है।
·
उत्पाद की गुणवत्ता और कीमत की तुलना:
· उत्पाद की जानकारी: खरीदने से पहले उत्पाद के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करें, जैसे कि उसकी गुणवत्ता, सामग्री, उपयोग, और वारंटी।
· कीमत की तुलना: विभिन्न दुकानों और ब्रांडों में उत्पादों की कीमतों की तुलना करें।
· गुणवत्ता की जांच: उत्पाद खरीदते समय उसकी गुणवत्ता की जांच करें, जैसे
कि ISI, Agmark, हॉलमार्क जैसे गुणवत्ता प्रमाणन चिह्न।
·
शिकायत दर्ज करना:
· शिकायत दर्ज करने का अधिकार: यदि आपको कोई समस्या है, तो आप
शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
· शिकायत दर्ज करने का तरीका: आप विक्रेता, उपभोक्ता फोरम,
या उपभोक्ता संरक्षण विभाग में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
· शिकायत के लिए आवश्यक दस्तावेज: शिकायत दर्ज करते समय आपके पास खरीद का बिल, वारंटी कार्ड, और अन्य संबंधित दस्तावेज होने चाहिए।
·
अन्य महत्वपूर्ण बातें:
· विज्ञापन पर ध्यान दें: विज्ञापनों पर ध्यान दें और झूठे दावों से सावधान रहें।
· खरीदारी करते समय सतर्क रहें: खरीदारी करते समय सतर्क रहें और किसी भी तरह के शोषण से
बचें।
· उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम में भाग लें: उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम में भाग
लें और दूसरों को भी जागरूक करें।
· उपभोक्ता संगठनों से जुड़े: उपभोक्ता संगठनों से जुड़ें और उनके द्वारा चलाए जाने
वाले कार्यक्रमों में भाग लें।
प्र.18- मृदा परिच्छेदिका का सचित्र वर्णन
कीजिये। 3
उत्तर – मृदा परिच्छेदिका का सचित्र वर्णन :-
चित्र –
मृदा की ऊपरी सतह से आधारभूत चट्टान तक के ऊर्ध्वाधर काट को 'मृदा परिच्छेदिका' तथा मृदा की क्षैतिज परतों को 'मृदा संस्तर' कहते हैं। मृदा परिच्छेदिका को तीन क्षेत्र में विभाजित करते हैं-
1. संस्तर A (Horizon A)-यह स्तरी ऊपरी मृदा (top
soil) भी कहलाता है। इसमें पूर्ण, अपूर्ण तथा
अन-अपघटित ह्यूमस (humus) पायी जाती है। इसमें मुख्यत: पौधों
की जड़ें पायी जाती हैं।
2. संस्तर B (Horizon B)-इसे अवमृदा (subsoil)
भी कहते हैं। यह मुख्यतः चिकनी मृदा से बना होता है। इसमें जड़ों की
वृद्धि कम होती है। इसमें ह्यूमस की मात्रा भी कम होती है।
3. संस्तर C (Horizon C)-यहं मृदा परिच्छेदिका
का सबसे निचला स्तर होता है। इसमें अपक्षीण चट्टानें (weathered rocks) पायी जाती हैं। इस स्तर के नीचे कठोर चट्टानें होती हैं।
अथवा
भारत
की तीन मृदाए, उनका क्षेत्र और एक-एक- विशेषताए
लिखिए ।
उत्तर – सारणी
अनुसार -
प्र.19- भारत में पर्यावरण निम्नीकरण की रोकथाम कैसे हो सकती है? 3
उत्तर - उद्योग द्वारा पर्यावरण को होने वाले नुकसान की रोकथामः
· जल का पुनःचक्रीकरण होना चाहिए। इससे ताजे
पानी के इस्तेमाल को कम किया जा सकता है।
· वर्षाजल संग्रहण पर जोर देना चाहिए।
· गरम पानी और अपशिष्टों को समुचित उपचार के
बाद ही नदियों और तालाबों में छोड़ना चाहिए।
· चिमनी में इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर
लगना चाहिए ताकि निलंबित कण हवा में न पहुँचने पाएँ।
अथवा
आधारभूत उद्योग क्या हैं? उदहारण देकर बताइए।
उत्तर- वैसे उद्योग जिनसे प्राप्त उत्पाद अन्य उद्योगों में कच्चे माल के
रूप में प्रयोग में लाए जाते हैं। इसलिए इन्हें आधारभूत उद्योग कहते हैं।
उदहारण –
1. लोहा-इस्पात उद्योग:
यह उद्योग अन्य उद्योगों जैसे कि ऑटोमोबाइल, निर्माण और
मशीनरी के लिए स्टील प्रदान करता है।
2. रसायन उद्योग:
यह उद्योग अन्य उद्योगों के लिए प्लास्टिक, उर्वरक, पेंट और
अन्य रसायनों का उत्पादन करता है।
3. तांबा गलाने और एल्यूमीनियम गलाने उद्योग:
ये उद्योग अन्य उद्योगों के लिए तांबा और
एल्यूमीनियम प्रदान करते हैं।
4. ऊर्जा उद्योग:
यह उद्योग
बिजली, तेल और गैस
जैसे ऊर्जा स्रोतों का उत्पादन करता है, जो सभी उद्योगों के लिए आवश्यक हैं।
प्र.20- राजनैतिक दलों को सुधारने हेतु
किये गए कुछ प्रयास और सुझाव लिखिए । 3
उत्तर - लोकतंत्र के कामकाज के लिए राजनीतिक
पार्टियाँ बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। चूंकि दल ही लोकतंत्र का सबसे ज्यादा प्रकट
रूप है। इसलिए यह स्वाभाविक है कि लोकतंत्र के कामकाज की गड़बड़ियों के लिए लोग
राजनीतिक दल को ही दोषी ठहराते हैं। अतः चुनौतियों का सामना करने के लिए दलों को
सुधारने के लिए कुछ सुझाव निम्नांकित हैं-
प्रयास -
(क) दलबदल विरोधी कानून: इस नियम के तहत चुनाव
के बाद विधायकों या सांसदों को पार्टी बदलने से मना किया जाता है। कोई भी विधायक या
सांसद जो पार्टी बदलता है, वह विधानमंडल में अपनी सीट खो देगा। ऐसा इसलिए
किया गया क्योंकि कई निर्वाचित राजनेता मंत्री बनने या अन्य लालच के उद्देश्य से दलबदल
करते थे।
(ख) संपत्ति और आपराधिक मामलों का विवरण: धन और
अपराधियों के प्रभाव को कम करने के लिए, हमारे देश के सर्वोच्च न्यायालय ने एक आदेश जारी
किया है जिसमें चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक उम्मीदवार को अपनी संपत्ति और उसके खिलाफ
लंबित आपराधिक मामलों का विवरण देने वाला हलफनामा दाखिल करना होगा। हालाँकि, यह सत्यापित
करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है कि उम्मीदवार द्वारा दी गई जानकारी सही है या नहीं।
(ग) आयकर रिटर्न दाखिल करना: चुनाव आयोग ने एक
आदेश जारी किया है जिसमें राजनीतिक दलों को संगठनात्मक चुनाव के साथ-साथ आयकर रिटर्न
दाखिल करने की आवश्यकता है। पार्टियों ने ऐसा करना शुरू कर दिया है, लेकिन कभी-कभी
यह केवल औपचारिकता होती है।
सुझाव –
1. राजनीतिक दलों के आंतरिक मामलों को कानून द्वारा
विनियमित किया जाना चाहिए। राजनीतिक दलों को सदस्यता सूची रखने, अपने स्वयं के
संविधान का पालन करने, एक स्वतंत्र प्राधिकरण रखने, पार्टी विवादों
में न्यायाधीश के रूप में कार्य करने और शीर्ष पदों के लिए खुले चुनाव आयोजित करने
की आवश्यकता होनी चाहिए।
2. राजनीतिक दलों को महिला उम्मीदवारों को न्यूनतम
संख्या में टिकट (लगभग एक तिहाई) आवंटित करने की आवश्यकता होनी चाहिए। इसी तरह, पार्टी के निर्णय
लेने वाले ढांचे में महिलाओं के लिए एक कोटा स्थापित किया जाना चाहिए।
3. राज्य वित्त पोषण के लिए चुनाव आयोजित किए जाने
चाहिए। सरकार को चुनाव खर्च में मदद करने के लिए राजनीतिक दलों को धन उपलब्ध कराना
चाहिए।
4. राजनीतिक चिंताओं के लिए कानूनी उपायों को सावधानी
से अपनाया जाना चाहिए। राजनीतिक दलों का अत्यधिक विनियमन प्रतिकूल हो सकता है।
5. लोग याचिकाओं, प्रचार और आंदोलन के माध्यम से राजनीतिक दलों
पर दबाव डाल सकते हैं। यदि कोई राजनीतिक दल मानता है कि वह जनता का समर्थन खो देगा, तो वह सुधारों
को अधिक गंभीरता से लेगा। यदि राजनीतिक दलों को बढ़ाने के इच्छुक लोग उनके साथ जुड़ते
हैं, तो वे ऐसा कर
सकते हैं।
6. जन भागीदारी लोकतंत्र की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। यदि आम लोग
इसमें भाग नहीं लेंगे तो राजनीति को बदलना असंभव है।
अथवा
राजनैतिक
दलों की तीन चुनौतियां लिखिए।
उत्तर - राजनीतिक दलों के सामने निम्नलिखित
चुनौतियां हैं -
अ. आंतरिक लोकतंत्र की कमी - पार्टी के प्रत्येक सदस्य को निर्णय लेने की
प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर नहीं मिलता है। सारी ताकत एक या कुछेक नेताओं के
हाथ में ही सिमट जाती है और जो उनके फैसलों से अहमत होते हैं उनको पार्टी में
महत्व नहीं मिलता अथवा अलग हो जाना पड़ता है।
ब. वंशवाद की चुनौती - अधिकांश दल पारदर्शी तरीके से कामकाज नहीं
करते हैं। फैसला लेने वाले नेता अपने ही परिवार अथवा वंश के व्यक्ति को पार्टी में
प्रमुख पदों पर जगह देते हैं। सामान्य कार्यकर्त्ता के लिए बड़े पदों तक पहुंचना
कठिन कार्य हो जाता है।
स. पैसा और अपराधी तत्वों का बोलबाला - चूँकि सभी पार्टियों का अंतिम लक्ष्य किसी भी
तरह सत्ता प्राप्ति होता है अतः जायज और नाजायज तरीकों का प्रयोग करने से नहीं
चूकते। इसी कारण पार्टी में बाहुबलियों और अमीरों का बोलबाला हो जाता है। ऐसे में
सामान्य कार्यकर्त्ता के लिए चुनाव लड़ना और जीतना एक स्वप्न मात्र रह जाता है।
द. पार्टियों के बीच विकल्पहीनता की चुनौती -
विभिन्न राजनीतिक
पार्टियों की मूल विचारधारा भले ही आदर्श हो किन्तु व्यवहार में सभी पार्टियों की
नीतियों और कार्यक्रम में बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता है। और जनता सभी को एक ही
तराजू में तौलने लगती है जिससे नए राजनीतिक विकल्प की तलाश बनी रहती है।
प्र.21- सड़क परिवहन और रेल परिवहन में
तुलना चार बिन्दुओं में कीजिये । 4
उत्तर –
विशेषता |
सड़क परिवहन |
रेल परिवहन |
लचीलापन |
अधिक |
कम |
लागत |
कम |
अधिक |
दूरी |
छोटी और मध्यम |
लंबी |
तेजी |
अधिक |
कम |
पर्यावरण |
अधिक प्रदूषणकारी |
कम प्रदूषणकारी |
उपलब्धता |
हर जगह |
सीमित |
उपयोग |
व्यक्तिगत और छोटे माल |
भारी माल और लंबी दूरी |
अथवा
जल
परिवहन और वायु परिवहन को चार बिन्दुओं में लिखिए।
उत्तर – जल
परिवहन –
1. परिभाषा - जल परिवहन
का अर्थ है लोगों और सामानों को पानी के माध्यम से ले जाना, जैसे कि नदियों, झीलों, नहरों और समुद्रों में।
2. साधन- जल परिवहन
के लिए नाव, जहाज,
स्टीमर, और पानी के जहाज जैसे साधन उपयोग किए
जाते हैं।
3. महत्व - जल परिवहन
सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल होता है, और भारी और बड़े सामानों को ले जाने के लिए उपयुक्त है।
4. उदाहरण- अंतर्राष्ट्रीय
व्यापार में जल परिवहन का महत्वपूर्ण योगदान है, क्योंकि यह लंबी दूरी के लिए सामानों को ले
जाने का सबसे सस्ता तरीका है।
वायु
परिवहन –
1. परिभाषा - वायु
परिवहन का अर्थ है लोगों और सामानों को हवाई जहाज, हेलीकॉप्टर और अन्य विमानों के माध्यम से
हवा में ले जाना।
2. साधन - वायु परिवहन
के लिए हवाई जहाज, हेलीकॉप्टर, और अन्य विमान उपयोग किए जाते हैं।
3. महत्व - वायु परिवहन
तेज और लंबी दूरी की यात्रा के लिए उपयुक्त है, लेकिन यह जल परिवहन की तुलना में अधिक महंगा होता है।
4. उदाहरण - हवाई परिवहन
का उपयोग आपातकालीन स्थिति में, दूरस्थ स्थानों तक यात्रा करने के लिए, और
समय-संवेदनशील सामानों को ले जाने के लिए किया जाता है।
प्र.22- निम्नलिखित को समझाइये ( कोई दो )
- 4
(a) साइमन कमीशन
(b) दांडी मार्च
(c) भारत छोडो आन्दोलन
(d) सत्याग्रह पर महात्मा गाँधी जी के विचार
उत्तर – (अ) साइमन
कमीशन - 1919 एक्ट के तहत यह निर्णय लिया गया था कि प्रत्येक 10 साल बाद सुधारों का मूल्यांकन किया जाएगा इसी के लिए इंग्लैंड की
टोरी सरकार ने भारत में कमीशन भेजा जिसका नाम साइमन कमीशन था 1928 में जॉन साइमन की अध्यक्षता में एक आयोग भारत आया इस कमीशन का उद्देश्य भारतीयों के हितों का देखभाल करना था जबकि इसमें एक भी भारतीय
नहीं था इसलिए भारतीय ने इस मिशन का बहिष्कार किया और साइमन गो बैक के नारे लगाए
जब आयोग लाहौर पहुंचा तो लाला लाजपत राय प्रदर्शन कर रहे थे पुलिस के लाठीचार्ज में लाला लाजपत राय घायल हो गए और उनकी मृत्यु हो गई।
(ब)
दांडी मार्च - महात्मा
गाँधी का विश्वास था कि पूरे देश को एक करने में नमक एक शक्तिशाली हथियार बन सकता
था।
ü 31 जनवरी 1930 को महात्मा गांधी ने वाइसराय इरविन को एक पत्र भेजा जिसमें ग्यारह माँगें
थीं, जिनमें से एक नमक कर को समाप्त करने की माँग थी ।
नमक अमीर और गरीब समान रूप से उपभोग किए जाने वाले सबसे आवश्यक खाद्य पदार्थों में
से एक था और इस पर लगाया गया कर ब्रिटिश सरकार द्वारा लोगों पर अत्याचार माना जाता
था।
ü महात्मा गांधी का पत्र एक अल्टीमेटम था और
अगर 11 मार्च तक उनकी
मांग पूरी नहीं हुई , तो उन्होंने सविनय अवज्ञा
अभियान शुरू करने की धमकी दी थी। तो , महात्मा
गांधी ने अपने विश्वसनीय स्वयंसेवकों में से 78 के
साथ अपने प्रसिद्ध नमक मार्च की शुरुआत की।
ü दांडी मार्च या नमक आंदोलन को गाँधीजी ने 12 मार्च 1930 को शुरु किया । उन्होंने 24 दिनों तक चलकर
साबरमती से दांडी तक की 240 मील की दूरी तय की।
महात्मा गांधी को सुनने के लिए हजारों लोग आते , और
उन्हें बताया कि स्वराज से उनका क्या तात्पर्य है और उन्होंने अंग्रेजों के
कानूनों का शांतिपूर्वक अवहेलना करने की बात कही।
ü 06 अप्रैल 1930 को वह दांडी पहुंचे और औपचारिक रूप से कानून का उल्लंघन किया , समुद्र के पानी को उबालकर नमक का निर्माण किया । यहीं से सविनय अवज्ञा
आंदोलन की शुरुआत हो गई।
(स)
भारत छोडो आन्दोलन – सन् 1942 के वर्ष
में देश के राजनीतिक मच पर एक ऐसा ऐतिहासिक आन्दोलन आरम्भ हुआ, जिसे 'भारत छोड़ो आन्दोलन' के नाम से जाना जाता है। यह वास्तव स जन-आन्दोलन था। यह एक ऐसा
अन्तःप्रेरित और स्वेच्छामल सामूहिक आन्दोलन था, जिसका
जन्म राष्ट्र की स्वाधीनता से लिए स्व-प्रेरणा के फलस्वरूप हुआ था। ৪ अगस्त की रात्रि
में 'भारत छोड़ो आन्दोलन' प्रस्ताव
मुम्बई में बहुमत से पारित हुआ। गाँधीजी ने इस अवसर ए कहा कि "प्रत्येक
भारतवासी को चाहिए कि वह अपने आपकी स्वाधीन मनुष्य समझे । उसे यथार्थतापूर्ण
प्राप्ति अथवा उसके हेत किये गये प्रयत्न में मर मिटने को तत्पर रहना चाहिए।"
सन् 1942 का भारत छोड़ो आन्दोलन
स्वाधीनता का घोणित लक्ष्य प्राप्त करने में असफल रहा, परन्तु
आन्दोलन इस दृष्टि से सफल रहा कि ब्रिटिश सरकार को यह विश्वास हो गया कि भारत की
स्वाधीनता की माँग की लम्बे समय तक उपेक्षा नहीं की जा सकती है। इस आन्दोलन के
कारण ही विश्व जनमत इंग्लैण्ड के विरुद्ध जागृत हुआ। इसी कारण आन्दोलन की समाप्ति
के पश्चात् सत्ता के हस्तान्तरण का प्रश्न हो प्रमुख बना। इस प्रकार कहा जा सकता
है कि भारतीय स्वतन्त्रता के इतिहास में 'भारत छोड़ो
आन्दोलन' का महत्वपूर्ण स्थान है।
(द) सत्याग्रह पर महात्मा गाँधी के विचार - सत्याग्रह शारीरिक बल नहीं है अपितु यह
शुद्ध आत्मबल है। जिसको निम्नलिखित प्रकार से समझा जा सकता है :-
1. सत्याग्रह के विचार में सत्य की शक्ति पर आग्रह और सत्य की खोज पर जोर
दिया जाता था। इसका अर्थ यह था, कि यदि आप का उद्देश्य
सच्चा है, यदि आपका संघर्ष अन्याय के विरुद्ध है तो
उत्पीड़क का मुकाबला करने के लिए आपको किसी शारीरिक बल की आवश्यकता नहीं है।
2. सत्याग्रह के विचार में प्रतिशोध या बदले की भावना लिए बिना सत्याग्रही
केवल अहिंसा के बल पर ही अपने संघर्ष में सफल हो सकता है।
3. उत्पीड़क शत्रु को ही नहीं बल्कि सभी लोगों को हिंसा की अपेक्षा सत्य को
स्वीकार करने पर विवश करने के स्थान पर, सच्चाई को
देखने और सहज भाव से स्वीकार करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
4. इस संघर्ष में अंत में जीत सत्य की ही होती है। गांधी जी का विश्वास था कि
अहिंसा का यह धर्म सभी भारतीयों को एकता के सूत्र में बांध सकता है। क्योंकि जब
सच्चाई के साथ लड़ाई लड़ी जाती है तो अंत में जीत सच्चाई की ही होती है। इसलिए गांधी
जी का भी यही विश्वास था कि अंत में जीत सत्य की ही होगी।
अथवा
गांधीजी
ने असहयोग आन्दोलन को वापस लेने का फैसला क्यों किया?
उत्तर –
असहयोग आंदोलन की
शुरुआत:
1920 में, महात्मा गांधी ने भारत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ असहयोग आंदोलन शुरू किया,
जिसका उद्देश्य अहिंसक तरीकों से ब्रिटिश सरकार के साथ सहयोग न करना
था।
अहिंसा का सिद्धांत:
गांधीजी का मानना था कि आंदोलन को अहिंसक
बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है।
चौरी-चौरा घटना:
1922 में, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में चौरी-चौरा नामक स्थान पर एक पुलिस थाने
पर भीड़ ने हमला कर दिया, जिसमें कई पुलिसकर्मी मारे गए।
हिंसा से गांधीजी का
दुखी होना:
इस घटना से गांधीजी को बहुत दुख हुआ क्योंकि
यह उनके अहिंसक सिद्धांत के खिलाफ थी।
आंदोलन वापस लेने का
फैसला:
गांधीजी ने महसूस किया कि आंदोलन हिंसक हो
रहा है और लोग अहिंसा के रास्ते पर चलने के लिए तैयार नहीं हैं. इसलिए, उन्होंने 12 फरवरी 1922 को
असहयोग आंदोलन को वापस लेने का फैसला किया।
अहसयोग आंदोलन अपने पूरे चरम पर था। जब
महात्मा गांधी ने 1922 में इसे वापस ले लिया। इस आंदोलन को वापस लेने के दो मुख्य कारण थे-
1. महात्मा गांधी अहिंसा और शांति के समर्थक के थे जब उन्हें पता चला की
चौरी-चौरा के पुलिस थाने में आग लगा कर 22 पुलिस
वालों को हत्या कर दी तो वो परेशान हो गए।
2. उन्होंने सोचा यदि आंदोलन हिंसक हों जाए तो अंग्रेज सरकार और उग्र हों जाएगी और बहुत निर्दोष लोग मारे जाएंगे। इसलिए महात्मा गांधी ने अहसयोग आंदोलन वापस ले लिया।
प्र.23- निम्नलिखित को भारत के मानचित्र में अंकित कीजिए - 4
i. मुंबई
हाई
ii. दिल्ली
iii. रानीगंज
iv. तूतीकोरिन
अथवा
i. डिगबोई
ii. गोवा
iii. दुर्ग
iv. लक्षद्वीप
आप सफल हों
शुभकामनायें
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नोट
– नवीन शिक्षा सत्र 01 अप्रैल 2025 से आरंभ होने जा रहा है. सभी विद्यार्थी
विद्यालय अवश्य जाएँ.
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