राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था
की जीवन रेखाएं
अध्याय को समझने हेतु विडियो लिंक
1. किसी एक देश के विकास की गति वस्तुओं तथा सेवाओं के उत्पादन
के साथ उनके एक स्थान से दूसरे स्थान तक वहन की सविधा पर निर्भर करता है।
2. किसी वस्तु को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना परिवहन
कहलाता है।
3. परिवहन के साधन तीन प्रकार के होते हैं। स्थल ,
जल और वायु।
4. स्थल परिवहन -
·
सड़क नेटवर्क
56 लाख किलोमीटर है।
·
स्थल परिवहन
सड़कों की सक्षमता के आधार पर छः भागों में वर्गीकृत है।
·
देश के चार
महानगरों को जोड़ने वाला महामार्ग स्वर्णिम चतुष्पथ कहलाता है।
·
देश के दूरस्थ
भागों को जोड़ने वाला सड़क मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग कहलाता है।
·
राज्यों की
राजधानियों को जिला मुख्यालयों से जोड़ने वाला सड़क मार्ग राज्य राजमार्ग कहलाता है।
·
जिले के प्रशासनिक
केन्द्रों को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़क जिला मार्ग कहलाती है।
·
ग्रामीण क्षेत्रों
को नगरीय क्षेत्रों से जोड़ने वाली सड़कें प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क परियोजना कहलाती
है।
·
देश की सीमाओं
वाले क्षेत्रों में स्थित सड़कें सीमांत सड़कें होती हैं। यह संगठन 1960 में बनाया गया।
5. विश्व की सबसे लंबी सुरंग अटल टनल सीमा सड़क संगठन द्वारा
बनाई गई है।
6. अटल टनल हिमालय के पीर पंजाल पर्वत माला में समुद्र तल से
3000 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।
7. रेल परिवहन -
·
देश की पहली
रेलगाड़ी 1853 में मुंबई और थाणे के मध्य चलाई गई थी।
·
भारतीय रेल
परिवहन को 16 रेल्वे जोनों में विभाजित किया गया है।
·
बड़ी लाइन
- 1.676 मीटर
·
मीटर लाइन
- 1.000 मीटर
·
छोटी लाइन
- 0.762 और 0.610 मीटर
8. पाइपलाइन -
परिवहन के इस माध्यम से पानी के अलावा खनिज तेल,
दूध तथा ठोस पदार्थों को तरल रूप में परिवर्तित कर परिवहन किया
जाता है।
·
तेल पाइपलाइन
- गुवाहाटी, बरोनी,
इलाहाबाद के रास्ते कानपुर तक। इसकी एक शाखा बरौनी से राजबंध
होकर हल्दिया तक है। दूसरी राजबंध से मोरी ग्राम तक तथ गुवाहाअी से सिलिगुड़ी तक।
·
गुजरात में
सलाया से वीरमगांव, मथुरा,
दिल्ली व सोनीपत के रास्ते पंजाब से जालंधर तक। इस की एक अन्य
शाखा वड़ोदरा के निकट कोयली को चक्षु व अन्य स्थानों को जोड़ती है।
·
गैस पाइपलाइन
- गुजरात में हजीरा को उत्तरप्रदेश में जगदीशपुर से मिलाती है। यह मध्यप्रदेश में विजयपुर
के रास्ते होकर राजस्थान में कोटा तथा उत्तरप्रदेश में शाहजहाँपुर,
बबराला व अन्य स्थानों पर है।
9.जल परिवहन -
·
भारत का अंतःस्थलीय नौसंचालन जलमार्ग 14500 किलोमीटर लंबा है।
·
राष्ट्रीय
जलमार्ग - हल्दिया - इलाहाबाद जलमार्ग 1620 किमी
·
सदिया - धुबरी
जलमार्ग 891 किमी
·
कोट्टापुरम
से कोल्लम (केरल) तक 205 किमी
·
काकीनाडा
और पुडुचेरी के साथ साथ गोदावरी और कृष्णा का विस्तार।
·
मातई नदी,
महानदी का डेल्टा चैनल, ब्र्राम्हाणी नदी का विस्तार।
·
देश का
95 प्रतिशत व्यापार ( मौद्रिक रूप से 68 प्रतिशत) समुद्री मार्ग से ही होता है।
·
पत्तन - कुल
13 बड़े तथा 200 मध्यम व छोटे पत्तन हैं।
·
कराची पत्तन
के पाकिस्तान में जाने के बाद कच्छ के कांडला में आजादी के बाद पहला पत्तन बनाया गया।
·
कांडला बंदरगाह
जिसे दीनदयाल पत्तन कहा जाता है इससे मुंबई बंदरगाह का दबाव कम हुआ।
·
मुंबई पत्तन
एक प्राकृतिक पत्तन है।
·
लौह अयस्क
के निर्यात के संबंध में मारमागाओ पत्तन महत्वपूर्ण है।
·
कर्नाटक स्थित
न्यू मंगलौर पत्तन भी कुद्रेमुख खानों के लौह अयस्क का निर्यात करता है।
·
कोच्चि पत्तन
लैगून के मुहाने पर स्थित एक प्राकृतिक पत्तन है।
·
तमिलनाडु
का तूतीकोरिन दक्षिण पूर्व के द्वीपीय देषों से व्यापार हेतु महत्वपूर्ण है।
·
चेन्नई देश
का प्राचीनतम क्रत्रिम पत्तन है।
·
विषाखापट्नम
स्थल से घिरा तथा गहरा और सुरक्षित पत्तन है।
·
ओडिषा स्थित
पाराद्वीप पत्तन भी लौह अयस्क का निर्यात करता है।
·
कोलकाता एक
स्थलीय नदीय पत्तन है। ज्वारीय पत्तन होने के कारण तथा हुगली के तलछट जमाव को हटाने
इसकी नियमित सफाई की जाती है।
·
कोलकाता पत्तन
के दबाव को कम करने हल्दिया पत्तन विकसित किया गया।
समुद्री परिवहन
पश्चिमी तट के बंदरगाह - कांडला, मुम्बई, न्हावाशेवा मरमागोआ, न्यूमंगलौर व कोचीन हैं।
पूर्वोत्तर के बंदरगाह - तूतीकोरन, इन्नौर, चैन्नई, विशाखापट्टनम, पाराह्टीप, कोलकाता व हल्यि हैं।
·
मुम्बई -
कोलकाता के बाद मुम्बई भारत का दूसरा महत्वपूर्ण एवं सबसे बड़ा प्राकृतिक बंदरगाह है।
यह बंदरगाह स्वेज तथा उत्तमाशा अंतरीप जलमार्ग पर स्थित है। यहाँ पेट्रोल ब पेट्रोलियम
उत्पाद, मशीनरी,
वैज्ञानिक यंत्र, कागज, दवाएँ, खाद्यान्न आयात किया जाता है। सूती वस्त्र,
तिलहन, मेंगनीज, चमड़ा, दवाएँ, होजरी, तेल, साबुन, तम्बाकू यहाँ से निर्यात किया जाता है। भारत के पश्चिमी तट पर
स्थित होने के कारण इसे भारत का द्वार भी कहते है।
·
कोलकात्ता
- यह भारत का ही नहीं सम्पूर्ण एशिया का मुक्त व्यापार क्षेत्र है। इसके पृष्ठप्रदेश
में पश्चिम बंगाल, उड़ीसा,
झारखण्ड, छत्तीसगढ़, असम, बिहार एवं उत्तरप्रदेश आते हैं।
·
हल्दिया
- पश्चिम बंगाल में कोलकाता से लगभग 28 कि.मी. दूर हल्दिया बंदरगाह है। इसे कोलकाता
बंदरगाह की भीड़-भाड़ को कम करने हेतु विकसित किया गया है।
·
न्हावाशेवा
- नई मुम्बई के पश्चिमी तट पर नहावाशेवा बंदरगाह विकसित किया गया है। यह भारत का आधुनिकतम
बंदरगाह है जिसका नाम जवाहरलाल नेहरु बंदरगाह रखा गया है। यह मुम्बई बंदरगाह के दबाव
को कम करने के लिए विकसित किया गया है।
·
कांडला -
कच्छ कौ खाड़ी में स्थित यह गुजरात का सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह है। इसका पृष्ठ प्रदेश
कश्मीर, हिमाचल प्रदेश,
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान व गुजरात है। इस बंदरगाह को देश के विभाजन के बाद कँराची
बंदरगाह की कमी की पूर्ति के लिए विकसित किया गया है। यहाँ पर अभ्रक,
खाद्य तेल, पेट्रोलियम पदार्थ, खाद्यान्न नमक, चीनी उवर्रक एवं सीमेंट का परिवहन होता है। यह मुक्त व्यापार
क्षेत्र के रूप में विकसित है।
·
मारमागोआ
- भारत के पश्चिमी तट पर महाराष्ट्र व कर्नाटक के खनिजों से सम्पन्न पृष्ठप्रदेश का
यह प्राकृतिक बंदरगाह गोवा में स्थित है। यह लौह अयस्क व मेंगनीज एवं नारियल,
तेल, मृगफली, काजू, कहवा का निर्यात तथा मशीनें, खनिज तेल एवं उर्वरक पदार्थों का आयात करता है।
·
न्यू मंगलौर
- यह कर्नाटक का निर्यातक बंदरगाह है। इसका पृष्ठप्रदेश केरल ब कर्नाटक राज्य है। यहाँ
से लौह अयस्क, ग्रेनाइट,
मेंगनीज, पेट्रोलियम पदार्थ, शीरा, उर्वरक, मछली का परिवहन किया जाता है।
·
कोच्चि -
यह बंदरगाह केरल में मलावार तट पर पालघाट के पास प्राकृतिक एवं सामरिक महत्व का है।
इसके पृष्ठप्रदेश में केरल तथा तमिलनाडु का बागानी कृषि क्षेत्र एवं कोयम्बटूर का औद्योगिक
क्षेत्र स्थित है।
·
तूतीकोरिन
- यह पूर्वी तट पर तामिलनाडु के दक्षिण भाग में स्थित है। इसका पृष्ठप्रदेश दक्षिण
तमिलनाडु के जिलों में फैला है। इससे चाय, कपास, खालें, इलायची व सूतीवस्त्र का निर्यात एवं खाद,
रसायन, मशीनरी व कोयला का आयात किया जाता है।
·
चैन्नई -
भारत के पूर्वों तट पर तामिलनाडु में स्थित यह एक कृत्रिम व प्राचीन बंदरगाह है। यह
प्रमुख रूप से आयातक बंदरगाह है।
·
इन्नोर -
यह नया पत्तन है। चैन्नई से 25 कि.मी. उत्तर में स्थित इसे चैन्नई के भार को कम करने
के लिए बनाया गया है।
·
विशाखापट्टनम
- पूर्वी तट के कोरोमण्डल तट पर आम्श्रप्रदेश में स्थित देश का सर्वाधिक गहरा व सुरक्षित
बंदरगाह है। यह जलयान निर्माण व मरम्मत का केद्ध भी है। यहाँ से लौह अयस्क निर्यात
किया जाता है।
·
पाराद्वीप
- यह पूर्वी तट पर उड़ीसा राज्य में कोलकाता व विशाखापट्टनम के मध्य स्थित गहरा लैगून
सदृश्य सुरक्षित बंदरगाह है। इसके पृष्ठप्रदेश में उड़ीसा, झारखण्ड व छत्तीसगढ़ खनिज व वन उत्पादों से परिपूर्ण है।
वायु परिवहन -
·
सन 1953 में
वायु परिवहन का राष्ट्रीयकरण किया गया।
·
एयर इंडिया
घरेलू तथा अंतर्राष्ट्रीय वायु सेवाएं प्रदान करती है।
·
पवन हंस हेलिकॉप्टर
- तेल तथा प्राकृतिक गैस आयोग को समुद्र एवं तटवर्ती क्षेत्रों में तेल की खोज संबंधी
गतिविधियों में हेलीकॉप्टर की सेवा उपलब्ध कराने के लिए पवनहंस की स्थापना 15 अक्टूबर
1985 को की गई।
11.संचार सेवाएं
- कार्ड , लिफाफा तथा
बंद चिट्ठी पहली श्रेणी की डाक होती है तथा रजिस्टर्ड पैकेट,
किताबें, मैगजीन, अखबार आदि द्वितीय श्रेणी के डाक होते हैं।
·
भारत में
छः डाक मार्ग बनाए गए हैं। जिनको राजधानी चैनल, मेट्रो चेनल, गीन चैनल, बिजनेस चेनल, भारी चैनल तथा दस्तावेज चैनल के नाम से जाना जाता है।
·
भारतीय व
विदेशी फिल्मों को प्रमाणित करने के लिए केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड बनाया गया है।
पाठ्यपुस्तक आधारित महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर -
1. बहुवैकल्पिक प्रश्न
(1) निम्न में से कौन-से दो दूरस्थ स्थित स्थान
पूर्वी-पश्चिमी गलियारे से जुड़े हैं?
(क) मुंबई तथा नागपुर (ख)
सिलचर तथा पोरबंदर
(ग) मुंबई और कोलकाता (घ)
नागपुर तथा सिलिगुड़ी
(2) निम्नलिखित में से परिवहन का कौन-सा साधन
वाहनांतरण हानियों तथा देरी को घटाता है?
(क) रेल परिवहन (ख) सड़क परिवहन
(ग) पाइपलाइन (घ) जल परिवहन
(3) निम्न में से कौन-सा राज्य हजीरा-विजयपुर-जगदीशपुर
पाइपलाइन से नहीं जुड़ा है?
(क) मध्य प्रदेश (ख) महाराष्ट्र
(ग) गुजरात (घ) उत्तर प्रदेश
(4) इनमें से कौन-सा पत्तन पूर्वी तट पर स्थित
है जो अंतः स्थानीय तथा अधिकतम गहराई का पत्तन है तथा पूर्ण सुरक्षित है?
(क) चेन्नई (ख) पारादीप
(ग) तूतीकोरिन (घ) विशाखापट्टनम
(5) निम्न में से कौन-सा परिवहन साधन भारत में
प्रमुख साधन है?
(क) पाइपलाइन (ख) रेल परिवहन
(ग) सड़क परिवहन (घ) वायु परिवहन
अन्य बहु विकल्पीय प्रश्नोत्तर -
1. भारत में विश्व का सड़क जाल में मामले में किस
स्थान पर है?
अ. पहला ब. दूसरा
स. तीसरा द.
चौथा
2. देश के चारों महानगरों को जोड़ने वाले सड़क मार्ग
को किस नाम से पुकारा जाता है।
अ. महानगर मार्ग ब. 6 लेन मार्ग
स. स्वर्णिम
चतुष्पथ द. मेगासिटी परियोजना
3. निम्न में से कौन-से दो दूरस्थ स्थित स्थान
उत्तरी-दक्षिणी गलियारे से जुड़े हैं?
अ. श्रीनगर - कन्याकुमारी ब.
सिलचर तथा पोरबंदर
स. मुंबई और कोलकाता द.
नागपुर तथा सिलिगुड़ी
4. कौन से राजमार्ग राज्य की राजधानी को विभिन्न
जिला मुख्यालयों से जोड़ता हैं?
अ. राष्ट्रीय राजमार्ग ब. राज्य राजमार्ग
स. जिला राजमार्ग द. शहरी राजमार्ग
5. कौन सी सड़क जिला मुख्यालय को जिले के अन्य
स्थानों से जोड़ता है?
अ. राष्ट्रीय राजमार्ग ब. राज्य राजमार्ग
स. जिला सड़कें द.
ग्रामीण सड़कें
6. अटल सुरंग का निर्माण किसने कराया?
अ. सीमान्त सड़क संगठन ब. राजमार्ग प्राधिकरण
स. राज्य सरकर द. जिला परिषद
7. मुंबई से थाणे के बीच चलाई गई रेलगाड़ी ने कितनी
दूरी तय की थी?
अ. 31 कि.मी. ब. 32 कि.मी.
स. 33 कि.मी. द. 34 कि.मी.
8. रेल परिवहन के वितरण को प्रभावित करने वाले
कारक कौन - कौन से हैं?
अ. भू-आकृतिक कारक ब. आर्थिक कारक
स. प्रशासकीय कारक द.
उपरोक्त सभी
9. रेल परिवहन किन - किन कार्यों में सहायक हैं?
अ. व्यापार ब. भ्रमण,तीर्थ यात्राएं
स. लंबी दूरी के परिवहन द. उपरोक्त सभी
10. अटल टनल हिमालय के किस पर्वतमाला में स्थित
है?
अ. पीरपंजाल ब. काराकोरम
स. हिमाचल द. शिवालिक
11. पूर्व-पश्चिम और उत्तर - दक्षिण गलियारा किस
शहर में आपस में मिलते हैं?
अ. भोपाल ब. कानपुर
स. झाँसी द. प्रयागराज
12. विश्व की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग-अटल सुरंग
(9.02 किमी) किसके द्वारा बनाई गई है?
अ. केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ब. राज्य लोक निर्माण विभाग
स. सीमा सड़क संगठन द.
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
13. निम्नलिखित में से किस संचार चैनल में न्यूनतम
ट्रांस-शिपमेंट नुकसान या वाहनांतरण देरी होती है?
अ. रेलवे ब. जलमार्ग
स. हवाई मार्ग द. पाइपलाइन
14. भारत का सर्वाधकि सस्ता परिवहन का साधन कौन
सा है?
अ. पाइपलाइन ब. जलमार्ग
स. हवाई मार्ग द. रेलमार्ग
15. समुद्री मार्ग से कितना विदेषी व्यापार होता
है?
अ. 05 प्रतिशत ब. 95 प्रतिशत
स. 20 प्रतिशत द. 80 प्रतिशत
16. भारत का क्रत्रिम और प्राचीन पत्तन कौन सा
है?
अ. चैन्नई ब. कोलकाता
स. कांडला द. न्हावाशेवा
17. जवाहरलाल नेहरू पत्तन स्थित है -
अ. चैन्नई ब. कोलकाता
स. मुंबई द. न्हावाशेवा
18. सर्वाधिक लौह अयस्क किस पत्तन से निर्यात
किया जाता है?
अ. कांडला ब. मारमागोवा
स. मुंबई द. न्हावाशेवा
19. कुद्रेमुख खदानों से निकले लौह अयस्क का निर्यात
किस पत्तन से होता है?
अ. दन्नौर ब. मारमागोवा
स. न्यूमैंगलोर द. कोच्चि
20. कौन-सा पत्तन पूर्वी तट पर स्थित है जो अंतःस्थलीय
तथा अधिकतम गहराई का पत्तन तथा पूर्ण सुरक्षित है?
अ. चेन्नई ब. तूतीकोरिन
स. पारादीप द.विशाखापटनम
21. निर्यात और आयात के कुल मूल्य के बीच अंतर
को क्या कहा जाता है?
अ. भुगतान शेष ब. व्यापार संतुलन
स. अधिशेष बजट द.
संतुलन में कमी
22. कौन सा ऐसा शब्द है जो दो या दो से अधिक देशों
में व्यापार को दर्शाता है
अ.आंतरिक व्यापार ब. बाहरी व्यापार
स. अंतर्राष्ट्रीय
व्यापार द.स्थानीय व्यापार
23. वायु परिवहन का राष्ट्रीयकरण कब हुआ?
अ.1953 ब. 1947
स. 1952 द.2000
सत्य/असत्य लिखिए
1.
परिवहन,
संचार और व्यापार एकदूसरे के पूरक हैं।
2. विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के कारण परिवहन के प्रभाव क्षेत्र
में तीव्र वृद्धि दर्ज हुई है।
3. सक्षम और तीव्र गति के परिवहन की वजह से दुनिया एक बड़े गाँव
में परिवर्तित हो गई है।
4. भारत में पहली रेलगाड़ी 1835 में चलाई गई।
5. सबसे ज्यादा रेल प्रखंड वाला शहर कोलकाता है।
6. भारतीय रेल 68442 किमी लंबे मार्ग को अनेक गेज में तय करती है।
7. सर्वाधिक विदेशी व्यापार जलमार्ग से होता है। एयर इंडिया केवल
घरेलु हवाई सुविधा प्रदान करती है।
8. ऑल इंडिया रेडियो को ही आकाशवाणी कहते हैं।
9. भारत में फिल्म प्रमाणन बोर्ड केवल विदेशी फिल्मों का प्रमाणन
करता है।
एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए -
1. स्वर्णिम चतुर्भज महा राजमार्ग किसके अधिकार क्षेत्र में
आता है?
2. राष्ट्रीय राजमार्ग देश के दूरस्थ भागों को जोड़ते हैं,
इनका अनुरक्षण कौन करता है?
3. सड़क निर्माण में प्रयुक्त पदार्थ के आधार पर सड़कें कितने
प्रकार की होती हैं?
4. भारत में कुल कितने रेल प्रखंड हैं?
5. पश्चिम - मध्य रेल प्रखंड कहाँ स्थित है?
6. मनाली को लाहौल - स्पीति से जोड़ने वाली सुरंग कौन सी है?
7. भारत में अंतःस्थलीय नौसंचालन जलमार्ग कितना है?
8. लैगून के मुहाने पर स्थित प्राकृतिक पोताश्रय कोन सा है?
9. उत्तरी-दक्षिणी गलियारे का उत्तरी छोर कहां स्थित है?
10. 1.676 मीटर चोड़ाई वाले रेलमार्ग को क्या कहते हैं।
11. मांडवी, जुआरी, कंबरजुआ, सुंदरवन, बराक व केरल का पश्चजल क्या हैं।
12. एक नदीय पत्तन का नाम लिखिए।
13. समुद्री मार्ग से होने वाले व्यापार से कितने प्रतिशत विदेशी
मुद्रा प्राप्त होती है?
उत्तरमाला
1 - ख 2 - ग 3 - ख 4 - घ 5 - ग
अन्य बहुविकल्पीय प्रश्नों के
उत्तर |
सत्य/असत्य |
एक वाक्य में उत्तर |
|||||||||
1 |
ब |
13 |
द. |
1 |
सत्य |
6 |
सत्य |
1 |
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण |
||
2 |
स. |
14 |
ब. |
2 |
सत्य |
7 |
सत्य |
2 |
केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग |
||
3 |
अ. |
15 |
ब. |
3 |
सत्य |
8 |
असत्य |
3 |
दो ,कच्ची और पक्की |
||
4 |
ब |
16 |
अ |
4 |
असत्य |
9 |
सत्य |
4 |
19 |
||
5 |
स. |
17 |
स. |
5 |
सत्य |
10 |
असत्य |
5 |
जबलपुर |
||
6 |
अ. |
18 |
ब. |
6 |
अटल टनल |
||||||
7 |
द. |
19 |
स. |
7 |
14500 किलोमीटर |
||||||
8 |
द. |
20 |
द. |
8 |
कोच्चि |
||||||
9 |
द. |
21 |
अ |
9 |
श्रीनगर |
||||||
10 |
द. |
22 |
स. |
10 |
बड़ी लाइन |
||||||
11 |
अ. |
23 |
अ |
11 |
जल मार्ग |
||||||
12 |
स. |
|
|
12 |
कोलकाता |
||||||
13 |
68 प्रतिशत |
उत्तर - कोंकण रेलवे-सन् 1998 में कोंकण रेलवे का निर्माण भारतीय
रेल की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। यह 760 किमी लम्बा रेलमार्ग महाराष्ट्र में रोहा
को कर्नाटक के मंगलौर से जोड़ता है। इसे अभियान्त्रिकी का एक अनूठा चमत्कार माना जाता
है। यह रेलमार्ग 146 नदियों व धाराओं तथा 2000 पुलों एवं 91 सुरंगों को पार करता है।
इस मार्ग में महाराष्ट्र, गोवा तथा कर्नाटक राज्य शामिल हैं। कोकण रेलवे के विकास ने यात्री
और वस्तुओं के आवागमन को सुविधाजनक बनाया है। यद्यपि असंख्य समस्याएं भी हैं,
जैसे - भू स्खलन तथा रेलवे ट्रैक का धंस जाना आदि।
2. पाइपलाइन से किस तरह की वस्तुओं अथवा सामग्री
का परिवहन संभव है?
उत्तर - ठोस पदार्थों को तरल अवस्था में परिवर्तित कर स्लरी
रूप में तथा गैस, दूध
एवं तेल का परिवहन पाइपलाइन से संभव होता है।
3. भारत में राष्ट्रीय जलमार्ग कौन - कौन से हैं? लिखिए।
उत्तर - भारत के प्रमुख राष्ट्रीय जलमार्ग निम्न लिखित हैं
-
1. हल्दिया - इलाहाबाद गंगानदी जलमार्ग
2. सदिया - धुबरी ब्रम्हपुत्र जलमार्ग
3. कोट्टापुरम से कोल्लम (केरल, उद्योगमंडल, चंपक्कारा नहर) जलमार्ग
4. काकीनाड़ा से पुडुचेरि नहर गोदावरी - कृष्णा जल मार्ग
5. मातई नदी, महानदी तथा ब्राम्हाणी नदी जल मार्ग
4. कांडला पत्तन का विकास क्यों किया गया?
उत्तर - आजादी के बाद कराची बंदरगाह पाकिस्तान में चला गया।
इस कमी को पूरा करने तथा मुंबई बंदरगाह के दबाव को कम करने के उद्देश्य से कांडला
( दीनदयाल पत्तन) का विकास किया गया।
5. अवस्थिति के आधार पर पत्तन कितने प्रकार के
हैं?
उत्तर - अवस्थिति के आधार पर पत्तनों के प्रकार निम्नलिखित हैं
-
1. प्राकृतिक पत्तन - मुंबई,
कोच्चि, तूतिकोरिन
2. ज्वारीय पत्तन - कांडला
3. अंतःस्थलीय नदी पत्तन - कोलकाता
6. प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क पर योजना क्या है?
भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का शुभारंभ
वर्ष 25 दिसम्बर 2000 में किया गया था। इस योजना के माध्यम से सभी छोटे एवं बड़े गांवों
की सड़कों को शहरों की पक्की बारहमासी सड़कों से जोड़ा जाता है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क
योजना का प्रबंधन ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और नगरपालिका के नाम माध्यम से किया जाएगा।
7. कच्ची और पक्की सड़कों में दो अंतर लिखिए।
उत्तर –
कच्ची सड़क |
पक्की सड़क |
सीमेंट,कंक्रीट व तारकोल से बनती
हैं। |
मिट्टी, पत्थर और मुरम से
बनती हैं। |
ये सड़कें बारहमासी होती हैं। |
ये सड़कें वर्षा ऋतु में अनुपयोगी हो जाती हैं। |
8. सड़क परिवहन के तीन गुण बताएँ।
उत्तरः सड़क परिवहन के तीन गुण निम्नलिखित हैंः
1. रेल की तुलना में सड़कें बनाने की लागत कम पड़ती है।
2. सड़कें ऊबड़-खाबड़ और विछिन्न भूभागों पर भी बनाई जा सकती हैं।
3. सड़कों के कारण घर घर तक सामान और सेवाएँ पहुँचाना संभव हो
पाता है।
9. रेल परिवहन कहाँ पर अत्यधिक सुविधाजनक परिवहन
साधन है तथा क्यों?
उत्तर - लम्बी दूरी तक लोगों और माल के परिवहन के लिए रेल सबसे
सुविधाजनक साधन है। एक रेलगाड़ी में एक साथ हजारों लोग यात्रा कर सकते हैं। इससे एक
साथ भारी मात्रा में माल ढ़ोया जा सकत है। इससे प्रति इकाई संवहन का खर्च कम हो जाता
है।
10. भारतीय डाक को कितनी श्रेणी में विभाजित किया
गया है? लिखिए।
उत्तर - भारतीय डाक को दो श्रेणी में विभाजित किया गया है।
1. प्रथम श्रेणी - कार्ड व लिफाफा तथा बंद पत्र।
2. दूसरी श्रेणी - रजिस्टर्ड पैकेट, किताबें तथा अखबार आदि
03 अंक वाले प्रश्नोत्तर -
1. स्वर्णिम चतुर्भुज महा राजमार्ग की तीन विषेषताएं
लिखिए।
उत्तर - स्वर्णिम चतुर्भुज सुपर हाईवे की तीन विशेषताएंः
(1) यह दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई मुंबई और दिल्ली को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क विकास की सरकारी
परियोजना है।
(2) यह छह लेन का सुपर हाईवे है।
(3) इसका उद्देश्य भारत के मेगा शहरों के बीच समय और दूरी को
कम करना है।
(4) इसे भारत में माल और यात्रियों की त्वरित और आरामदायक आवाजाही
के लिए छभ्।प् द्वारा लागू किया गया है।
(5) कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु।
2. सड़क परिवहन किन किन समस्याओं से जूझ रहा है?
उत्तर - सड़क परिवहन की प्रमुख चुनौतियां -
1. ज्यादातर सड़कें बारहमासी नहीं होने से वर्षा ऋतु में कठिनाइयों
का सामना करना पड़ता है।
2. भ्रष्टाचार के कारण गुणवत्ता पूएार् सड़कों का निर्माण नहीं
हो पाता है।
3. बढ़ती जनसंख्या के अनुपात में सड़कों का निर्माण नहीं हो पा
रहा है।
4. वाहनों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रही है किंतु उस अनुपात
में सड़कों का चोड़ीकरण नहीं हो रहा है।
3. रेल परिवहन की प्रमुख तीन चुनौतियों को लिखिए।
उत्तर - रेल परिवहन की प्रमुख तीन चुनौतियां निम्नलिखित हैं
-
भारतीय रेल परिवहन अनेक समस्याओं से जूझता हुआ विकास के पथ पर
अग्रसर है। जिनमें निम्नलिखित समस्याएँ हैं
1. पूँजी का अभाव-वर्तमान में देश की जनसंख्या अधिक बढ़ गई है,
जिससे रेलों में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या तथा ढोये
जाने वाले माल की मात्रा में भारी वृद्धि हुई है। अतः रेल परिवहन पर इनका भारी दबाव
है। रेल परिवहन का विकास उसी अनुपात में करने की आवश्यकता है परन्तु देश की आर्थिक
स्थिति कमजोर होने के कारण पूँजी का अभाव है। माँग के अनुरूप विकास कर पाना संभव नहीं
हो रहा है। अतः अर्थव्यवस्था को कारगार व सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है।
2. पटरी की चौड़ाई में भिन्नता- भारत में तीन गेजों अर्थात् तीन
विभिन्न चौड़ाई की पटरियाँ बिछायी गई हैं। जिनके कारण निरन्तर यात्रा एवं माल ढुलाई
में कठिनाई होती है क्योंकि विभिन्न गेजों वाले रेल स्टेशनों में माल एवं यात्रियों
को गाड़ी बदलने की आवश्यकता होती है अतः समय की बर्बादी होती है। इससे शीघ्र नष्ट होने
वाले माल खराब हो जाते हैं। अतः रेलपथ की चौड़ाई की भिन्नता को खत्म करने की आवश्यकता
है। इसी उद्देश्य से रेलवे ने देशभर में सिर्फ बड़ी रेल लाइनें रखने और सभी छोटी लाइनों
को बड़ी लाइन में बदलने की एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है।
3. पुराने रेलपथ- देश की रेल पटरियाँ एवं रेलवे पुल पुराने हो
गये हैं। अब ये अधिक भार व यातायात के योग्य नहीं रहे। इनमें अब दुर्घटनाएँ होने की
संभावनाएँ बढ़ गई हैं। अतः नवीन प्रौद्योगिकी के अनुसार इनका नवीनीकरण,
मरम्मत् एवं देखभाल किया जाना अत्यन्त आवश्यक हो गया है।
4. स्थानाभाव-जनसंख्या वृद्धि एवं नगरों का विस्तार होने के
कारण घने बसे क्षेत्रों में रेलमार्गों के विस्तार के लिए स्थान का अभाव है। ऐसी स्थिति
में महानगरों में रेलपथों का आवश्यकतानुसार विस्तार करना एक कठिन कार्य है। स्थानाभाव
एवं भीड़-भाड़ की समस्या को दूर करने की दृष्टि से कोलकाता एवं दिल्ली में भूमिगत रेलपथ’’
का निर्माण किया गया है।
5. अन्य समस्याएं - बिना टिकट यात्रा,
रेलवे दुर्घटनाएँ, रेलवे पर हमला ,आधुनिक प्रबंधन का अभाव
4. देश की प्रमुख पाइपलाइन कौन - कौन सी हैं? लिखिए।
उत्तर - देश में प्रमुख रूप से तीन पाइपलाइन हैं। जो निम्नानुसार
हैं -
1. हजीरा-जगदीशपुर गैस पाइप लाइन - यह गैस पाइप लाइन है जो पश्चिमी
तट पर हजीरा (गुजरात) से विजयपुर (मध्यप्रदेश) होकर जगदीशपुर (उत्तरप्रदेश) तक बिछाई
गई है। इसकी लम्बाई 1758 कि.मी. है। इस पाइप लाइन से सवाई माधोपुर (राजस्थान) औरेंया,
आँवला, शाहजहाँपुर (उत्तरप्रदेश) के उवर्रक कारखानों को गैस पहुँचाई
जाती है।
2. नाहरकटिया-बरौनी तेल पाइप लाइन - यह खनिज तेल पाइप लाइन असम
के नहरकटिया,नूनामाटी,
गौहाटी से सिलीगुड़ी (पं.बंगाल) होते हुए बिहार राज्य के बरौनी
तक बिछाई गई है। इसे बाद में कानपुर तक बढ़ाया गया। इसकी लम्बाई लगभग 60 कि.मी. है।
3. बरौनी-हल्दिया तेल पाइप लाइन - बिहार के बरौनी से पश्चिम
बंगाल के हल्दिया तक फैली
तेल पाइप लाइन हाल्दिया के तेल शोधन कारखाने को कच्चा माल पहुँचाती
है।
4. बरौनी-जालधर तेल पाइप लाइन - बरौनी-कानपुर पाइप लाइन को दिल्ली,
अम्बाला होते हुए जालंधर तक बढ़ा दिया गया है।
5. सलाया, अंकलेश्वर मथुरा तेल पाइप लाइन - कच्छ की खाड़ी में सलाया (कांडला
के पास) से मथुरा (उत्तरप्रदेश) तक 256 कि.मी. लम्बी खनिज तेल पाइप लाइन बिछायी गयी
है।
6. कुंद्रेमख-मंगलौर लौह अयस्क पाड़प लाइन - कर्नाटक के कुंद्रेमुख
खान से लौह अयस्क का गाढ़ा बनाकर पाइप लाइन द्वारा मंगलौर बंदरगाह तक परिवहन किया जाता
है।
7. आनन्द से अहमदाबाद तक दुग्ध पाड़प लाइन द्वारा दूध का परिवहन
किया जाता है।
5. बंदरगाह और पत्तन में अंतर लिखिए।
उत्तर - बंदरगाह व पत्तन समुद्री परिवहन के केन्द्र होते हैं।
बदरगाह और पत्तन में अंतर है। जलयानों व जहाजों के तट पर आने-जाने,
ठहरने, विश्राम करने के स्थान को बंदरगाह कहते हैं। पत्तन अथवा गोदी
(डॉक) समुद्र तट का वह अन्तः स्थल है जहाँ जहाजों में माल लादने एबं उतारने का कार्य
होता है।
6. बंदरगाह किसे कहते हैं?
उत्तर - बंदरगाह जल व थल के मिलन स्थल होते हैं। भारत के लगभग
7600 कि.मी. लम्बे समुद्र तट पर 13 प्रमुख व 87 छोटे व मध्यम बंदरगाह हैं। भारत का
लगभग 93 प्रतिशत से अधिक व्यापार इन्हीं बंदरगाहों से होता है। देश के व्यापार का वास्तविक
संचालन बंदरगाह ही करते हैं। इस कारण बंदरगाहों को व्यापार के प्रवेश द्वार कहा जाता
है।
7. कौन सी एजेंसी भारत के उत्तर-पूर्वी और तटीय
क्षेत्रों में हवाई यात्रा सेवा प्रदान करती है? बताएं कि भारत
के उत्तर-पूर्वी राज्यों में हवाई परिवहन क्यों प्रदान किया जाता है।
उत्तर - पवनहंस हेलीकॉप्टर लिमिटेड भारत के उत्तर पूर्वी क्षेत्रों
में हवाई यात्रा सेवा प्रदान करता है। निम्नलिखित कारणों से भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों
में हवाई परिवहन को प्राथमिकता दी जाती है;
1. ये राज्य अधिकतर पहाड़ी इलाकों में स्थित हैं और दुर्गम भूभाग
हैं।
2. इस क्षेत्र में घने वन पाये जाते हैं
3. इस क्षेत्र में बड़ी-बड़ी नदियाँ एवं विच्छेदित स्थलाकृति पाई
जाती है।
4. भारी बारिश होना और बार-बार बाढ़ आना।
5. उपरोक्त सभी लिखित कारणों से सड़कें बनाना और रेलवे लाइन बिछाना
बहुत कठिन है। इसीलिए भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में हवाई परिवहन को प्राथमिकता
दी जाती है।
8. सीमांत सड़क क्या हैं? इनका महत्व बताएँ।
उत्तर - सीमा पर स्थित क्षेत्रों को देष से जोड़ने वली सड़कें
सीमांत सड़क होती हैं। सामरिक महत्व को ध्यान में रखते हुए सीमांत सड़क बनाई गई थी ताकि
जरूरत पड़ने पर सैनिकों और आयुधों को सीमा तक पहुँचाया जा सके। इसके अलावा सीमांत सड़कों
ने कुछ दुर्गम इलाकों के लोगों का जीवन ही बदल दिया है। इनका निर्माण सीमांत सड़क संगठन
(BRO) द्वारा कराया जाता है। विश्व की सबसे लंबी सड़क सुरंग अटल टनल
सीमा सड़क संगठन द्वारा बनाई गई है। जिसकी लंबाई 9.02 किलोमीटर है।
9. भारत में कुल कितने डाक मार्ग है?
उनका उल्लेख कीजिए।
उत्तर - भारत में कुल छः डाक मार्ग हैं जो कि निम्नलिखित हैं
-
1. राजधानी मार्ग
2. मेट्रो चैनल
3. ग्रीन चैनल
4. व्यापार चैनल
5. भारी चैनल
6. दस्तावेज चैनल
04 अंक वाले प्रश्नोत्तर -
1. रेल परिवहन की तुलना में सड़क परिवहन के बढ़ते
महत्व के विभिन्न कारण स्पष्ट करें।
उत्तर. 1. सड़कों का निर्माण रेलवे लाइनों की तुलना में बहुत
कम है।
2. सड़कें तुलनात्मक रूप से अधिक विच्छेदित और लहरदार स्थलाकृति
को पार कर सकती हैं।
3. सड़कें ढलानों की ऊंची ढलानों पर चल सकती हैं और इस तरह हिमालय
जैसे पहाड़ों को पार कर सकती हैं।
4. कम दूरी तक कम व्यक्तियों और अपेक्षाकृत कम मात्रा में माल
के परिवहन में सड़क परिवहन किफायती है।
5. यह डोर टू डोर सेवा भी प्रदान करता है,
इस प्रकार लोडिंग और अनलोडिंग की लागत बहुत कम है।
6. सड़क परिवहन का उपयोग परिवहन के अन्य साधनों के फीडर के रूप
में भी किया जाता है जैसे कि वे रेलवे स्टेशन, हवाई और समुद्री बंदरगाहों के बीच एक लिंक प्रदान करते हैं।
2. भारत की सड़कों को उनकी क्षमता के आधार पर वर्गीकरण
कीजिए?
उत्तर - भारत में सड़कों की सक्षमता के आधार पर छः वर्गों में
वर्गीकृत किया गया है -
1. स्वर्णिम चतुर्भुज महा राजमार्ग - यह 6 लेन वाला राष्ट्रीय
राजमार्ग है जो देष के चार महानगरों को आपस में जोड़ता है साथ उत्तर को दक्षिण से तथा
पूर्व को पयिचम से जोड़ने वाला गलियारा भी इसी का हिस्सा है। इसका निर्माण भारतीय राष्ट्रीय
राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा किया गया है।
2. राष्ट्रीय राजमार्ग - केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के अधीन
इस महा मार्ग का निर्माण किया जाता है। जो कि देष के दूरस्थ भागों को आपस में जोड़ता
है।
3. राज्य राजमार्ग - राज्य के सार्वजनिक लोक निर्माण विभाग द्वारा
इसका निर्माण होता है, जो
कि राज्य की राजधानियों को जिला मुख्यालय से जोड़ता है।
4. जिला मार्ग - जिला मुख्यालय से विभिन्न प्रषासनिक इकाईयों
को जोउ़ने वाला स्थानीय मार्ग जिला मार्ग होता है। इसका निर्माण जिला परिषद के अधीन
होता है।
5. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना - भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री
ग्राम सड़क योजना का शुभारंभ वर्ष 25 दिसम्बर 2000 में किया गया था। इस योजना के माध्यम
से सभी छोटे एवं बड़े गांवों की सड़कों को शहरों की पक्की बारहमासी सड़कों से जोड़ा जाता
है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का प्रबंधन ग्राम पंचायत,
पंचायत समिति और नगरपालिका के नाम माध्यम से किया जाएगा।
6. सीमांत सड़क - सीमा पर स्थित क्षेत्रों को देष से जोड़ने वली
सड़कें सीमांत सड़क होती हैं। सामरिक महत्व को ध्यान में रखते हुए सीमांत सड़क बनाई गई
थी ताकि जरूरत पड़ने पर सैनिकों और आयुधों को सीमा तक पहुँचाया जा सके। इसके अलावा सीमांत
सड़कों ने कुछ दुर्गम इलाकों के लोगों का जीवन ही बदल दिया है। इनका निर्माण सीमांत
सड़क संगठन (ठत्व्) द्वारा कराया जाता है। विष्व की सबसे लंबी सड़क सुरंग अटल टनल सीमा
सड़क संगठन द्वारा बनाई गई है। जिसकी लंबाई 9.02 किलोमीटर है।
3. आज राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में परिवहन के सभी
साधनों की अपेक्षा रेल परिवहन प्रमुख हो गया है। स्पष्ट कीजिए।
उत्तर - आज राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में परिवहन के सभी साधनों
की अपेक्षा रेल परिवहन प्रमुख हो गया है। इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं -
1. भारतीय रेलवे देश भर में लोगों, वस्तुओं और सेवाओं को जोड़ने के संदर्भ में महत्त्वपूर्ण घटक
है।
2. रेलवे नेटवर्क ने रोज़गार के अवसर प्रदान करके,
आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर और वस्तुओं तथा सेवाओं की आवाजाही
को सुगम बनाकर भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
3. रेलवे नेटवर्क ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच के अंतर
को पाटने में भी मदद की है। इसने दूरस्थ क्षेत्रों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ा
है और इन क्षेत्रों के आर्थिक विकास में योगदान दिया है।
4. आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण के साथ भारतीय रेलवे भारतीय अर्थव्यवस्था
में और भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने, विकास को गति देने, यात्रियों की सुविधा में सुधार करने और देश के समग्र विकास में
योगदान देने के लिये अग्रसर है।
4. पाइप लाइन परिवहन से लाभ एवं हानि की विवेचना
करें।
उत्तर - पाइप लाइन परिवहन
से लाभ एवं हानि :
पाइप लाइन परिवहन से लाभ :
·
तरल पदार्थों
में गैस की लंबी दूरियों के परिवहन के लिए पाइपलाइन परिवहन का सर्वाधिक सुविधाजनक एवं
सक्षम साधन है।
·
पाइपलाइन
को एक बार बनाने के बाद इसके संचालन में बहुत कम व्यय होता है।
·
दुर्गम तथा
उबड़ खाबड़ धरातल पर भी पाइपलाइन बनाना संभव है। पाइपलाइन परिवहन में ऊर्जा की बचत होती
है।
·
समुद्री जल
में भी पाइपलाइन बिछाना संभव है।
·
इसमें समय
की बचत होती है तथा इससे प्रदूषण भी नहीं होता है।
पाइप लाइन परिवहन से हानि :
·
इसमें लोच
का अभाव होता है, एक
बार बिछाने के बाद इसकी क्षमता में वृद्धि नहीं की जा सकती।
·
पाइपलाइन
की सुरक्षा करना कठिन है तथा भूमिगत पाइपलाइन की मरम्मत में कठिनाई आती है।
·
पाइपलाइन
के टूट जाने के बाद अधिक हानि की संभावना होती है , जिससे भूमि प्रदूषित हो जाती है।
·
पाइपलाइन
परिवहन की संरचना में लागत व्यय अधिक होती है।
5. भारत में राष्ट्रीय जलमार्ग कौन - कौन से हैं? लिखिए।
उत्तर - भारत के प्रमुख राष्ट्रीय जलमार्ग निम्न लिखित हैं
-
1. हल्दिया - इलाहाबाद गंगानदी जलमार्ग
2. सदिया - धुबरी ब्रम्हपुत्र जलमार्ग
3. कोट्टापुरम से कोल्लम (केरल, उद्योगमंडल, चंपक्कारा नहर) जलमार्ग
4. काकीनाड़ा से पुडुचेरि नहर गोदावरी - कृष्णा जल मार्ग
5. मातई नदी, महानदी तथा ब्राम्हाणी नदी जल मार्ग
6. परिवहन और संचार का कुशल नेटवर्क आज के स्थानीय, राष्ट्रीय और
वैश्विक व्यापार के लिए एक पूर्व-आवश्यकता है? व्याख्या करना।
उत्तर. हम अपने दैनिक जीवन में विभिन्न सामग्रियों और सेवाओं
का उपयोग करते हैं। इनमें से कुछ तो हमारे आस-पास ही उपलब्ध हो जाते हैं,
जबकि अन्य आवश्यकताएँ अन्य स्थानों से चीज़ें लाकर पूरी की जाती
हैं। सामान और सेवाएँ आपूर्ति स्थानों से स्थानीय लोगों की मांग की ओर नहीं बढ़ती हैं।
इन वस्तुओं और सेवाओं को उनके आपूर्ति स्थानों से मांग स्थानों तक ले जाने के लिए परिवहन
की आवश्यकता होती है। कुछ लोग इन आंदोलनों को सुविधाजनक बनाने में लगे रहे। ये ऐसे
व्यापारी माने जाते हैं जो उत्पादों को परिवहन के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचाते
हैं। इस प्रकार, किसी देश
के विकास का स्थान वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन के साथ-साथ अंतरिक्ष में उनकी आवाजाही
पर निर्भर करता है। परिवहन आंतरिक और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देता है। यह
देश की रक्षा बनाए रखने में मदद करता है, परिवहन और संचार पर्यटन को बढ़ावा देने में योगदान देता है और
यह विदेशी मुद्रा लाता है। इसलिए तेज़ विकास के लिए परिवहन के कुशल साधन पूर्व-आवश्यकताएँ
हैं।
7. परिवहन तथा संचार के साधन किसी देश की जीवन
रेखा तथा अर्थव्यवस्था क्यों कहे जाते हैं?
उत्तरः परिवहन हमारी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता
है। कच्चे माल को कारखानों तक पहुँचाने और उत्पाद को ग्राहकों तक पहुँचाने के लिए परिवहन
जरूरी होता है। किसी देश का परिवहन तंत्र जितना कुशल होगा वहाँ आर्थिक विकास उतनी ही
तेजी से होगा। परिवहन और संचार तंत्र मिलकर देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान
करते हैं। इसलिए परिवहन तथा संचार के साधन को किसी देश की अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा
कहा जाता है।
8. पिछले पंद्रह वर्षों में अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार
के बदलती प्रवित्ति पर एक लेख लिखें।
उत्तर - व्यापार लोगों,
राज्यों, क्षेत्रों और देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान
है।
दो देशों के बीच होने वाले व्यापार को अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार
कहते हैं। निर्यात और आयात अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के दो प्रमुख घटक हैं।
·
पिछले पंद्रह
वर्षों में (2005 के बाद) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की बदलती प्रकृति निम्नलिखित हैंः
·
पिछले पंद्रह
वर्षों में भारत की ज्ञान आधारित सेवा निर्यात में भारी वृद्धि हुई है। भारत अंतर्राष्ट्रीय
स्तर पर एक सॉफ्टवेयर दिग्गज के रूप में उभरा है।
हम सूचना प्रौद्योगिकी के निर्यात के जरिए भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा अर्जित
कर रहे हैं।
·
वार्षिक रिपोर्ट
2016-17 के अनुसार, वाणिज्य
और उद्योग मंत्रालय, भारत
सरकार, विदेशी पर्यटन
के लिए भारत की रैंक दुनिया की चौथी सबसे अच्छी छुट्टी हैवन है।
·
हमारा देश
दुनिया में जेनेरिक दवाओं और टीकों के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक है। हमारे फार्मास्यूटिकल
उद्योग अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी हैं।
·
सेवाओं में,
भारतीय आईटी निर्यात, पर्यटन उद्योग और चिकित्सा पर्यटन अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के
लिए सबसे तेजी से बढ़ते उद्योगों में से एक हैं।
·
आर्थिक सर्वेक्षण
2016-17 के अनुसार, विनिर्माण
क्षेत्रों से माल का निर्यात कुल निर्यात में सबसे बड़ा है; यह कुल निर्यात का 73.6 प्रतिशत है। एलपीजी सुधार से पहले,
हमारे निर्यात में बड़े पैमाने पर कृषि वस्तुओं का वर्चस्व था लेकिन अब विनिर्माण
क्षेत्र का हैं।
·
विनिर्माण
क्षेत्रों और परिवहन क्षेत्रों के तीव्र विकास के कारण कच्चे पेट्रोलियम और कोकिंग
कोल जैसे अन्य जीवाश्म ईंधन की मांग में भारी वृद्धि हुई है,
परिणामस्वरूप यह हमारे आयात की सबसे बड़ी वस्तु उभर की आयी है।
·
पिछले पंद्रह
वर्षों में उर्वरक और सोने और मोती जैसी कीमती धातुओं के आयात में भी वृद्धि हुई है।
·
अंतरराष्ट्रीय
बाजार में भारत की हिस्सेदारी 2005 में करीब 1 फीसदी थी और अब 2022 में करीब 2.1 फीसदी
है। इसलिए, भारत में
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में भारी वृद्धि हुई है।
आओ अपनी समझ को परखें -
1. पर्यटन को व्यापार क्यों कहते हैं?
2. व्य्व्परी किसे कहते हैं?
आप सफल हों
शुभकामनायें