लोकतंत्र के परिणाम
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लोकतंत्र
के परिणामों का मूल्यांकन कैसे करें?
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उत्तरदायी,
जिम्मेवार और वैध शासन
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आर्थिक संवृद्धि
और विकास
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लोकतंत्र
की आर्थिक उपलब्धियां
·
असमानता और
गरीबी में कमी
नागरिकों की गरिमा और आजादी
सारांश
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लोकतंत्र
के परिणामों का मूल्यांकन कैसे करें? :
o लोकतंत्र सरकार का बेहतर रूप है क्योंकि -
o यह नागरिकों में समानता को बढ़ावा देती है।
o व्यक्ति की गरिमा को बढ़ाता है।
o इससे फैसलों में अेहतरी आती है।
o टकरावों को टालने और संभालने को मौका देता है।
o इसमें गलतियों को सुधारने की गुंजाइश होती है।
·
क्या लोकतांत्रिक
सरकारें प्रभावीं होती हैं?
o दुनिया में लगभग लोग किसी भी शासन व्यवस्था की तुलना में लोकतांत्रिक
शासन व्यवस्था को पसंद तो करते हैं किंतु लोंकतांत्रिक शासन के कामकाज से ज्यादा संतुष्ट
नहीं होते हैं। अर्थात सैद्धांतिक रूप से तो लोकतंत्र अच्छा माना जाता है किन्तु व्यवहार
में अच्छा नहीं मानते। क्यों?
o एक गैर लोकतांत्रिक सरकार को जनता के द्वारा निर्वाचित विधायिका
का सामना नहीं करना पड़ता और इस कारण उसे किसी भी नागरिक या नागरिक समूह को संतुष्ट
करने के लिए मशक्कत नहीं करना पड़ती। जिससे फैसलों को लेने में देरी नहीं होती है। जबकि
लोकतांत्रिक शासन में पूरी प्रक्रिया को पालन करने के कारण फैसलों में देरी हो सकती
है।
उत्तरदायी, जिम्मेवार और वैध शासन -
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उत्तरदायी
सरकार - यह लोकतंत्र ही है जो एक उत्तरदायी सरकार को संभव बनाता है। ऐसी सरकारें संविधान
को मानती हैं और लोगों के प्रति जवाबदेह होती हैं क्योंकि ये वो सरकारें होती हैं जिनका
चुनाव ही जनता द्वारा किया जाता है। यदि जनता सरकार के कामकाज से असंतुष्ट है तो सरकार
बदलने का भी विकल्प खुला होता है।
· जिम्मेवार
सरकार - लोकतांत्रिक सरकार अन्य सरकारों की अपेक्षा ज्यादा पारदर्शी होती है। जनता
को यह जानने का अधिकार होता है कि सरकार के फैसले लेने का आधार क्या है तथा फैसले के
आधार पर कार्य हुआ या नहीं!
· वैध सरकार
- लोकतांत्रिक सरकार सभी समस्याओं के समाधान की जादुई छड़ी तो नहीं होती क्योंकि इसमें
सुस्ती, भ्रष्टाचार,
कम कार्यकुशलता सब कुछ दिखता है। लेकिन फिर भी यह अपने नागरिकों
की जरूरतों को अनदेखा नही कर सकती।
आर्थिक संवृद्धि और विकास -
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आर्थिक विकास
अनेक कारकों जैसे देश की जनसंख्या का आकार, वैश्विक स्थिति, अन्य देशों से सहयोग ओर देश द्वारा तय आर्थिक प्राथमिकताओं पर
निर्भर करता है।
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तानाशाही
व्यवस्था में आर्थिक विकास की दर ज्यादा हो सकती है तो भी शासन करने की लोकतांत्रिक
व्यवस्था ही सर्वश्रेष्ठ होती है। क्योंकि इसके अनेक सकारात्मक लाभ होते हैं।
लोकतंत्र की आर्थिक उपलब्धियां -
तानाशाहियों और लोकतांत्रिक देशों के आर्थिक विकास की तुलना
करने पर तानाशाहियों का रिकॉर्ड बेहतर है किन्तु यह बेहतरी संसाधन सम्पन्न देशों
में तो ठीक है लेकिन गरीब देशों में तानाशाहियों का आर्थिक विकास गरीब लोकतांत्रिक
देशों के समान ही दिखता है। जबकि तानाशाही नागरिकों के प्रति संवेदनशील नहीं होती है।
असमानता और गरीबी में कमी -
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आर्थिक असमानता
तो लगभग पूरी दुनिया में ही बढ़ रही है। भारत में भी जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा गरीबी
रेखा के नीचे है। लोकतंत्र वाली व्यवस्था से अमीर - गरीब की असमानता मिटाने की उम्मीद
ज्यादा होती है किन्तु लोकतंत्र अधिकांश देशों में आर्थिक असमानता को मिटाने में असफल
ही रहा है।
सामाजिक विविधताओं में सामंजस्य -
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हर देश सामाजिक
और सांस्कृतिक विविधताओं से भरा हुआ होता है। इसलिए विभिन्न वर्गों के बीच टकराव होना
स्वाभविक है। केवल लोकतंत्र ही टकरावों को संभालने और उनको टालने के साथ साथ उनको समाप्त
करने में सक्षम होता है। कुठ अपवाद हो सकते हैं जैसे श्रीलंका।
नागरिकों की गरिमा और आजादी -
·
लोकतंत्र
ने नोगरिकों को गरिमा और उनको आजादी प्रदान की है। भारत में अनेक सामाजिक वर्ग हैं
जिन्होंने विभिन्न कारणों से वर्षों तक उत्पीड़न झेला है। लेकिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया
के स्वरूप इस वर्ग के लोग सामाजिक व्यस्था में अपना स्थान बनाते हुए अपने अधिकार हासिल
कर रहे हैं।
स्त्री असमानता -
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लोकतंत्र
ही वह कारण है जिसमें महिलाओं ने अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई। और स्त्री - पुरूष
समानता की स्थापना हुई। जबकि तानाशाहियों में तो आज भी यह संभव नहीं है।
जातिगत असमानता -
·
जातिगत असमानता
भारत में गहरी जड़ें जमाए हुए है किन्तु लोकतंत्र के कारण अब इसमें कमी आ रही है।
01 अंक की तैयारी हेतु महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर -
- रिक्त स्थानों
की पूर्ति कीजिए -
1. एक लोकतांत्रिक शासन
...................... के लिए उत्तरदायी है।
2. गैर लेकतांत्रिक सरकारों
में .................... नहीं होती।
3. नागरिकों को सूचनाओं को साझा ..................... व्यवस्था
में किया जाता है।
- सत्य/असत्य चुनिए
-
1. सैद्धांतिक रूप से तो
लोकतंत्र का अच्छा माना जाता है किंतु व्यवहार में अच्छा नहीं माना जाता।
2. लोकतंत्र से व्यक्ति के
सम्मान में कमी आ जाती है।
3. लोकतांत्रिक व्यवस्था
राजनीतिक समानता पर आधारित होती है।
4. दुनिया के अधिकांश समाज
स्त्री प्रधान समाज रहे हैं।
-
एक वाक्य/शब्द में उत्तर दीजिए
-
1. आर्थिक संवृद्धि के मायने
में किस शासन व्यवस्था का रिकॉर्ड अच्छा है?
2. लोकतांत्रिक सरकार किस
मायने में वैध होती है?
-
सही विकल्प चुनिए -
1. लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के संदर्भ में इनमें से
कौन - सा विचार सही है - लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं ने सफलतापूर्वक :
अ. लोगों के बीच टकराव को समाप्त कर दिया है।
ब. लोगों के बीच आर्थिक असमानताएं समाप्त कर दी हैं।
स. हाशिए के बीच समूहों से कैसा व्यवहार हो,
इस बारे में सारे मतभेद मिटा दिए गए हैं।
द. राजनीतिक गैर बराबरी के विचार को समाप्त कर दिया है।
2. लोकतंत्र के मूल्यांकन के लिहाज से इनमें कोई एक चीज लोकतांत्रिक
व्यवस्थाओं के अनुरूप नहीं है। उसे चुनें :
अ. स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव ब. व्यक्ति की गरिमा
स. बहुसंख्यकों का शासन द.
कानून के समक्ष समानता
3. लोकतांत्रिक व्यवस्था के रानीतिक और सामाजिक असमानताअें
के बारे में किए गए अध्ययन बताते हैं कि -
अ. लोकतंत्र और विकास साथ ही चलते हैं।
ब. लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में असमानताएं बनी रहती हैं।
स. तानाशाही में असमानताएं नहीं होती।
द. तानाशाहियां लोकतंत्र से बेहतर साबित हुई हैं।
4. नागरिकों को समानता का अधिकार देता है :
अ. लोकतंत्रीय सरकार ब. तानाशाही
सरकार
स. राजशाही सरकार द. वर्ग तंत्रीय
सरकार
5. लोकतंत्र के लिए आवश्यक है :
अ. धनबल ब. स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव
स. अषिक्षा द. निरंकुशता
6. भारत में वयस्क मताधिकार की उम्र है :
अ. 18 वर्ष ब. 21 वर्ष
स. 24 वर्ष द. 25 वर्ष
7. जनता का, जनता के लिए
जनता के द्वारा कथन का संबंध है -
अ. लोकतंत्र से ब. राजतंत्र से
स. कुलीन
तंत्र से द. वर्गतंत्र से
8. निम्न में से किस देष की आधी आबादी गरीबी में
जीवन यापन करती है?
अ. नेपाल ब. श्रीलंका
स. पाकिस्तान द. बांग्लादेश
9. संसार में किस प्रकार की सरकार विद्यमान हैं ?
अ. लोकतांत्रिक ब. तानाशाही
स. राजतांत्रिक द. उपयुर्क्त
सभी
10. निम्न में से किस क्षेत्र में प्रजातांत्रिक सरकारों
ने सफलता हासिल की है?
अ. आर्थिक विकास ब. निष्पक्ष चुनाव
स. सेना के प्रभुत्व का अंत द.
संप्रदायों में सौहार्द्र
11. जांच,परख और परीक्षा
कभी खत्म नहीं होती -
अ. लोकतंत्र में ब. राजतंत्र में
स. तानाशाही में द.
कुलीन तंत्र में
12. भारत के किस पड़ौसी देष में अक्सर तानाशाही व्यवस्था
आ जाती है?
अ. नेपाल ब. भूटान
स. पाकिस्तान द. म्यांमार
13. आर्थिक असमानता से क्या अभिप्राय है?
अ. धन का समान रूप से बँटवारा ब. धन का लिंग के आधार पर बँटवारा
स. धन का असमान वितरण द.
धन का शिक्षा के आधार पर वितरण
14. आर्थिक विकास के मामलों में किसका रिकॉर्ड बेहतर
दिखाई पड़ता है?
अ. तानाशाही ब. सैन्यशाही
स. लोकशाही द.
वर्गशाही
उत्तरमाला
बहुविकल्पीय
प्रश्नों के उत्तर |
सत्य/असत्य |
एक
वाक्य/शब्द में उत्तर |
|||||||
1 |
द. |
8 |
द. |
1 |
सत्य |
1 |
तानाशाही |
||
2 |
स. |
9 |
द. |
2 |
असत्य |
2 |
जनता द्वारा निर्वाचित होती है |
||
3 |
अ. |
10 |
ब. |
3 |
सत्य |
||||
4 |
अ. |
11 |
अ. |
4 |
असत्य |
||||
5 |
ब. |
12 |
स. |
रिक्त
स्थानों की पूर्ति |
|||||
6 |
अ. |
13 |
स. |
1 |
जनता |
||||
7 |
अ. |
14 |
अ. |
|
2 |
पारदर्शिता |
|||
3 |
लोकतांत्रिक |
1. लोकतंत्र शासन प्रणाली
बेहतर क्यों है? कोई दो कारण
लिखें।
उत्तर -
1. नागरिकों में समानता को बढ़ावा देती है।
2. गलतियों को सुधारने की गुंजाइश होती है।।
2. सबसे महत्वपूर्ण दो लोकतांत्रिक
व्यवस्थाएं कौन सी है जिनसे लोकतंत्र को तौला जाता है?
उत्तर - 1. नियमित और निष्पक्ष चुनाव 2. खुली सार्वजनिक चर्चा
3. लोकतंत्र किन स्थितियों
में सामाजिक विविधता को संभालता है? किन्हीं दो स्थितियों की चर्चा कीजिए।
उत्तर -
1. लोकतंत्र में अल्पमत और बहुमत की राय कोई स्थाई चीज नहीं होती
है। बहुमत के शासन का अर्थ लोकतंत्र नहीं होता अपितु अल्पमत का ध्यान रखना इसका तत्व
होता है।
2. बहुमत के शासन का अर्थ धर्म, नस्ल अथवा भाषायी आधार पर बहुसंख्यकों का शासन नहीं होता है।
जन्म के आधार पर होने वाले भेदभाव को दूर करना इसका प्रमुख लक्षण होता है।।
4. लोकतंत्र किस तरह उत्तरदायी,
जिम्मेवार और वैध सरकार का गठन करता है?
उत्तरः एक लोकतांत्रिक सरकार जनता के लिए जवाबदेह होती है। यदि
कोई सरकार जनता की उम्मीदों के हिसाब से काम नहीं करती है तो अगले चुनाव में जनता उसे
हटा देती है। इसलिए एक लोकतांत्रिक सरकार को जनता के लिए उत्तरदायी होना पड़ता है। ऐसी
सरकार को बहुमत से चुना जाता है इसलिए यह एक वैध सरकार होती है।
उत्तरः विविधता के कारण टकराव को पूरी तरह से हटाया नहीं जा
सकता। लेकिन लोकतंत्र में ऐसे टकराव को न्यूनतम स्तर पर रखना संभव हो पाता है। लोकतंत्र
में आम राय से बात आगे बढ़ती है और इस तरह से समाज के विभिन्न समूहों की आकांछाओं का
सम्मान किया जाता है। यह दर्शाता है कि लोकतंत्र कि तरह से सामाजिक विविधताओं को सँभालता
है और उनके बीच सामंजस्य बैठाता है।
6. निम्नलिखित कथनों के पक्ष
या विपक्ष में तर्क देंः
औद्योगिक देश ही लोकतांत्रिक व्यवस्था का भार उठा सकते हैं पर
गरीब देशों को आर्थिक विकास करने के लिए तानाशाही चाहिए।
उत्तरः कई तानाशाह देशों के उदाहरण से पता चलता है कि ऐसी शासन
व्यवस्था में आर्थिक विकास ठीक से होता है लेकिन कुछ ऐसे लोकतांत्रिक देश भी हैं जहाँ
की अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में है। कई गरीब देशों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में रहते
हुए भी तरक्की की है; हाँ
उनकी वृद्धि की दर थोड़ी धीमी जरूर है। यदि हम लाभ और हानि की तुलना करें तो कह सकते
हैं केवल धनी बनने की आकांछा से तानाशाह को अपनाना सही विकल्प नहीं हो सकता है।
उत्तरः रोजगार के अधिक से अधिक अवसर पैदा करने के लिए यह जरूरी
होता है कि उद्योग और बुनियादी ढ़ाँचे पर अधिक खर्च करना चाहिए लेकिन हम सामाजिक सुरक्षा
की भूमिका को नजरअंदाज नहीं कर सकते। कई लोग इतनी गरीब और दबे हुए होते हैं कि उनकी
स्थिति सुधारने के लिए मदद की जरूरत होती है। ऐसे लोगों के लिए सबसे पहले गरीबी उन्मूलन,
स्वास्थ्य सुविधाएँ और शिक्षा को मुहैया कराना चाहिए। उद्योग
और सामाजिक सुरक्षा पर खर्च करने के मामले में एक सही तालमेल होना जरूरी है।
8. नागरिकों के बीच आर्थिक
समानता अमीर और गरीब, दोनों
तरह के लोकतांत्रिक देशों में है।
उत्तरः यह एक वास्तविकता है कि किसी भी तरह की शासन व्यवस्था
क्यों न हो जाए लेकिन आर्थिक असमानता को हटाया नहीं जा सकता। रूस और चीन जैसे देशों
का समाजवाद के साथ पुराना अनुभव बतलाता है ऐसा समाज बनाना असंभव है जहाँ सभी लोग आर्थिक
रूप से समान हों। यही बात लोकतंत्र के लिए भी लागू होती है।
9. लोकतंत्र में सभी को एक ही वोट का अधिकार है। इसका मतलब है कि लोकतंत्र में किसी तरह का प्रभुत्व और टकराव नहीं होता।
उत्तरः सैद्धांतिक रूप से यह सही है कि एक व्यक्ति और एक वोट
होने से प्रभुत्व के टकराव को समाप्त किया जा सकता है। लेकिन वास्तविक दुनिया में ऐसा
नहीं होता क्योंकि समाज काफी जटिल होता है। लोगो या लोगों के समूह का यह नैसर्गिक गुण
होता है कि दूसरे पर अपना प्रभुत्व जमाएँ। इसलिए किसी भी समाज में प्रभुत्व का टकराव
तो होग ही। लेकिन ये बात भी सच है कि लोकतंत्र में इस तरह के टकराव को काफी हद तक कम
किया जा सकता है।
10. नीचे दिए गये ब्यौरों
में लोकतंत्र की चुनौतियों की पहचान करें। ये स्थितियाँ किस तरह नागरिकों के गरिमापूर्ण,
सुरक्षित और शांतिपूर्ण जीवन के लिए चुनौती पेश करती हैं। लोकतंत्र
को मजबूत बनाने के लिए नीतिगत-संस्थागत उपाय भी सुझाएँः
उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद ओड़िसा में दलितों और गैर-दलितों
के प्रवेश के लिए अलग-अलग दरवाजा रखने वाले एक मंदिर को एक ही दरवाजे से सबको प्रवेश
की अनुमति देनी पड़ी।
उत्तरः यह उदाहरण लोगों के आत्मसम्मान और स्वतंत्रता की रक्षा
की चुनौती को दर्शाता है। इस उदाहरण में समानता का अधिकार दिलाने के लिए न्यायपालिका
ने हस्तक्षेप किया।
11. भारत के विभिन्न राज्यों
में बड़ी संख्या में किसान आत्महत्या कर रहे हैं।
उत्तरः यह आर्थिक असमानता की चुनौती को दर्शाता है। सरकार किसी
प्रकार का कर्जा माफी लागू कर सकती है ताकि किसानों को आत्महत्या करने के लिए बाध्य
न होना पड़े। इसके साथ ही सरकार कृषि उत्पाद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करके
भी किसानों की मदद कर सकती है।
12. जम्मू-कश्मीर के गंडवारा
में मुठभेड़ बताकर जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा तीन नागरिकों की हत्या करने के आरोप को
देखते हुए इस घटना के जाँच के आदेश दिए गये।
उत्तरः यह उदाहरण स्वतंत्रता, आत्मसम्मान और समानता के अधिकर की चुनौती को दर्शाता है। इस
मामले में पुलिस और न्यायपालिका को सही कदम उठाने की जरूरत है।
03 और 04 अंकों के लिए प्रश्नोत्तर -
1. लोकतंत्र किस तरह उत्तरदायी, जिम्मेवार और
वैध सरकार का गठन करता है?
उत्तर - लोकतांत्रिक व्यवस्था उत्तरदायी,
जिम्मेवार ओर वैध सरकार का गठन करती है। निम्नलिखित तत्वों से
इसे समझा जा सकता है -
(1) उत्तरदायी सरकार-लोकतंत्र एक उत्तरदायी सरकार है क्योंकि यह
लोगों की सरकार है, लोगों
द्वारा बनाई गयी हैं तथा लोगों के लिए है। लोग सरकार बनाने के लिए अपने प्रतिनिधियों
का चुनाव करते हैं। प्रतिनिधि लोगों के प्रति जिम्मेवार होते हैं। लोगों को अधिकार
है कि यदि वे प्रतिनिधियों के कामकाज से संतुष्ट नहीं है तो अपने प्रतिनिधि बदल सकते
हैं।
(2) जिम्मेवार सरकार - लोकतंत्र सभी प्रक्रियाओं को मानकर निर्णय
लेती हैं। लोकतंत्र में लोगों को यह जानने का अधिकार है कि की निर्णय पूरे कायदे-कानूनों
के अनुसार किए गए हैं। इसे पारदर्शिता कहते हैं। यह चीज अक्सर गैर-लोकतांत्रिक सरकारों
में नहीं होती है।
(3) वैध सरकार -लोकतंत्र सरकार एक मामले में निश्चित रूप से अन्य
शासनों से बेहतर है -यह वैध शासन व्यवस्था है। यह सुस्त हो सकती है,
कम कार्यकुशलता हो सकती है, इसमें भ्रष्टाचार हो सकता है, यह लोगों की जरूरतों को कुछ हद तक अनदेखी कर सकती है,
लेकिन लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था लोगों को अपनी शासन -व्यस्वस्था
है। इसी कारण पूरी दुनिया में लोकतंत्र के विचार के प्रति जबस्दस्त समर्थन का भाव है।
लोग अपने द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों का शासन चाहते हैं। ये यह भी मानते हैं कि लोकतंत्र
उनके देश के लिए उपयुक्त हैं अपने लिए समर्थन पैदा करने की लोकतंत्र की क्षमता भी लोकतंत्र
का एक परिणाम ही है और इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती। इसके लिए निम्नलिखित व्यवस्था
का अनुपालन किया जाता है -
1. स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव
2. कानूनों के निर्माण पर
खली चर्चा
3. सूचना का अधिकार
2. लोकतंत्र
किन स्थितियों में सामाजिक विविधता को सँभलता है और उनके बीच सांमजस्य बैठाता है?
उत्तर - लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं अनेक जरह की सामाजिक विभाजनों
को सँभालती हैं। इसके लिए लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना
होता है -
(1) सामाजिक विविधता एक अनिवार्य परिस्थिति है। एक लोकतांत्रिक व्यवस्था,
सामाजिक विविधताओं को सँभालने की सुनिश्चित प्रक्रिया पर आधारित
होती है। अतः लोकतांत्रिक व्यवस्था में सामाजिक विविधता गंभीर टकराव या हिंसक रूप नहीं
ले पाती है।
(2) लोकतंत्र में सामजिक विविधता को सम्मानपूर्वक देखा जाता है तथा
उनमें सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास किया जाता है।
(3) लोकतंत्र का सीधे -सीधे अर्थ बहुमत की राय से शासन करना नहीं
है। बहुमत को सदा ही अल्पमत का ध्यान रखना होता है। तभी सरकार जान-सामान्य की इच्छा
का प्रतिनिधित्व कर पाती है।
(4) बहुमत के शासन का अर्थ धर्म, नस्ल अथवा भाषाई आधार के बहुसंख्यक समूह का शासन नहीं होता।
लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपने मताधिकार द्वारा किसी-न-किसी अवसर पर बहुमत का
हिस्सा बनने का मौका मिलता है।
(5) लोकतंत्र में अल्पमत राजनीतिक दल तथा बहुमत प्राप्त राजनीतिक
दल का महत्वपूर्ण स्थान है। दोनों पक्ष एवं विपक्ष के रूप में अपनी भूमिका निभाते हैं।
गंभीर मतभेद के बावजूद वे देश के विकास में सामंजस्य बैठाते हैं और जन-कल्याण के नीति-निर्धारण
में अपना योगदान करते हैं।
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